सैलानी बाबा की दरगाह: भूतों का मेला और अद्भुत उपचार की अनोखी परंपरा

मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित सैलानी बाबा की दरगाह पर हर साल भूत-प्रेत बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए लगने वाला मेला चर्चा में है। जानिए इस अद्भुत स्थान और यहां होने वाली अनोखी घटनाओं के बारे में।

सैलानी बाबा की दरगाह: भूतों का मेला और अद्भुत उपचार की अनोखी परंपरा
सैलानी बाबा की दरगाह, जहां लगता है भूतों का मेला

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित जामली सैय्यद गांव के पास, सैलानी बाबा की दरगाह एक रहस्यमयी और अनोखी जगह के रूप में जानी जाती है। यह दरगाह अपनी 80 साल पुरानी परंपराओं और यहां होने वाले भूत-प्रेतों के मेले के लिए प्रसिद्ध है। यहां आने वाले लोग हर साल होली से एक दिन पहले से लेकर रंग पंचमी तक भूत-प्रेत बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए आते हैं। इस दौरान एक अनोखी घटना होती है, जिसे लोग "भूतों की अदालत" के नाम से जानते हैं।

भूतों की अदालत: एक रहस्यमयी परंपरा

हर साल होली के ठीक एक दिन पहले सैलानी बाबा की दरगाह पर प्रेत बाधा से पीड़ित लोग आते हैं, और वहां एक अनोखा मेला लगता है। इस मेले में कोई तंत्र-मंत्र या झाड़-फूंक नहीं होती। लोग बाबा की दरगाह की जाली को पकड़ते हैं, और उसके बाद कुछ ही क्षणों में वहां भूत-प्रेत की डरावनी आवाजें सुनाई देती हैं। इस अद्भुत प्रक्रिया को देखकर लोग चौंक जाते हैं, क्योंकि बाबा की दरगाह में मौजूद चमत्कारी शक्ति से यह सब होता है।

यहां आने वाले लोगों का मानना है कि बाबा भूतों को सजा देते हैं और उन्हें शरीर से बाहर निकालते हैं। उन लोगों को जो भूत-प्रेत और अन्य बाहरी बाधाओं से जूझ रहे होते हैं, सैलानी बाबा की दरगाह में सजा देने के बाद राहत मिलती है। इस अदालत में आने वाले लोग अपने शरीर से बुरी आत्माओं को बाहर करने के लिए बाबा की मदद से मुक्ति पाते हैं।

दरगाह की जादुई शक्ति

इस दरगाह की एक खासियत यह है कि यहां कोई तंत्र-मंत्र का प्रयोग नहीं होता, न ही कोई झाड़-फूंक की जाती है। लोग केवल बाबा की जाली को पकड़ते हैं और उसके बाद चमत्कारी रूप से भूत-प्रेत की आवाजें सुनने लगते हैं। यह आवाजें इतनी डरावनी होती हैं कि सुनने वाला व्यक्ति भयभीत हो जाता है। लेकिन यह सब एक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें बाबा की अदृश्य शक्ति से भूत-प्रेत बाहर निकलते हैं और लोगों को राहत मिलती है।

मेला और इसकी परंपरा

सैलानी बाबा की दरगाह पर होने वाला मेला हर साल होली से रंग पंचमी तक आयोजित होता है। यह मेला खासतौर पर प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों के लिए होता है। इस दौरान लोग टेंट लगाकर पांच दिनों तक यहां रहते हैं। लोग मानते हैं कि इस दौरान बाबा की विशेष चादर पेश की जाती है, जिससे उन लोगों को राहत मिलती है जो भूत-प्रेत या अन्य बाधाओं से परेशान हैं। यहां आने वाले लोग हर साल इस मेले में भाग लेते हैं और विश्वास करते हैं कि बाबा की शक्ति से उनकी समस्याओं का समाधान होता है।

क्यों आते हैं लोग?

सैलानी बाबा की दरगाह पर साल दर साल लोग इस विश्वास के साथ आते हैं कि बाबा के दरबार में उनकी समस्याओं का हल मिलेगा। दरगाह में होने वाली अद्भुत घटनाओं से लोग हैरान होते हैं और उन्हें यह एहसास होता है कि उनकी प्रेत बाधाओं का अंत हो चुका है। जो लोग यहां से लाभान्वित होते हैं, वे हर साल इस स्थान पर हाजिरी लगाने आते हैं, और दूसरों को भी यह जगह दिखाते हैं, ताकि उन्हें भी राहत मिल सके।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

सैलानी बाबा की दरगाह न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक परंपरा का भी हिस्सा बन चुकी है। यहां हर साल हजारों लोग आते हैं, और यह मेला न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं का भी प्रतीक है। भूत-प्रेत के शिकार लोगों के लिए यह स्थल एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है, जहां वे बाबा से राहत की उम्मीद करते हैं।

एक चमत्कारी स्थल की अनोखी परंपरा

सैलानी बाबा की दरगाह का मेला न केवल एक अद्भुत अनुभव है, बल्कि यह भूत-प्रेत बाधाओं से जूझ रहे लोगों के लिए एक आशा का प्रतीक है। यहां होने वाली घटनाएं और बाबा की शक्ति, इस स्थान को एक रहस्यमयी और चमत्कारी स्थल बनाती हैं। यदि आप भी किसी मानसिक या शारीरिक प्रेत बाधा से परेशान हैं, तो यह दरगाह एक बार जरूर देखिए। यहां की विशेष परंपराएं और बाबा की अद्भुत शक्ति आपको राहत प्रदान कर सकती हैं।