बुरहानपुर में रैली, जुलूस और धरने पर कलेक्टर का सख्त प्रतिबंध, जानें पूरा आदेश
बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह ने जिले में रैली, जुलूस, धरना और प्रदर्शन पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। जानें नए नियम, अनुमति प्रक्रिया और उल्लंघन की सजा।

बुरहानपुर जिले में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और जनसामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हर्ष सिंह ने एक सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू किया गया है और यह जिले की पूरी सीमा पर प्रभावी होगा। इस आदेश के तहत रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन जैसे किसी भी आयोजन के लिए अब सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं कि यह नियम क्या कहता है और इसका असर आम लोगों पर कैसे पड़ेगा।
रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन आदि के संबंध में @dmburhanpur ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP#बुरहानपुर pic.twitter.com/5amiUDqS14 — Collector Burhanpur (@dmburhanpur) March 27, 2025
क्या है कलेक्टर का नया आदेश?
कलेक्टर हर्ष सिंह ने अपने आदेश में साफ कहा है कि बुरहानपुर जिले में कोई भी व्यक्ति या समूह बिना अनुमति के रैली, प्रभात फेरी, जुलूस, शोभायात्रा, धरना, प्रदर्शन या ज्ञापन जैसे आयोजन नहीं कर सकेगा। इसके अलावा धार्मिक और सार्वजनिक सभाओं या जुलूसों के लिए भी पहले क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) से लिखित अनुमति लेनी होगी। अगर कोई सार्वजनिक स्थल पर पंडाल लगाना चाहता है, तो इसके लिए भी प्रशासन की मंजूरी जरूरी होगी।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 के तहत लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल भी बिना अनुमति के प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम जिले में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
बुरहानपुर जिला प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंधात्मक आदेश जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। पिछले कुछ समय से विभिन्न जिलों में अनियोजित रैलियों और प्रदर्शनों के कारण तनाव की स्थिति देखी गई है। ऐसे में प्रशासन ने पहले से ही सावधानी बरतते हुए यह कदम उठाया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। खासकर त्योहारों और बड़े आयोजनों के मौसम में इस तरह के नियम लागू करना जरूरी समझा गया।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इस आदेश का सबसे बड़ा असर उन संगठनों और समूहों पर पड़ेगा जो अक्सर रैली, जुलूस या धरने जैसे तरीकों से अपनी बात रखते हैं। अब उन्हें हर छोटे-बड़े आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई धार्मिक जुलूस या सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना चाहता है, तो उसे पहले SDM कार्यालय में आवेदन करना होगा। वहीं, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी पाबंदी से शादियों और अन्य समारोहों में पहले से प्लानिंग करनी पड़ेगी।
हालांकि, प्रशासन का यह कदम आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए है। अनुमति की प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि आयोजन व्यवस्थित तरीके से हों और किसी को असुविधा न हो। लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि यह नियम छोटे आयोजनों के लिए भी अनावश्यक औपचारिकता बढ़ा सकता है।
नियम तोड़ने की सजा
कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि अगर कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, कानूनी कार्रवाई या स्थिति के आधार पर अन्य सजा शामिल हो सकती है। इसलिए सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस नियम का पालन करें और बिना अनुमति कोई भी आयोजन न करें।
कैसे लें अनुमति?
अनुमति लेने के लिए आपको अपने क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के कार्यालय में संपर्क करना होगा। आवेदन में आयोजन का उद्देश्य, तारीख, समय, स्थान और शामिल होने वाले लोगों की संख्या जैसी जानकारी देनी होगी। प्रशासन इसकी जांच के बाद अनुमति देगा या अस्वीकार करेगा।
प्रशासन की सख्ती, नागरिकों की जिम्मेदारी
बुरहानपुर में कलेक्टर हर्ष सिंह का यह प्रतिबंधात्मक आदेश जिले में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, यह नियम नागरिकों से थोड़ी अतिरिक्त जिम्मेदारी की मांग करता है। अगर आप कोई आयोजन करने की सोच रहे हैं, तो समय रहते अनुमति ले लें ताकि किसी परेशानी से बचा जा सके।