धुळे, महाराष्ट्र: शिक्षा के लिए जाना जाने वाला पिंपळनेर शहर आजकल एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है। धुळे जिले के साकरी तालुका स्थित पिंपळनेर और बल्हाणे गांव में Road Romeos का इतना आतंक बढ़ गया है कि कई छात्राओं ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया है। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पिछले एक-दो महीनों से चल रही परेशानी का नतीजा है जो अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।
स्कूली छात्राओं के साथ बढ़ रही छेड़छाड़
पिछले दो महीनों से पिंपळनेर शहर में स्कूल जाने वाली छात्राओं को रास्ते में कुछ लड़कों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। ये Road Romeos छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करते, छेड़छाड़ करते और उनका पीछा करते थे। शुरुआत में लड़कियों ने इस बात को अपने तक ही रखा, लेकिन जब हालात बिगड़ते गए तो बल्हाणे गांव की कुछ छात्राओं ने एक बड़ा फैसला लिया – उन्होंने स्कूल जाना ही बंद कर दिया।
जब माता-पिता को अपनी बेटियों की इस समस्या के बारे में पता चला, तो वे सकते में आ गए। उन्होंने तुरंत स्कूल के शिक्षकों से बात की और फिर सभी मिलकर पिंपळनेर पुलिस स्टेशन पहुंचे।
पुलिस ने नहीं सुनी अभिभावकों की फरियाद
संतप्त अभिभावकों ने पिंपळनेर पुलिस स्टेशन में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि उनकी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और इन बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। लेकिन अफसोस की बात यह रही कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ध्यान ही नहीं दिया। न तो कोई जांच की गई और न ही किसी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई।
पुलिस की इस लापरवाही से अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आखिरकार, आज सुबह बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक, स्कूल के प्रधानाचार्य और अन्य कर्मचारी पिंपळनेर पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्रित हुए और जोरदार प्रदर्शन शुरू किया।
अभिभावकों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि Road Romeos Pimpalgaon में इसलिए खुलकर घूम रहे हैं क्योंकि उन्हें पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि जो लड़के छात्राओं को परेशान कर रहे हैं, वे स्थानीय रेत माफिया से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि पुलिस अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।
एक माता ने गुस्से में कहा, “जब इतनी बड़ी समस्या है, तो पुलिस मुंह में गुड़ घोलकर क्यों बैठी है? क्या हमारी बेटियों की सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं है? अगर आज हम कार्रवाई नहीं करेंगे, तो कल क्या होगा?”
दामिनी पथक भी रहा नाकाम
जो बात और भी चिंताजनक है, वह यह कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई दामिनी पथक भी यहां पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। पिछले एक महीने से दामिनी पथक के अधिकारियों ने पिंपळनेर के किसी भी स्कूल का दौरा नहीं किया। न तो छात्राओं से बात की गई और न ही किसी प्रकार की जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभिभावकों का कहना है कि अगर दामिनी पथक समय-समय पर स्कूलों में जाकर छात्राओं को मार्गदर्शन देती और जागरूकता फैलाती, तो शायद स्थिति इतनी खराब न होती।
अभिभावकों की मांगें
पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठे अभिभावकों और शिक्षकों ने कई मांगें रखी हैं:
पहली मांग – सभी Road Romeos की तुरंत पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।
दूसरी मांग – रेत माफिया से जुड़े लोगों की पूरी जांच की जाए और उनके राजनीतिक संरक्षकों का खुलासा किया जाए।
तीसरी मांग – स्कूलों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि छात्राएं सुरक्षित महसूस करें।
चौथी मांग – दामिनी पथक को सक्रिय किया जाए और नियमित रूप से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
शिक्षा पर खतरा
पिंपळनेर, जो कभी शिक्षा के केंद्र के रूप में जाना जाता था, वहां आज लड़कियों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। कई अभिभावकों ने कहा कि अगर पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे अपनी बेटियों को स्कूल भेजना पूरी तरह बंद कर देंगे। यह स्थिति न सिर्फ छात्राओं की शिक्षा के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंताजनक है।
प्रदर्शन के दौरान मौजूद एक शिक्षक ने कहा, “यह सिर्फ एक या दो परिवारों की समस्या नहीं है। यह पूरे क्षेत्र की लड़कियों की सुरक्षा का सवाल है। अगर आज हम चुप रहे, तो कल और भी लड़कियां स्कूल छोड़ देंगी।”
क्या होगा आगे?
फिलहाल अभिभावक और शिक्षक पुलिस स्टेशन के बाहर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक पुलिस ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं देती, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे। स्थानीय लोगों ने भी इस आंदोलन को समर्थन देना शुरू कर दिया है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि क्या हमारे देश में लड़कियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में हम सफल हो पा रहे हैं? Road Romeos Pimpalgaon जैसी समस्याएं तभी खत्म होंगी जब पुलिस, प्रशासन और समाज मिलकर इसके खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा।
















