महाराष्ट्र के धुले जिले से सामने आए Dhule Jail Escape मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। धुले जिला जेल से फरार हुआ कैदी ज्यादा देर तक पुलिस से बच नहीं पाया। धुले सिटी पुलिस ने टेक्निकल जांच के आधार पर उसे महज 24 घंटे के भीतर नासिक जिले से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की इस तेज कार्रवाई की इलाके में काफी चर्चा हो रही है। फरार कैदी को पकड़ने के लिए पुलिस ने तकनीक और तेजी दोनों का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
जेल के कृषि विभाग से फरार हुआ था कैदी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी का नाम भीकन नज़ीर पिंजारी (54 वर्ष) है। वह नासिक जिले के निफाड़ तालुका के पिंपलगांव बी. के इस्लामपुरा इलाके का रहने वाला है। भीकन धुले जिला जेल में अपनी सजा काट रहा था।
बताया जा रहा है कि 5 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3:45 बजे वह जेल के कृषि विभाग में काम कर रहा था। इसी दौरान उसने मौके का फायदा उठाया और सुरक्षा में हुई चूक के कारण जेल परिसर से फरार हो गया।
कैदी के फरार होने की खबर मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। तुरंत इस मामले की जानकारी धुले सिटी पुलिस थाना को दी गई और केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
टेक्निकल एनालिसिस से मिला सुराग
इस Dhule Jail Escape मामले की गंभीरता को देखते हुए धुले सिटी पुलिस थाना के पुलिस निरीक्षक दीपक पाटिल ने तुरंत टीम बनाकर जांच शुरू कर दी।
जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर मिलिंद नवगिरे ने जेल के रिकॉर्ड खंगाले और आरोपी से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी निकाली। इसके बाद पुलिस ने उस नंबर का टेक्निकल एनालिसिस किया।
मोबाइल की लोकेशन ट्रैक करने पर पता चला कि आरोपी नासिक जिले के पिंपलगांव बसवंत इलाके में मौजूद है। यह जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत हरकत में आ गई।
नासिक पहुंचकर पुलिस ने किया गिरफ्तार
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर धुले सिटी पुलिस की टीम तुरंत नासिक के पिंपलगांव बसवंत के लिए रवाना हुई। वहां पहुंचकर पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
लगातार निगरानी के बाद 6 मार्च 2026 की रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने आरोपी भीकन नज़ीर पिंजारी को गिरफ्तार कर लिया।
इस तरह Dhule Jail Escape का मामला महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया और फरार कैदी को फिर से पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय देवरे और उपविभागीय पुलिस अधिकारी राजकुमार उपासे के मार्गदर्शन में की गई।
ऑपरेशन को अंजाम देने में धुले सिटी पुलिस थाना के पुलिस निरीक्षक दीपक पाटिल, सब-इंस्पेक्टर मिलिंद नवगिरे और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
कम समय में फरार कैदी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम की सराहना की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
हालांकि इस Dhule Jail Escape घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिस तरह कैदी ने कृषि विभाग में काम करते समय गार्ड की लापरवाही का फायदा उठाकर फरार होने में सफलता हासिल की, उससे जेल प्रशासन की निगरानी पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
अब उम्मीद की जा रही है कि इस मामले के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।









