Barwani News: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा एक रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई एक आंगनवाड़ी सहायिका की शिकायत के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम संगोदा बेडीपुरा निवासी उर्मिला सोलंकी की नियुक्ति 17 सितंबर 2025 को आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर हुई थी। आरोप है कि नियुक्ति के बाद करीब आठ महीने तक उन्हें मानदेय नहीं मिला। जब उन्होंने अपने बकाया मानदेय के भुगतान के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया तो उनसे रिश्वत की मांग की गई।
20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप
लोकायुक्त द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना ठीकरी के परियोजना अधिकारी धन्नालाल दांगी और विभाग में पदस्थ भृत्य दिनेश खतवासे पर आवेदिका से 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना था कि आठ महीने का रुका हुआ मानदेय जारी कराने के बदले यह राशि मांगी जा रही थी।
इस संबंध में उर्मिला सोलंकी ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई, जिसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
5 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया व्यक्ति
लोकायुक्त टीम ने 2 जून 2026 को जाल बिछाकर कार्रवाई की। आरोप है कि दिनेश खतवासे के कहने पर राजेश पाटीदार नामक व्यक्ति रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 5 हजार रुपये लेने पहुंचा था। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और संबंधित दस्तावेज जब्त किए। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि रिश्वत की मांग और लेन-देन में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
इन धाराओं के तहत कार्रवाई
लोकायुक्त संगठन ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है और आगे साक्ष्यों के आधार पर अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
लोकायुक्त की टीम ने की कार्रवाई
इस ट्रैप कार्रवाई में कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, आरक्षक विजय कुमार, आशीष नायडू, पवन पटोरिया, कमलेश परिहार, मनीष माथुर और प्रभात मोरे शामिल रहे।
आम जनता से की गई अपील
लोकायुक्त संगठन ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो नागरिक इसकी शिकायत सीधे लोकायुक्त कार्यालय में कर सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायत सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
यह कार्रवाई एक बार फिर बताती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत करने पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं और आम नागरिक भी ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।









