मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई थमने का नाम नहीं ले रही। एक बार फिर लोकायुक्त इंदौर ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। बडवानी जिले में तैनात एक सरकारी बाबू को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया गया। यह कार्रवाई 6 अप्रैल 2026 को अंजाम दी गई और पूरे इलाके में इसकी चर्चा है।
कौन है आरोपी?
पकड़े गए शख्स का नाम है श्री प्रदीप मण्डलोई, उम्र 36 साल। ये राजपुर, जिला बडवानी स्थित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जनजाति कार्य विभाग में सहायक ग्रेड-3 और लेखा शाखा प्रभारी के पद पर काम करते थे। मूल रूप से खरगोन जिले के रायबीडपुरा के रहने वाले प्रदीप मण्डलोई पर आरोप है कि उन्होंने एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त शिक्षक से रिश्वत ऐंठी।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत करने वाले हैं श्री बाबूलाल नरगावे, जो बडवानी जिले के बकवाडी गांव के निवासी हैं और माध्यमिक विद्यालय देवला से उच्च श्रेणी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
बाबूलाल जी के बेटे विशाल नरगावे की नियुक्ति सेंधवा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय केलवानी में प्राथमिक शिक्षक के पद पर हुई थी। दुर्भाग्यवश विशाल की असमय मृत्यु हो गई। बेटे की मौत के बाद परिवार पहले से टूटा हुआ था। ऐसे में सरकार की अनुकम्पा नियुक्ति नीति के तहत विशाल की पत्नी यानी बाबूलाल जी की पुत्रवधु को शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुलवानिया में भृत्य पद पर नियुक्ति मिली।
यहीं से शुरू हुई इस भ्रष्टाचार की कहानी। पुत्रवधु की नौकरी तो मिल गई, लेकिन PRAN नंबर भोपाल से आना बाकी था, जिसके बिना वेतन नहीं मिल सकता था। इस काम को जल्दी करवाने और वेतन दिलवाने के एवज में आरोपी प्रदीप मण्डलोई ने बाबूलाल जी से 8,000 रुपये रिश्वत की मांग कर दी। एक बुजुर्ग, सेवानिवृत्त शिक्षक जो पहले से बेटे की मौत का दर्द झेल रहा हो — उससे पैसे मांगना, यह कितनी बड़ी बेशर्मी है।
बाबूलाल ने की लोकायुक्त से शिकायत
बाबूलाल नरगावे ने हार नहीं मानी। उन्होंने सीधे लोकायुक्त कार्यालय इंदौर के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सहाय को शिकायत दी। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद 6 अप्रैल 2026 को ट्रैपदल का गठन किया गया और जाल बिछाया गया।
रंगे हाथ पकड़ा गया
योजना के मुताबिक बाबूलाल नरगावे ने प्रदीप मण्डलोई को 7,000 रुपये दिए। जैसे ही आरोपी ने पैसे अपने हाथ में लिए, लोकायुक्त की ट्रैपदल ने दबिश दी और उसे लेखापाल/स्थापना कक्ष में ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अब आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्यवाही की जा रही है।
ट्रैपदल में शामिल थे ये अधिकारी
इस पूरी कार्रवाई को कार्यवाहक निरीक्षक श्री सचिन पटेरिया की अगुआई में अंजाम दिया गया। टीम में कार्यवाहक प्र.आर. विवेक मिश्रा के साथ आरक्षक विजय कुमार, सतीश यादव, पवन पटोरिया, आदित्य भदौरिया और कृष्णा अहिरवार शामिल रहे।
लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे, तो बिना डरे लोकायुक्त कार्यालय इंदौर से संपर्क करें।
📍 पता: मोती बंगला, एम.जी. रोड, इंदौर – 452007
📞 दूरभाष: 0731-2533160 | 0731-2430100










