देश के कई हिस्सों में इन दिनों कड़ाके की सर्दी अपने चरम पर है। मौसम विभाग ने बुधवार को Cold Wave Alert जारी करते हुए मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना समेत कई राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी दी है। खासतौर पर मध्य प्रदेश के 22 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे गिर चुका है। उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक, देशभर में सर्दी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
मध्य प्रदेश में 22 जिलों में कोहरे का रेड अलर्ट
मध्य प्रदेश में इस बार सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। घने कोहरे के साथ-साथ तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। मौसम विभाग के Cold Wave Alert के अनुसार, प्रदेश के 22 जिलों में कोहरे का खतरा बना हुआ है। इनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा जैसे जिले शामिल हैं।
इन इलाकों में सुबह और शाम के वक्त विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो जा रही है। कई जगहों पर तो सिर्फ 20-25 मीटर दूर तक ही दिखाई दे रहा है, जिससे सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
17 दिसंबर से और तेज होगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, 17 दिसंबर की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने वाला है। इसका सीधा मतलब है कि अगले दो से तीन दिनों में ठंड का प्रकोप और भी तेज हो जाएगा। जेट स्ट्रीम के प्रभाव से मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत में तेज सर्द हवाएं चल रही हैं। इससे महसूस किया जाने वाला तापमान (Wind Chill Factor) और भी कम हो जाता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस हफ्ते के अंत तक मौसम में कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बल्कि 19-20 दिसंबर तक ठंड अपने चरम पर पहुंच सकती है।
कर्नाटक और तेलंगाना में भी शीतलहर का खतरा
Cold Wave Alert के तहत सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के राज्यों में भी शीतलहर का असर दिख रहा है। मौसम विभाग ने उत्तरी कर्नाटक के भीतरी इलाकों, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
आमतौर पर दक्षिण भारत में इतनी ठंड नहीं पड़ती, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग है। बेंगलुरु, हैदराबाद और आसपास के इलाकों में भी लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है। रातें खासतौर पर काफी ठंडी हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश और पूर्वी MP में बहुत घना कोहरा
उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बहुत घना कोहरा (Very Dense Fog) रहने की संभावना है। यह वही इलाके हैं जहां हर साल सर्दियों में कोहरे से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, आगरा जैसे शहरों में सुबह के वक्त कोहरे की चादर बिछ जाती है।
इससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई ट्रेनें घंटों लेट चल रही हैं। हवाई यातायात पर भी असर पड़ रहा है। सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी इजाफा हो गया है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में घना कोहरा
Cold Wave Alert के तहत पश्चिमी राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी घना कोहरा छाए रहने की आशंका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण की भी समस्या बनी हुई है।
दिल्ली और NCR में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन यह अब भी बहुत खराब (Very Poor) श्रेणी में है। बुधवार सुबह 7 बजे तक राष्ट्रीय राजधानी में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 329 रहा। ठंड और प्रदूषण के कॉम्बिनेशन से सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को खासी दिक्कत हो रही है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी कोहरे की चेतावनी
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में भी घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में आमतौर पर नमी ज्यादा होती है, जिससे कोहरा और भी घना हो जाता है। इन इलाकों में पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करना काफी खतरनाक हो जाता है।
रोजमर्रा की जिंदगी पर प्रभाव
Cold Wave Alert के बाद पूरे देश में रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को सुबह उठने में दिक्कत हो रही है। कई राज्यों में स्कूलों का समय बदल दिया गया है। कुछ जगहों पर तो स्कूलों में छुट्टी भी घोषित की गई है।
किसानों के लिए यह मौसम बड़ी चुनौती लेकर आया है। रबी की फसलों पर पाले और कोहरे का असर पड़ रहा है। गेहूं, चना, मटर जैसी फसलों को नुकसान हो सकता है। सब्जियों की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं।
बेघर लोगों और गरीब तबके के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो रहा है। कई शहरों में प्रशासन ने नाइट शेल्टर खोले हैं, लेकिन वे जरूरत के मुकाबले काफी कम हैं।
सड़क और रेल यातायात पर असर
घने कोहरे की वजह से सड़क हादसों में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाईवे पर ट्रकों और कारों की टक्कर की घटनाएं सामने आ रही हैं। रेलवे को भी भारी नुकसान हो रहा है। रोजाना दर्जनों ट्रेनें लेट चल रही हैं। कुछ ट्रेनों को तो रद्द भी करना पड़ा है।
हवाई यातायात में भी देरी हो रही है। कई फ्लाइट्स डायवर्ट की जा रही हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
बचाव के उपाय और सावधानियां
Cold Wave Alert को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है:
सर्दी से बचाव: पूरे शरीर को ढककर रखें। स्वेटर, जैकेट, मफलर, टोपी और दस्ताने पहनें। खासकर बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान रखें।
कोहरे में सफर: अगर जरूरी हो तभी सफर करें। गाड़ी की स्पीड धीमी रखें। फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। हाई बीम से बचें क्योंकि वह कोहरे में और भी ज्यादा परेशानी करती है।
स्वास्थ्य का ध्यान: गर्म पानी पीते रहें। पौष्टिक भोजन करें। अदरक वाली चाय फायदेमंद है। अगर सांस की तकलीफ है तो डॉक्टर से सलाह लें।
बेघरों की मदद: अगर आपके आसपास कोई बेघर व्यक्ति दिखे तो उन्हें कंबल या गर्म कपड़े देने की कोशिश करें। नाइट शेल्टर की जानकारी दें।
मौसम की ताजा जानकारी के लिए
मौसम विभाग की वेबसाइट और ऐप पर नियमित अपडेट चेक करते रहें। स्थानीय मौसम की जानकारी के लिए IMD की रीजनल वेबसाइट देखें। आपातकालीन नंबर अपने पास रखें।
अगले 4-5 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। Cold Wave Alert को गंभीरता से लें और सभी सावधानियां बरतें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। साथ ही जरूरतमंदों की मदद करने में भी पीछे न हटें।
















