सतना: प्रतिमा बागरी का दिलीप अहिरवार पर पलटवार, जाति विवाद में कानूनी कदम की तैयारी
सतना में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कांग्रेस नेता दिलीप अहिरवार के जाति पर सवाल को लेकर पलटवार किया। गजट नोटिफिकेशन का हवाला देकर कानूनी कदम की चेतावनी दी। पढ़ें पूरा मामला।

( मोहम्मद फारूक ) मध्य प्रदेश के सतना से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री और रैगांव विधानसभा सीट से विधायक प्रतिमा बागरी ने कांग्रेस नेता दिलीप अहिरवार के उनकी जाति पर उठाए गए सवालों का करारा जवाब दिया है। प्रतिमा बागरी ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे उनकी जाति को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि बागरी जाति अनुसूचित जाति (SC) में शामिल है और इसका गजट नोटिफिकेशन मौजूद है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही और इसके लिए सलाह-मशवरा शुरू करने की जानकारी दी। यह मामला पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश की मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामला क्या है?
प्रतिमा बागरी सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से विधायक हैं, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। हाल ही में भोपाल में कांग्रेस नेता दिलीप अहिरवार ने बागरी जाति के अनुसूचित जाति में शामिल होने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद यह विवाद सुर्खियों में आ गया। दिलीप अहिरवार के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हुई। अब इस मामले में प्रतिमा बागरी ने खुलकर अपनी बात रखी है और कांग्रेस पर पलटवार किया है।
प्रतिमा बागरी का जवाब
सतना में मौजूद राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के पास जनता के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए वे मेरी जाति पर सवाल उठा रहे हैं। बागरी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने का गजट नोटिफिकेशन हो चुका है। यह कोई नई बात नहीं है और इसे लेकर सवाल उठाना बिल्कुल गलत है।" उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की यह रणनीति उनकी हताशा को दिखाती है। प्रतिमा बागरी ने यह भी बताया कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही हैं और इसके लिए अपने सलाहकारों से बातचीत कर रही हैं।
राजनीतिक माहौल गर्माया
यह विवाद मध्य प्रदेश की सियासत में एक नया मोड़ लेकर आया है। रैगांव विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं प्रतिमा बागरी अब प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री के पद पर हैं। उनकी जीत और अब यह जाति विवाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच तनाव को और बढ़ा रहा है। कांग्रेस नेता दिलीप अहिरवार के सवालों ने जहां एक तरफ बागरी जाति की पहचान पर बहस छेड़ दी, वहीं प्रतिमा बागरी के जवाब ने इस मामले को और गरमा दिया। सोशल मीडिया पर लोग इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। कोई इसे कांग्रेस की साजिश बता रहा है, तो कोई इसे जातिगत राजनीति का हिस्सा मान रहा है।
बागरी जाति और गजट नोटिफिकेशन
प्रतिमा बागरी ने अपने बयान में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि बागरी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने का आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन मौजूद है। यह नोटिफिकेशन भारत सरकार द्वारा जारी किया गया एक दस्तावेज है, जो किसी जाति को SC, ST या OBC श्रेणी में शामिल करने की पुष्टि करता है। प्रतिमा बागरी का कहना है कि जब यह बात पहले से साफ है, तो इस पर सवाल उठाना न सिर्फ उनकी छवि को खराब करने की कोशिश है, बल्कि बागरी समुदाय का भी अपमान है।
आगे क्या होगा?
प्रतिमा बागरी ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले को यूं ही नहीं छोड़ेंगी। कांग्रेस नेता दिलीप अहिरवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। उनके इस कदम से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। अगर यह मामला कोर्ट तक पहुंचता है, तो यह मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। वहीं, कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दिलीप अहिरवार या कांग्रेस पार्टी इस पलटवार का क्या जवाब देती है।
जातिगत सियासत का नया अध्याय
यह पूरा मामला एक बार फिर जातिगत राजनीति को सामने लाता है। मध्य प्रदेश में जहां एक तरफ विकास के मुद्दे चर्चा में रहते हैं, वहीं इस तरह के विवाद सियासत को नई दिशा दे रहे हैं। प्रतिमा बागरी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अपनी बात मजबूती से रखी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह विवाद कहां तक जाता है और इसका राजनीतिक परिणाम क्या होगा।