उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में पुलिस प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए एक व्यापक Rohingya Bangladeshi Checking चलाया है। यह विशेष अभियान कोतवाली क्षेत्र के बड़े सरकार और छोटे सरकार इलाकों में किया गया, जहां बाहरी राज्यों और देशों से आए लोग बिना किसी वैध दस्तावेज के रह रहे थे।
हजारों लोग मिले बिना पहचान पत्र के
पुलिस टीम ने जब इन इलाकों में चेकिंग की तो हैरान करने वाली बात सामने आई। यहां हजारों की संख्या में ऐसे लोग रह रहे थे जिनके पास कोई भी वैध पहचान पत्र नहीं था। न आधार कार्ड, न वोटर आईडी और न ही कोई अन्य सरकारी दस्तावेज। पुलिस ने इन सभी संदिग्ध लोगों के आईडी प्रूफ की गहनता से जांच की।
इस Rohingya Bangladeshi Checking के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये लोग कब से यहां रह रहे हैं, कहां से आए हैं और किस उद्देश्य से यहां बसे हुए हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इन लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।
बिना आईडी वालों को भेजा गया वापस
अभियान के दौरान जो लोग बिना किसी वैध पहचान पत्र के मिले, उन्हें उनके गंतव्य स्थानों की ओर भेज दिया गया। पुलिस ने इन लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे दोबारा बदायूँ जनपद में न आएं। अगर वे फिर से यहां पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कब्जों को भी हटाया जा रहा है
बदायूँ के एसपी सिटी ब्रिजेन्द्र कुमार सिंह ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन ने सिर्फ अवैध रूप से रह रहे लोगों की जांच तक ही सीमित नहीं रहने का फैसला किया है। बल्कि इसके साथ ही अवैध कब्जों को हटाने का भी निर्णय लिया गया है।
इस अभियान के तहत बड़े सरकार और छोटे सरकार क्षेत्र में अवैध झोपड़ियों में रह रहे संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन सभी से विस्तार से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इनकी पहचान की गहन जांच कर रही है।
तीन पीढ़ियों के आईडी प्रूफ की जांच
खास बात यह है कि पुलिस सिर्फ मौजूदा पीढ़ी के दस्तावेजों की ही जांच नहीं कर रही है। बल्कि तीन पीढ़ियों के आईडी प्रूफ की भी सत्यापन की जा रही है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि ये लोग वास्तव में कहां के निवासी हैं और कब से भारत में रह रहे हैं।
यह Rohingya Bangladeshi Checking इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अभियान बेहद जरूरी माना जा रहा है।
पुलिस प्रशासन रहेगा सतर्क
एसपी सिटी ब्रिजेन्द्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ ऐसे सभी इलाकों की निगरानी कर रहा है जहां संदिग्ध गतिविधियां हो सकती हैं। जो भी व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से रह रहा पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस विशेष चेकिंग अभियान से स्थानीय लोगों में राहत की भावना है। उनका मानना है कि ऐसे अभियान से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बेहतर होगी और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह कदम सराहनीय है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर उन्हें किसी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
















