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Khandwa Lokayukta Trap: आंगनवाड़ी सुपरवाइजर 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Khandwa Lokayukta Trap में इंदौर लोकायुक्त टीम ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। सहायिका से कार्यकर्ता पद के लिए मांगे थे 2.05 लाख रुपये।

Updated at: Thu, 26 Feb 2026, 7:18 PM (IST)
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Khandwa Lokayukta Trap के दौरान 5 हजार रुपये रिश्वत लेते आंगनवाड़ी सुपरवाइजर पकड़ी गई

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मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में Khandwa Lokayukta Trap के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इंदौर लोकायुक्त टीम ने महिला एवं बाल विकास विभाग की एक सुपरवाइजर को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि नियुक्ति के बदले कुल 2 लाख 5 हजार रुपये की मांग की गई थी।

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यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त के सख्त निर्देशों के बाद की गई।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता श्रीमती सलिता पालवी, उम्र 27 वर्ष, ग्राम मोजवारी तहसील खालवा, जिला खंडवा की रहने वाली हैं। उनकी नियुक्ति अक्टूबर 2025 में आंगनवाड़ी केंद्र-1 मोजवारी में सहायिका के पद पर हुई थी।

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गांव के ही आंगनवाड़ी केंद्र-3 में कार्यकर्ता का पद खाली हुआ था। सलिता इस पद के लिए पात्र थीं और उन्होंने नियम के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग में आवेदन भी जमा कर दिया था।

आरोप है कि जब वह कार्यकर्ता पद पर पदस्थापना के लिए महिला बाल विकास पर्यवेक्षक (संविदा) श्रीमती अजिला मोहे से मिलीं, तो उनसे पहले सहायिका की नियुक्ति के बदले 5,000 रुपये और कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति दिलाने के लिए 2,00,000 रुपये की मांग की गई। कुल मिलाकर 2,05,000 रुपये रिश्वत मांगी गई।

लोकायुक्त से की शिकायत

सलिता पालवी ने इस पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सहाय को दी। शिकायत की जांच और सत्यापन किया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए।

इसके बाद 26 फरवरी 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया। योजना के तहत शिकायतकर्ता को 5,000 रुपये देने भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

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कौन हैं आरोपी?

आरोपी श्रीमती अजिला मोहे, उम्र 55 वर्ष, महिला बाल विकास पर्यवेक्षक (संविदा), सेक्टर सावली, परियोजना खालवा, जिला खंडवा में पदस्थ हैं। वह ग्राम मलगांव पोस्ट खेडी, तहसील खालवा की निवासी हैं।

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लोकायुक्त टीम ने उन्हें 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ट्रैप दल में कौन-कौन शामिल रहा?

इस Khandwa Lokayukta Trap कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर, कार्यवाहक निरीक्षक श्री आशुतोष मिठास सहित आरक्षक विजय कुमार, शिवप्रकाश पाराशर, कमलेश परिहार, आदित्य सिंह भदौरिया, मनीष माथुर और महिला आरक्षक अनिता प्रजापति शामिल रहे।

नियुक्तियों में भ्रष्टाचार पर सख्ती

खंडवा में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि नियुक्तियों में किसी भी तरह की अनियमितता या रिश्वतखोरी अब आसानी से नहीं बचेगी। लोकायुक्त की टीम लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखे हुए है।

गांव स्तर पर आंगनवाड़ी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में अगर रिश्वत की मांग होती है तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। ऐसे में Khandwa Lokayukta Trap जैसी कार्रवाई से लोगों में भरोसा बढ़ता है कि शिकायत करने पर सुनवाई होती है।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है और लोकायुक्त टीम आगे की जांच में जुटी हुई है।

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Ravi Sen

रवि सेन महाकाल की नगरी उज्जैन के निवासी हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता में कदम रखा और दैनिक लोकस्वामी के उज्जैन एडिशन के स्थानीय संपादक के रूप में 12 साल तक अपनी सेवाएं दी। इसके बाद, रवि सेन नेशनल न्यूज़ चैनल TV9 भारतवर्ष के उज्जैन ब्यूरो के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, वे अपना खुद का साप्ताहिक अखबार हेडलाइन टुडे भी उज्जैन से प्रकाशित करते हैं और Fact Finding न्यू एज डिजिटल मीडिया से भी जुड़े हैं। रवि सेन को क्राइम, राजनीति और ग्राउंड रिपोर्टिंग में गहरी पकड़ के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने करियर में कई विशेष रिपोर्ट्स की हैं, जिन्होंने समाज को नई दिशा देने में मदद की है।

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