मध्य प्रदेश में इन दिनों ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में पारा लगातार गिर रहा है और खासकर इंदौर संभाग में तो ठंड ने अपना असर पूरी तरह दिखा दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम समेत कई संभागों के लिए MP Cold Wave Alert जारी किया है। अगले दो दिनों में ठंड और भी बढ़ने वाली है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
इंदौर संभाग में मौसम का हाल
इंदौर संभाग के सभी जिलों में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इंदौर शहर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि सर्द हवाओं के कारण महसूस होने वाला तापमान इससे भी कम लग रहा है। आइए जानते हैं इंदौर संभाग के अलग-अलग जिलों का मौसम अपडेट:
इंदौर: शहर में रात का तापमान 11 डिग्री के आसपास है, जबकि दिन में अधिकतम तापमान 24-25 डिग्री के बीच रह रहा है। सुबह के समय घना कोहरा भी छाया रहता है।
उज्जैन: उज्जैन में तापमान 11.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यहां भी सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
देवास: देवास जिले में भी ठंड का असर साफ देखने को मिल रहा है। यहां तापमान 10 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
धार: धार में न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है।
रतलाम: रतलाम में भी ठंड ने दस्तक दे दी है और यहां का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है। रतलाम समेत कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।
बुरहानपुर: बुरहानपुर जिले में भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। तापीय नदी के किनारे बसे इस शहर में न्यूनतम तापमान 11-12 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। सुबह के समय हल्का कोहरा और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र के जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी है, जिसमें बुरहानपुर भी शामिल है।
खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ: मालवा-निमाड़ क्षेत्र के इन जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी है। यहां हल्की बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवाओं ने मौसम को और सर्द बना दिया है। निमाड़ क्षेत्र में खासकर खंडवा और बुरहानपुर में तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है।
क्यों बढ़ रही है इतनी ठंड?
मौसम विभाग के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद वहां से आ रही ठंडी हवाओं ने मध्य प्रदेश में तापमान को तेजी से गिरा दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड और हिमाचल से ठंडी हवाएं MP में प्रवेश कर रही हैं, जिससे ठंड का असर और भी बढ़ गया है।
अगले दो दिनों में और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 1-2 दिनों में तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है। खासकर 7-8 दिसंबर के दौरान ठंड का असर सबसे ज्यादा रहेगा। इंदौर संभाग समेत पूरे मध्य प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।
कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा भी छाया रहेगा, जिससे विजिबिलिटी कम हो जाएगी। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, इंदौर, उज्जैन और आसपास के इलाकों में घने कोहरे की संभावना है।
प्रदेश के अन्य शहरों का हाल
MP में सिर्फ इंदौर संभाग ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में ठंड का असर है। रीवा में सबसे कम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पचमढ़ी से भी कम है। भोपाल में 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री और जबलपुर में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। यह इस सीजन का सबसे ठंडा समय है और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं।
किसानों के लिए सलाह
ठंड और संभावित पाले (फ्रॉस्ट) से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए किसानों और पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे सावधानी बरतें। खासकर रबी की फसलों और सब्जियों को पाले से बचाने के लिए उचित कदम उठाएं। बुरहानपुर और निमाड़ क्षेत्र के किसानों को केला, पपीता और अन्य बागवानी फसलों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आम लोगों को क्या करना चाहिए?
- गर्म कपड़े पहनें और खुद को ठंड से बचाएं
- सुबह के समय घने कोहरे में यात्रा करने से बचें
- वाहन चलाते समय सावधानी बरतें
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें
- हीटर या अंगीठी का इस्तेमाल करते समय वेंटिलेशन का ध्यान रखें
कब तक रहेगी ठंड?
दिसंबर और जनवरी MP के सबसे ठंडे महीने रहते हैं, और अगले 4-5 दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के मध्य तक ठंड का यह सिलसिला जारी रहेगा।
पूर्वी MP के कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की भी संभावना है, जो ठंड को और बढ़ा सकती है। इसलिए सभी को सतर्क रहने और मौसम की जानकारी अपडेट रखने की सलाह दी जाती है।
















