ग्वालियर: GRMC महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत, हॉस्टल में फांसी! पुलिस जांच में जुटी
ग्वालियर में GRMC की महिला डॉक्टर डॉ. रेखा रघुवंशी ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला, मामले की जांच जारी।

ग्वालियर में स्थित गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) में अध्ययनरत एक महिला डॉक्टर ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना शनिवार रात जेएएच कैंपस स्थित यमुना गर्ल्स हॉस्टल में घटी, जहां 30 वर्षीय डॉ. रेखा रघुवंशी का शव उनके कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है।
डॉ. रेखा रघुवंशी: एक प्रतिभाशाली छात्रा
डॉ. रेखा रघुवंशी ग्वालियर के प्रतिष्ठित गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) में न्यूरोलॉजी विषय में डीएम (DM) की पढ़ाई कर रही थीं। वे सेकंड ईयर की छात्रा थीं और बेहद मेहनती और होनहार मानी जाती थीं। मूल रूप से वे मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के ग्राम मढ़ना खिरिया की रहने वाली थीं। उनके पिता भानु सिंह रघुवंशी पेशे से किसान हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। उनका एक बड़ा भाई भी है, जो प्राइवेट जॉब में कार्यरत है।
हॉस्टल में मिला शव, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
शनिवार देर रात जब अन्य छात्राओं को संदेह हुआ तो उन्होंने हॉस्टल प्रशासन को जानकारी दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे तोड़ने पर डॉक्टर रेखा का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। मौके पर तफ्तीश के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस अब अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
परिजनों को दी गई सूचना, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
घटना की जानकारी मिलते ही GRMC प्रशासन ने मृतका के परिजनों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कंपू थाना पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि डॉक्टर रेखा के इस कदम के पीछे क्या कारण था।
जांच के लिए गठित की गई टीम
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध तत्व सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस मृतका के करीबी दोस्तों, सहपाठियों और हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं से पूछताछ कर रही है।
क्या मानसिक तनाव था वजह?
अभी तक आत्महत्या के पीछे का सही कारण सामने नहीं आया है, लेकिन मेडिकल छात्रों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव होता है, जिससे मानसिक तनाव का खतरा भी बढ़ जाता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं डॉक्टर रेखा किसी तरह की व्यक्तिगत या पेशेवर समस्या से तो नहीं जूझ रही थीं।
कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया
GRMC प्रबंधन ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और कहा कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि डॉक्टर रेखा एक प्रतिभाशाली छात्रा थीं और उनके जाने से कॉलेज में शोक की लहर है।
इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के छात्र गहरे सदमे में हैं। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की मांग की है।
पुलिस अपील: मानसिक स्वास्थ्य को न करें नजरअंदाज
इस मामले को लेकर पुलिस ने सभी युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे अपने मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। यदि कोई भी तनाव या अवसाद महसूस करता है, तो तुरंत अपने दोस्तों, परिवार या किसी विशेषज्ञ से बात करें। जीवन अनमोल है और हर समस्या का समाधान संभव है।
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी संभावित कारणों की पड़ताल कर रही है। डॉक्टर रेखा रघुवंशी की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा।