ग्वालियर क्रिकेट स्टेडियम होगा 50,000 दर्शकों की क्षमता वाला, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की घोषणा

ग्वालियर के शंकरपुर स्थित क्रिकेट स्टेडियम का होगा विस्तार, 30,000 से बढ़कर 50,000 हो जाएगी दर्शकों की क्षमता। बीसीसीआई से मिलेगी वित्तीय सहायता। 14 साल के सूखे के बाद फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चहल-पहल।

ग्वालियर क्रिकेट स्टेडियम होगा 50,000 दर्शकों की क्षमता वाला, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की घोषणा
ग्वालियर क्रिकेट स्टेडियम का होगा भव्य विस्तार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर क्रिकेट स्टेडियम के विस्तार की घोषणा की है। मौजूदा 30,000 की क्षमता से बढ़ाकर इसे 50,000 दर्शकों की क्षमता वाला विश्वस्तरीय स्टेडियम बनाया जाएगा, जिससे शहर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की नई उड़ान भरेगी।

14 साल के सूखे के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी

ग्वालियर ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी करके एक नया इतिहास रचा। शंकरपुर स्थित नवनिर्मित क्रिकेट स्टेडियम में 6 अक्टूबर को भारत और बांग्लादेश के बीच T20 मुकाबला खेला गया। यह मैच ग्वालियर के लिए विशेष था क्योंकि इसने शहर में 14 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सूखे को समाप्त किया।

सिंधिया ने अपने बयान में कहा, "हमने 14 साल के सूखे के वातावरण को समाप्त किया है। अब ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में अनेक अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को करीब से देखने का मौका मिलेगा।"

बीसीसीआई से मिलेगी आर्थिक मदद

स्टेडियम के विस्तार के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बीसीसीआई से स्टेडियम के विस्तार के लिए राशि आ रही है, जो इस परियोजना को गति देगी।

विस्तार के बाद, ग्वालियर का क्रिकेट स्टेडियम देश के प्रमुख क्रिकेट स्थलों में से एक होगा। 50,000 दर्शकों की क्षमता इसे उत्तर भारत के बड़े क्रिकेट केंद्रों में स्थापित करेगी।

क्षेत्रीय क्रिकेट को मिलेगा बढ़ावा

नए विस्तारित स्टेडियम से न केवल अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी सुनिश्चित होगी, बल्कि इससे क्षेत्रीय क्रिकेट के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। युवा क्रिकेटरों को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा और घरेलू टूर्नामेंट भी बड़े पैमाने पर आयोजित किए जा सकेंगे।

स्थानीय क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने बताया, "विस्तारित स्टेडियम में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ उन्नत प्रशिक्षण केंद्र भी होंगे, जो युवा प्रतिभाओं को निखारने में मदद करेंगे। इससे ग्वालियर और चंबल क्षेत्र से अधिक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।"

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से ग्वालियर के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा। बड़े टूर्नामेंट के दौरान हजारों पर्यटक और क्रिकेट प्रेमी शहर में आएंगे, जिससे होटल, रेस्तरां, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों को लाभ होगा।

स्थानीय व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों से शहर की अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलेगा। हम ग्वालियर को क्रिकेट टूरिज्म के नक्शे पर देखना चाहते हैं, और यह विस्तार उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह

ग्वालियर के क्रिकेट प्रेमियों ने इस घोषणा का बेसब्री से स्वागत किया है। स्थानीय क्रिकेट क्लब के सदस्य राहुल शर्मा ने कहा, "भारत-बांग्लादेश मैच के दौरान जिस तरह से स्टेडियम हाउसफुल था, वह दिखाता है कि यहां क्रिकेट के प्रति कितना जुनून है। 50,000 की क्षमता वाला स्टेडियम होने से हम बड़े मैच, शायद आईपीएल मैच भी यहां देख सकेंगे।"

ग्वालियर के मेयर ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "यह शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी के लिए तैयार हैं और यह स्टेडियम विस्तार हमारे शहर को वैश्विक मानचित्र पर लाएगा।"

केंद्रीय मंत्री सिंधिया की इस घोषणा से ग्वालियर न केवल क्रिकेट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, बल्कि शहर की पहचान और गौरव में भी वृद्धि होगी। स्टेडियम के विस्तार का काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, और क्रिकेट प्रेमी इस स्वप्न परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।