- धुले के शिक्षक ने ग्रो मोर इन्वेस्टमेंट के नाम पर शेतकऱों से करोड़ों की ठगी की।
- निवेश पर दोगुना रिटर्न देने का झांसा देकर RTGS और नकद में रकम ऐंठी गई।
- आरोपी शिक्षक गिरफ्तार, फोर व्हीलर जब्त, आर्थिक अपराध शाखा कर रही है जांच।
महाराष्ट्र: शिक्षक का काम होता है समाज को दिशा देना, लेकिन धुले जिले में एक जिला परिषद शिक्षक ने अपने पद की गरिमा को ताक पर रखते हुए शेतकऱों को ही करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है।
ग्रो मोर इन्वेस्टमेंट का झांसा
यह मामला साक्री तालुका के पिंपळनेर इलाके से जुड़ा है, जहां सतिष पांडुरंग पाटील (क्षिरसागर) नामक शिक्षक ने ‘ग्रो मोर इन्वेस्टमेंट प्रा. लि.’ नाम की कंपनी के जरिए ग्रामीणों, खासकर शेतकऱों को हर महीने 7% से 25% तक के ब्याज और सालभर में दोगुनी-तिगुनी रकम लौटाने का लालच दिया।
अब चौंकाने वाली बात यह है कि इस स्कीम को प्रचारित करने वाले कोई कंपनी एजेंट नहीं थे, बल्कि एक सरकारी स्कूल के शिक्षक थे।
भरोसे के बदले धोखा
ग्रामीणों ने शिक्षक पर आंख बंद करके भरोसा किया और लाखों-करोड़ों रुपये RTGS, नकद और यहां तक कि जमीन गिरवी रखकर निवेश कर डाला। शुरुआती कुछ महीनों में उन्हें रिटर्न मिला भी, लेकिन फिर अचानक पैसे लौटाना बंद कर दिया गया।
जब लोगों ने पैसे वापस मांगे, तो शिक्षक सतिष पाटील ने धमकी देना शुरू कर दिया और जवाब देने से बचने लगे।
मामला दर्ज, गिरफ्तार
31 जुलाई 2025 को पिंपळनेर पुलिस थाने में इस मामले में गु.र.सं. 181/2025 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी पर भादंवि की धारा 318(2), 318(4), 316(2), 61(2), 3(5) और महाराष्ट्र निवेशक संरक्षण अधिनियम 1999 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
इस मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक सविता गवांदे की अगुवाई में की गई। जांच में साफ हुआ कि आरोपी शिक्षक ने करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसकी फोर व्हीलर कार भी जब्त कर ली गई है।
अब आर्थिक अपराध शाखा करेगी आगे की जांच
अब इस केस की गहराई से जांच धुले की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। मामले में और भी पीड़ितों के सामने आने की संभावना है।
शिक्षक ही निकला भरोसे का गुनहगार
इस मामले ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लोगों के टूटते भरोसे की कहानी बयां कर दी है। लोगों ने मेहनत की कमाई को दोगुनी करने के चक्कर में गंवा दिया। वह भी उस व्यक्ति पर भरोसा करके, जो बच्चों को पढ़ाता था।
इस घटना ने केवल आर्थिक नुकसान नहीं किया, बल्कि सामाजिक और नैतिक स्तर पर भी गहरी चोट पहुंचाई है। एक शिक्षक का इस तरह से ठग बन जाना, शिक्षा व्यवस्था के लिए भी कलंक बन गया है।
सबक क्या है?
यह घटना बताती है कि कोई कितना भी जान-पहचान वाला क्यों न हो, पैसे का लेन-देन सोच-समझकर करें। ऐसे बड़े रिटर्न के झांसे में आने से पहले कंपनी की सच्चाई जरूर जांचें।













