मधुमक्खियों का हमला: उज्जैन के राष्ट्रीय ड्रॉप बॉल प्रतियोगिता में 8 घायल

उज्जैन के बड़नगर स्थित सीएम राइज स्कूल में राष्ट्रीय ड्रॉप बॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानिए पूरी घटना का विवरण।

मधुमक्खियों का हमला: उज्जैन के राष्ट्रीय ड्रॉप बॉल प्रतियोगिता में 8 घायल
मधुमक्खियों का हमला

मध्य प्रदेश के उज्जैन के बड़नगर में आयोजित राष्ट्रीय ड्रॉप बॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह अचानक त्रासदी में बदल गया जब मधुमक्खियों के झुंड ने खिलाड़ियों और अतिथियों पर हमला कर दिया। इस हादसे में आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

अचानक हुआ हमला, मची अफरा-तफरी

दरअसल उज्जैन से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित बड़नगर के सीएम राइज स्कूल में राष्ट्रीय स्तर की अमेच्योर ड्रॉप बॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। देश भर से आई 26 टीमों के महिला और पुरुष खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए थे।

उद्घाटन समारोह शुरू होने ही वाला था कि अचानक स्कूल के पीछे के पेड़ से मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड उड़कर कार्यक्रम स्थल पर आ गया। बड़नगर भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष नवीन राठौर के अनुसार, "स्कूल के पीछे एक पेड़ पर वर्षों से मधुमक्खियों का छत्ता था। कार्यक्रम के दौरान कुछ धुआं होने से मधुमक्खियां छत्ते से निकलकर उड़ीं और उन्होंने वहां मौजूद सभी लोगों पर हमला कर दिया।"

हमले के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। खिलाड़ी, कोच और अतिथि सभी मधुमक्खियों से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। चारों ओर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल था।

घायलों को तुरंत पहुंचाया अस्पताल

घटना की सूचना मिलते ही बड़नगर अस्पताल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मधुमक्खियों के हमले से घायल हुए लोगों को अस्पताल ले जाया गया। घायलों में मुंबई से आए कोच सुनील लीलाराम, खिलाड़ी मनस्वी, राज सिंह, दीपक मक्कार, रानी चौधरी के साथ ही उज्जैन की पूजा राठौर और अन्य खिलाड़ी शामिल हैं।

स्थानीय विधायक जितेंद्र पंड्या घटना के समय स्कूल में ही मौजूद थे। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस बुलवाई और बाद में स्वयं भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना। विधायक ने डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और घायल खिलाड़ियों और कोच को हिम्मत बंधाई।

"आप घबराएं नहीं, मैं आपके साथ हूं," विधायक पंड्या ने घायलों से कहा और उनका हौसला बढ़ाया।

प्रतियोगिता का भविष्य अनिश्चित

इस अनपेक्षित घटना के बाद प्रतियोगिता के आगे के कार्यक्रम के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। देश भर से आए खिलाड़ियों के लिए यह एक निराशाजनक स्थिति है, जो राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अपना प्रदर्शन दिखाने के लिए उत्साहित थे।

स्थानीय प्रशासन ने स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में मधुमक्खियों के छत्तों की जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

सुरक्षा उपायों पर उठे सवाल

इस घटना ने आयोजकों की ओर से की गई सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से पहले परिसर का सम्पूर्ण निरीक्षण किया जाना चाहिए था और मधुमक्खियों के छत्ते जैसे संभावित खतरों को पहचानकर उनका समाधान किया जाना चाहिए था।

"यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे," एक स्थानीय अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।

इस घटना ने एक बार फिर हमें याद दिलाया है कि प्राकृतिक खतरों से सावधानी बरतनी कितनी जरूरी है, खासकर जब बड़े आयोजन किए जा रहे हों। अब सभी की नजरें घायलों के स्वास्थ्य और प्रतियोगिता के भविष्य पर टिकी हैं।