उज्जैन में दर्दनाक सड़क हादसा: एक्टिवा पर जा रही सास-बहू को कार ने मारी टक्कर, सीसीटीवी फुटेज वायरल

उज्जैन में एक्टिवा पर जा रही सास-बहू को पुलिस स्टीकर वाली कार ने मारी टक्कर, दोनों गंभीर रूप से घायल। परिवार का आरोप - पुलिस कर रही चालक को बचाने की कोशिश। सीसीटीवी फुटेज हो रहा वायरल।

उज्जैन में दर्दनाक सड़क हादसा: एक्टिवा पर जा रही सास-बहू को कार ने मारी टक्कर, सीसीटीवी फुटेज वायरल
एक्टिवा पर जा रही सास-बहू को कार ने मारी टक्कर

उज्जैन में एक दर्दनाक सड़क हादसे का मामला सामने आया है, जहां रिश्तेदारों से मिलने जा रही एक सास-बहू की एक्टिवा को एक कार ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है।

हादसे का पूरा विवरण

साईं विहार कॉलोनी की रहने वाली 56 वर्षीय शारदाबाई (पति हेमराज मालवीय) और उनकी बहू बुलबुल (पति सोहन मालवीय) अपने रिश्तेदार से मिलने के लिए महानंदानगर जा रही थीं। वे अपनी एक्टिवा स्कूटर पर इंदौर-देवास बायपास रोड से गुजर रही थीं जब अचानक एक कार (नंबर MP 09 DP 4750) ने लापरवाहीपूर्वक तेज गति से चलाते हुए उनकी स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी।

इस टक्कर के कारण शारदाबाई और बुलबुल दोनों एक्टिवा से नीचे गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के समय शारदाबाई का छोटा पुत्र पवन और उनकी बहू ज्योति भी उनके पीछे-पीछे आ रहे थे। जब उन्होंने अपनी मां और भाभी को दुर्घटनाग्रस्त देखा, तो उन्होंने तुरंत दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

पीड़ितों की स्थिति गंभीर

जानकारी के अनुसार, इस हादसे में शारदाबाई को हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि बुलबुल को सिर, पैर और कंधे पर चोटें आई हैं। दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, लेकिन अभी भी उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों महिलाओं को पूरी तरह से ठीक होने में काफी समय लग सकता है।

घटना का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद कार चालक ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की मानवीयता नहीं दिखाई। इसके बजाय, उसने अपनी गाड़ी तेज गति से भगा ली और उसे पुलिस लाइन में छिपा दिया। पवन ने कार पर लगे पुलिस स्टीकर को देखा था और साथ ही गाड़ी का नंबर भी नोट कर लिया था।

जब पवन और उसके साथी कार की खोज में पुलिस लाइन पहुंचे, तो उन्हें वही दुर्घटनाग्रस्त कार वहां खड़ी मिली। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया कि यही वह कार है जिसने उनकी मां और भाभी को टक्कर मारी थी। हालांकि, पवन का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने उनका सहयोग करने की बजाय उन्हीं से विवाद करना शुरू कर दिया, जिसका वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

माधव नगर थाना पुलिस ने इस मामले में कार चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। लेकिन पवन का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी चालक का मेडिकल परीक्षण नहीं करवाया, जो यह जांचने के लिए जरूरी था कि वह नशे में था या नहीं।

परिवार के आरोप

पवन का आरोप है कि जिस कार ने उनकी मां और भाभी को टक्कर मारी थी, वह पुलिस विभाग द्वारा उपयोग की जा रही थी और उस पर पुलिस का स्टीकर भी लगा था। उनका मानना है कि यही कारण है कि शुरुआती दौर में पुलिस उचित कार्रवाही करने की बजाय चालक को बचाने में लगी हुई थी।

स्थानीय समाजसेवियों और मीडिया के दबाव के बाद ही पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और चाहता है कि दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

सामाजिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और लापरवाह ड्राइविंग के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।

सड़क सुरक्षा की चिंता

यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करती है। उज्जैन शहर में बढ़ते यातायात और लापरवाह ड्राइविंग के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग को सड़क सुरक्षा के लिए अधिक सख्त उपाय करने की आवश्यकता है।

यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नियमों का सख्ती से पालन करवाना भी जरूरी है। विशेष रूप से, अधिक गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मीडिया कवरेज और जनमत

इस घटना की व्यापक मीडिया कवरेज हो रही है, और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई स्थानीय और क्षेत्रीय समाचार चैनलों ने इस मामले को प्रमुखता से दिखाया है। जनता की प्रतिक्रिया के कारण, पुलिस प्रशासन पर इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।

पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि वे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।

आगे की कार्रवाई

माधव नगर थाना पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने क्षेत्र के अन्य सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं और कई गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। आरोपी कार चालक की पहचान की गई है, और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भी मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। वे चाहते हैं कि पीड़ितों के इलाज का पूरा खर्च आरोपी से वसूला जाए और उन्हें उचित मुआवजा भी दिया जाए।

सार्वजनिक सुरक्षा सुझाव

इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए, यातायात विशेषज्ञ निम्नलिखित सुझाव देते हैं:

  1. हमेशा वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और गति सीमा का पालन करें
  2. दो पहिया वाहन चालकों को हमेशा हेलमेट पहनना चाहिए
  3. मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन न चलाएं
  4. शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करके वाहन न चलाएं
  5. यातायात नियमों का पालन करें और सड़क संकेतों को ध्यान में रखें

इस दुखद घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है। उम्मीद की जाती है कि इस मामले में न्याय होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।