खजुराहो में बेटे ने गदा से की पिता की हत्या: चचेरा भाई घायल, पुलिस जांच में जुटी

मध्य प्रदेश के खजुराहो में एक युवक ने हनुमान मंदिर से गदा लाकर अपने पिता की हत्या कर दी और चचेरे भाई को घायल कर दिया। आरोपी रामपाल मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जांच शुरू की।

खजुराहो में बेटे ने गदा से की पिता की हत्या: चचेरा भाई घायल, पुलिस जांच में जुटी
बेटे ने गदा से की पिता की हत्या

मध्य प्रदेश के खजुराहो से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक युवक ने अपने ही पिता की गदा से पीट-पीटकर हत्या कर दी और बचाव के लिए आए चचेरे भाई पर भी हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह घटना खजुराहो के भरवां गांव में हुई, जहां आरोपी रामपाल ने सोमवार सुबह अपने पिता मलकूराम को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

यह खौफनाक वारदात खजुराहो के भरवां गांव में सोमवार सुबह हुई। बताया जा रहा है कि आरोपी रामपाल मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उसने सबसे पहले हनुमान मंदिर से गदा उठाई और फिर घर लौटकर अपने पिता मलकूराम पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गदा से हुए इस हमले में मलकूराम की मौके पर ही मौत हो गई। जब चचेरा भाई महेश पाल बीच-बचाव करने आया, तो रामपाल ने उस पर भी गदा से वार कर दिया। महेश गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रामपाल को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मृतक मलकूराम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें रामपाल अपने पिता की लाश के पास सड़क पर बैठा दिखाई दे रहा है। वीडियो में उसके हाथ-पैर बंधे हैं और वह अजीब-अजीब बातें कह रहा है। वह कहता सुनाई दे रहा है, "मैंने अपने पिता का खून कर दिया है। हमारे बच्चे भूखे रो रहे हैं। 40 हजार का मोबाइल चला गया। डरना नहीं है। देखो हम किस हालत में हैं।" यह वीडियो देखकर हर कोई हैरान है कि आखिर एक बेटा अपने पिता के साथ ऐसा कैसे कर सकता है।

परिवार का कहना: रामपाल की मानसिक हालत ठीक नहीं थी

परिवार वालों ने बताया कि रामपाल पिछले पांच-छह दिनों से अजीब हरकतें कर रहा था। उसकी मानसिक हालत को देखते हुए उसे घर पर रस्सी से बांधकर रखा जाता था। सोमवार सुबह किसी बात को लेकर उसका विवाद हुआ, जिसके बाद उसने गुस्से में रस्सी खोल दी और हनुमान मंदिर से गदा लाकर यह खौफनाक कदम उठाया। परिवार के एक सदस्य ने कहा, "हमें यकीन नहीं हो रहा कि वह ऐसा कर सकता है। वह मानसिक रूप से बीमार था, लेकिन अपने पिता की हत्या जैसा कदम उठाएगा, इसकी कल्पना भी नहीं की थी।" इस घटना ने पूरे परिवार को स्तब्ध कर दिया है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहा है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उसकी मानसिक स्थिति की जांच करेंगे। यह पता लगाया जाएगा कि वह वास्तव में बीमार है या कोई और वजह है।" पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने कहा कि जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई सनसनी

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रामपाल सड़क पर अपने पिता की लाश के पास बैठा दिख रहा है। उसने बनियान तक नहीं पहनी है और उसके हाथ-पैर बंधे हुए हैं। वह बार-बार अजीब बातें दोहरा रहा है, जो इस घटना को और रहस्यमयी बना रहा है। लोगों का कहना है कि यह वीडियो देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे मानसिक बीमारी का नतीजा बता रहे हैं, तो कुछ इसे पारिवारिक विवाद से जोड़कर देख रहे हैं।

खजुराहो: मंदिरों का शहर और अब यह कांड

खजुराहो को दुनिया भर में इसके प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। लेकिन इस घटना ने इस शांत और खूबसूरत शहर को सुर्खियों में ला दिया। लोग हैरान हैं कि जिस जगह का नाम कला और संस्कृति से जुड़ा है, वहां ऐसी दिल दहलाने वाली घटना कैसे हो सकती है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।

आगे क्या?

पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू की जांच कर रही है। रामपाल की मानसिक स्थिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उसने यह कदम क्यों उठाया। फिलहाल, गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस घटना से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है- क्या मानसिक बीमारी को समय रहते पहचान लिया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था? क्या परिवार और समाज को इस तरह के मामलों में और सतर्क रहने की जरूरत है?