महाराष्ट्र: धुले जिले के साक्री तालुका में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे औद्योगिक जगत को हिला कर रख दिया। बात करें तो Suzlon Energy Dhule का यह मामला इसलिए और भी चौंकाने वाला है क्योंकि इस चोरी की साजिश बाहर के किसी बदमाश ने नहीं, बल्कि कंपनी के अपने ही दो अधिकारियों ने रची थी। जी हाँ, जिन लोगों पर कंपनी की सुरक्षा और संपत्ति की जिम्मेदारी थी, वही लोग रात के अंधेरे में कंपनी का Copper Cable चुराने पहुँच गए।
क्या है पूरा मामला?
निजामपूर हद्द में स्थित Suzlon Energy Dhule Limited के विंड पावर प्रोजेक्ट के K-32 टॉवर पर बीती रात कुछ संदिग्ध लोग पहुँचे। इनके हाथों में Gas Cutter था और मंशा थी Copper Cable काटकर चुरा ले जाने की। लेकिन इससे पहले कि ये लोग अपनी मनमानी कर पाते, कंपनी की सुरक्षा टीम को भनक लग गई और पुलिस को तुरंत सूचित किया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर रात करीब डेढ़ बजे दो लोगों को दबोच लिया। इनकी पहचान हुई — ब्रिजेश कुमार मनीष द्विवेदी और ज्ञानेश्वर झुलाल पिंपळे — और दोनों Suzlon कंपनी के अधिकारी निकले। इनके पास से Gas Cutter और Copper Wire भी जब्त की गई।
8 आरोपियों में 2 कंपनी के अफसर
इस पूरे मामले में कुल 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोपियों की लिस्ट में नाम हैं — निलेश पाटील, इकबाल जैकेट चव्हाण, घनश्याम उर्फ गणेश रवींद्र अहिरराव, विकास उर्फ विकी गोकुळ मालचे, सुरेश जिभाऊ थोरात और मनोहर रोहिदास बागुल। फिलहाल इन 6 आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शिकायत कंपनी के उत्तर महाराष्ट्र सुरक्षा प्रमुख रमेश विठ्ठल मोहिते ने दर्ज कराई है और मामला निजामपूर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
कंपनी के भीतर से ही सेंध — यही है सबसे बड़ा झटका
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अपनी ही कंपनी के अधिकारी ऐसा क्यों करेंगे? Copper Wire की कीमत बाजार में काफी अच्छी होती है और यही वजह रही होगी कि इन लोगों ने लालच में आकर यह कदम उठाया। लेकिन जो भरोसा इन पर रखा गया था, उसे तोड़कर इन्होंने न सिर्फ कंपनी को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की बल्कि अपना करियर भी दांव पर लगा दिया।
Suzlon Energy Dhule का यह मामला एक बड़ी चेतावनी है कि औद्योगिक सुरक्षा सिर्फ बाहरी खतरों तक सीमित नहीं रखी जानी चाहिए — insider threat यानी अंदर के लोगों से भी उतना ही सतर्क रहना जरूरी है।
पुलिस ने कसी कमर, सुरक्षा हुई दोगुनी
इस घटना के बाद निजामपूर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया है। प्रोजेक्ट एरिया में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और रात की गश्त भी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
Suzlon Energy को क्या नुकसान?
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अगर यह चोरी पूरी हो जाती तो कंपनी को कितने का नुकसान होता, लेकिन Wind Turbine में इस्तेमाल होने वाली Copper Cable काफी महंगी होती है। समय रहते मामला पकड़ में आ जाने से बड़ा नुकसान टल गया।
यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि बड़े Energy Projects में Internal Audit और Employee Monitoring कितनी जरूरी है। Suzlon Energy Dhule जैसी घटनाएँ दोबारा न हों, इसके लिए कंपनियों को अपने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है।
पुलिस जाँच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।









