बुरहानपुर: धूलकोट में शॉर्ट सर्किट से 6 मकान जले, परिवारों का सब कुछ खाक

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के धूलकोट में शॉर्ट सर्किट से 6 कच्चे मकान जल गए। 10 बकरियां मरीं, ₹10,000 नगद और अनाज नष्ट। प्रशासन ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की।

बुरहानपुर: धूलकोट में शॉर्ट सर्किट से 6 मकान जले, परिवारों का सब कुछ खाक
देर रात धूलकोट क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट से लगी आग

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के धूलकोट क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत उताम्बी में बुधवार-गुरुवार की देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी भीषण आग ने छह कच्चे मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में पीड़ित परिवारों का पूरा सामान जलकर राख हो गया। हादसे में 10 बकरियों की मौत हो गई, ₹10,000 नगद, 2 किलो चांदी और मक्का, गेहूं, ज्वार जैसे अनाज के साथ-साथ घर-गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया। स्थानीय प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

हादसे का विवरण

यह दिल दहला देने वाली घटना देर रात उस वक्त हुई, जब ग्राम पंचायत उताम्बी में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने आसपास के छह कच्चे मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। कच्चे मकानों में आग तेजी से फैली और परिवारों के पास कुछ भी बचाने का मौका नहीं मिला। पीड़ितों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि उनकी आंखों के सामने ही सब कुछ जलकर खाक हो गया। इस हादसे में न सिर्फ उनका घर उजड़ा, बल्कि उनकी मेहनत से कमाया गया सामान और पशुधन भी नष्ट हो गया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही नेपानगर के एसडीएम मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने पंचनामा तैयार किया, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा प्रदान किया जा सके। हालांकि, इस हादसे ने ग्रामीणों के बीच दहशत और गम का माहौल पैदा कर दिया है।

पीड़ित परिवारों की आपबीती

हादसे में प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके पास अब कुछ भी नहीं बचा है। एक पीड़ित ने बताया, "हमारी जिंदगी की सारी कमाई इस आग में जल गई। हमारे पास न तो रहने की जगह बची है और न ही कोई सामान। बकरियां हमारी आजीविका का हिस्सा थीं, वे भी मर गईं। अब हम सरकार से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।" एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि शॉर्ट सर्किट की वजह से पहले भी छोटी-मोटी घटनाएं हुई थीं, लेकिन इस बार हादसा इतना बड़ा हो गया कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

नेपानगर के एसडीएम ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाएगी। पंचनामा तैयार करने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, "हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बिजली व्यवस्था की जांच भी की जाएगी।" प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने का वादा किया कि पीड़ितों को अस्थायी आवास और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए।

शॉर्ट सर्किट: ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता खतरा

यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में शॉर्ट सर्किट से होने वाले खतरों की ओर इशारा करती है। पुरानी बिजली लाइनों, खराब वायरिंग और रखरखाव की कमी के कारण ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

आगे की राह

फिलहाल, पीड़ित परिवार प्रशासन से मुआवजे और पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस हादसे ने न केवल उनकी जिंदगी को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे गांव में एक अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को ऐसी घटनाओं के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि कोई और परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार न बने।

राहत और जागरूकता की जरूरत

बुरहानपुर के धूलकोट क्षेत्र में हुई यह घटना एक चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि पीड़ितों को कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी मदद मिल पाती है। इस बीच, यह जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।