मध्य प्रदेश के छोटे शहर बुरहानपुर से एक बड़ी और गर्व करने वाली खबर सामने आई है। Dev Jalan CA Final Rank 18 ने पूरे शहर का नाम रोशन कर दिया है। Institute of Chartered Accountants of India यानी द्वारा आयोजित CA Final परीक्षा में देव मनीष जालान ने अखिल भारतीय स्तर पर 18वीं रैंक हासिल की है।
पहले ही प्रयास में 422 अंक लाकर देव ने टॉप 50 में जगह बनाई। यह उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे बुरहानपुर के लिए गर्व की बात है।
पहले अटैम्प में 422 अंक, सीधे ऑल इंडिया 18वीं रैंक
CA Final देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। हजारों छात्र सालों की मेहनत के बाद इस मुकाम तक पहुंचते हैं। ऐसे में Dev Jalan CA Final Rank 18 की सफलता खास हो जाती है, क्योंकि उन्होंने पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया।
422 अंक के साथ ऑल इंडिया 18वीं रैंक लाना आसान नहीं था। इसके पीछे लगातार दो साल की कड़ी मेहनत और अनुशासन रहा। परिवार के मुताबिक देव रोज करीब 18 घंटे पढ़ाई करते थे।
बुरहानपुर से शुरू हुई पढ़ाई, इंदौर और मुंबई तक सफर
देव जालान की शुरुआती पढ़ाई बुरहानपुर के नेहरू मॉन्टेसरी स्कूल से हुई। स्कूल के दिनों से ही वह पढ़ाई में तेज रहे। 12वीं के बाद उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें CA बनना है।
सीए की तैयारी के लिए वह इंदौर गए और वहां नियमित स्टडी की। पिछले दो साल से वह मुंबई में आर्टिकलशिप कर रहे थे। पढ़ाई और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग को साथ लेकर चलना आसान नहीं होता, लेकिन देव ने दोनों को संतुलित रखा।
परिवार का बैकग्राउंड: राजस्थान से बुरहानपुर तक
देव जालान का परिवार मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिले के एक छोटे गांव से जुड़ा है। करीब पांच दशक पहले उनका परिवार मध्य प्रदेश के बुरहानपुर आकर बस गया और टेक्सटाइल पैकेजिंग का कारोबार शुरू किया।
देव के पिता मनीष जालान टेक्सटाइल पैकिंग मटेरियल का व्यवसाय करते हैं। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि बेटा अच्छा करेगा, लेकिन ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट में 18वीं रैंक आएगी, यह सोचा नहीं था।
आगे की योजना: पहले जॉब, फिर परिवार का कारोबार
Dev Jalan CA Final Rank 18 के बाद अब परिवार के सामने नए रास्ते खुल गए हैं। ICAI की ओर से टॉप 50 में आने वाले छात्रों को बेहतर जॉब के अवसर सुझाए जाते हैं।
देव और उनका परिवार चाहते हैं कि वह कुछ समय तक प्रोफेशनल जॉब करें, अनुभव लें और उसके बाद परिवार के टेक्सटाइल पैकेजिंग कारोबार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।
हालांकि पिता मनीष जालान साफ कहते हैं कि अब इतनी बड़ी उपलब्धि के बाद अगर देव अच्छी नौकरी करना चाहें और उसी में आगे बढ़ना चाहें, तो परिवार की तरफ से कोई दबाव नहीं रहेगा।
परिवार में भी शिक्षा का मजबूत माहौल
देव जालान के परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। बड़े भाई खुश जालान ने एमबीए किया है और फिलहाल परिवार का कारोबार संभाल रहे हैं।
छोटी बहन ध्वनि जालान भी सीए की तैयारी कर रही हैं और मुंबई में आर्टिकलशिप कर रही हैं। यानी परिवार में शिक्षा और प्रोफेशनल ग्रोथ को हमेशा प्राथमिकता दी गई है।
मारवाड़ी समाज और शहर में खुशी का माहौल
Dev Jalan CA Final Rank 18 की खबर जैसे ही सामने आई, बुरहानपुर में खुशी की लहर दौड़ गई। मारवाड़ी समाज सहित कई संगठनों ने देव और उनके परिवार को बधाई दी।
लोगों का कहना है कि छोटे शहरों के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं होती, बस सही दिशा और मेहनत की जरूरत होती है। देव की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है।
CA Final क्यों मानी जाती है मुश्किल परीक्षा?
CA Final परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रोफेशनल परीक्षाओं में गिना जाता है। इसमें अकाउंटिंग, टैक्सेशन, ऑडिट और फाइनेंशियल मैनेजमेंट जैसे विषयों की गहरी समझ जरूरी होती है।
Institute of Chartered Accountants of India हर साल यह परीक्षा आयोजित करता है और पास प्रतिशत भी काफी कम रहता है। ऐसे में ऑल इंडिया 18वीं रैंक लाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
Dev Jalan CA Final Rank 18 सिर्फ एक रिजल्ट नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।
देव की कहानी बताती है कि संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन हौसले सीमित नहीं होने चाहिए। सही गाइडेंस, अनुशासन और लगातार मेहनत से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
बुरहानपुर का नाम देशभर में रोशन
देव मनीष जालान की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा जगह की मोहताज नहीं होती। बुरहानपुर जैसे शहर से निकलकर देशभर में 18वीं रैंक हासिल करना बड़ी बात है।
आज Dev Jalan CA Final Rank 18 सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि बुरहानपुर के युवाओं के लिए एक उम्मीद बन चुका है। परिवार, समाज और पूरे शहर को उनसे बहुत उम्मीदें हैं।
हमारी तरफ से भी देव जालान को उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। उम्मीद है कि वह आगे भी इसी तरह नई ऊंचाइयों को छूते रहेंगे और अपने शहर व राज्य का नाम रोशन करते रहेंगे।













