मध्य प्रदेश: युवक ने रची खुद के अपहरण की साजिश, पुलिस ने खोला राज
मध्य प्रदेश के रीवा में एक युवक ने बाइक की किस्त और जेब खर्च के लिए अपने ही अपहरण की फर्जी साजिश रच डाली। पुलिस ने पकड़कर खोला राज। पूरी खबर पढ़ें।

मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी ही किडनैपिंग की साजिश रच डाली। वजह? बाइक की किस्त भरना और जेब खर्च के लिए पैसे जुटाना। इस शातिर युवक ने अपने अपहरण की फोटो खींचकर परिजनों को भेजी और 2 लाख रुपये की फिरौती मांगी। लेकिन उसकी ये चाल ज्यादा दिन नहीं चल पाई और पुलिस ने उसे धर दबोचा। पूछताछ में सारा खेल खुल गया कि ये अपहरण पूरी तरह से फर्जी था। आइए, इस अजीबोगरीब घटना की पूरी कहानी को आसान भाषा में समझते हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल ये घटना रीवा जिले के सामान थाना क्षेत्र की है। यहां जीउला में रहने वाली एक महिला ने 29 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज की कि उनका बेटा अमन विश्वकर्मा किडनैप हो गया है। महिला ने बताया कि अमन इलाज के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उनके फोन पर अमन की फोटो आईं, जिसमें वो रस्सियों से बंधा हुआ दिख रहा था। साथ ही फिरौती के लिए 2 लाख रुपये की डिमांड भी की गई। मां ने बेटे से फोन पर बात की, तो उसने अपहरण की बात कही। लेकिन पुलिस को कुछ शक हुआ और उन्होंने मामले की तह तक जाने की ठानी।
पुलिस ने मां-बेटे की बातचीत का ऑडियो सुना, जिसमें कुछ गड़बड़ लगी। इसके बाद पुलिस ने अमन की तलाश शुरू कर दी। फिर 1 अप्रैल को अमन सामान थाना क्षेत्र के बदराव तालाब के पास घूमता दिखा। पुलिस को देखते ही वो भागने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। जब उससे सख्ती से पूछताछ हुई, तो सारा सच सामने आ गया।
फर्जी अपहरण का खुलासा
अमन ने पुलिस को बताया कि उसे बाइक की किस्त भरने और जेब खर्च के लिए पैसे चाहिए थे। इसके लिए उसने अपने ही अपहरण की नाटक रच डाला। उसने शहर छोड़कर अपने गांव सोहागी के ददरी इलाके में जंगल में जाकर खुद की फोटो खींची। इन फोटोज में उसने खुद को बंधक जैसा दिखाया और अपनी मां को भेज दिया। फिर फोन करके मां को डराया कि उसका अपहरण हो गया है और 2 लाख रुपये नहीं दिए तो जान से मार दिया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि अमन ने इस साजिश में हथियार का भी इस्तेमाल किया था, जो बाद में उसके पास से बरामद कर लिया गया। ये सुनकर हर कोई हैरान है कि कोई इतना बड़ा नाटक सिर्फ जेब खर्च और बाइक की किस्त के लिए कर सकता है।
पुलिस की सतर्कता से खुला राज
पुलिस की तारीफ करनी पड़ेगी, जिसने इस मामले को हल्के में नहीं लिया। मां-बेटे की बातचीत में कुछ ऐसा था, जो पुलिस को खटका। अगर पुलिस ने शुरुआती शक न किया होता, तो शायद ये मामला और उलझ जाता। अमन को पकड़ने के बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने सारी साजिश कबूल कर ली। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
लोग क्या कह रहे हैं?
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। कोई इसे युवक की नादानी बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि आजकल के लड़के पैसे के लिए क्या-क्या नहीं करते। सोशल मीडिया पर भी लोग इस खबर को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कोई मजाक उड़ा रहा है, तो कोई कह रहा है कि मां-बाप को भी बच्चों पर नजर रखनी चाहिए।
आज के दौर की सच्चाई
ये घटना आज के समय की एक कड़वी सच्चाई को भी दिखाती है। युवाओं में आसान तरीके से पैसा कमाने की चाहत बढ़ती जा रही है। बाइक की किस्त और जेब खर्च जैसी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी लोग गलत रास्ते चुन रहे हैं। इस मामले में अमन ने जो किया, वो गलत था, लेकिन ये भी सोचने वाली बात है कि क्या उसे सही रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी सिर्फ उसकी ही थी?
सबक और सजा
रीवा का ये फर्जी अपहरण का मामला एक सबक है। पुलिस ने अपनी सतर्कता से इसे सुलझा लिया, लेकिन ये घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है। अगर अमन ने अपनी मां से खुलकर अपनी परेशानी बताई होती, तो शायद ये नौबत न आती। अब वो कानून के शिकंजे में है और उसे अपनी गलती की सजा भुगतनी पड़ेगी।