Milavati Milk: महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर तालुका से मिलावटी दूध का एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस बार शिकायत खारडे गांव की एक महिला ने की है, जिन्होंने रात में खरीदा हुआ दूध जब घर पर गर्म किया तो वह रबड़ जैसा बन गया। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया है और लोग दूध की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
उबालते ही दूध की बनावट बदल गई
खारडे गांव की आशाबाई बोरसे ने रोज की तरह अपने नियमित दूधवाले से दूध खरीदा था। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि इस बार दूध में कुछ गड़बड़ हो सकती है। रात में जब उन्होंने दूध को उबालने के लिए गैस पर रखा तो कुछ ही देर में दूध की बनावट बदलने लगी। उबाल आने के बाद दूध सामान्य तरीके से गाढ़ा होने के बजाय रबड़ जैसा खिंचने लगा।
आशाबाई का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया। वे कई सालों से उसी दूधवाले से दूध ले रही हैं। यह पहली बार है जब उन्हें दूध में इस तरह की गड़बड़ी दिखाई दी। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को बुलाकर दूध दिखाया, जिसके बाद गांव में चर्चा शुरू हो गई।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले शिरपुर शहर में भी Milavati Milk को लेकर एक गंभीर घटना सामने आई थी। उस समय भी लोगों ने आरोप लगाया था कि बाजार में बिक रहा दूध मिलावटी है और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। अब लगातार ऐसे मामले सामने आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर दूध जैसी रोजमर्रा की चीज में मिलावट हो रही है तो यह सीधे तौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत से खिलवाड़ है। कई लोगों ने बताया कि वे अब खुले दूध की जगह पैकेट वाला दूध लेने पर विचार कर रहे हैं।
फूड विभाग पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों ने Food and Drug Administration Department की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि विभाग की ढिलाई के कारण मिलावट करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय-समय पर सैंपल जांच और सख्त कार्रवाई नहीं होने से ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं।
लोग यह जानना चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी इस मामले में कब तक जांच करेंगे और दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन गांव के लोगों ने जांच की मांग तेज कर दी है।
सेहत पर पड़ सकता है असर
डॉक्टरों के मुताबिक मिलावटी दूध में केमिकल या सिंथेटिक पदार्थ मिलाए जाने की आशंका रहती है। ऐसे दूध का सेवन करने से पेट संबंधी दिक्कतें, एलर्जी और लंबे समय में गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। खासकर छोटे बच्चों के लिए यह बेहद खतरनाक हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दूध उबालते समय असामान्य व्यवहार करे, जैसे बदबू आना, रंग बदलना या रबड़ जैसा खिंचना, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए और संबंधित विभाग को शिकायत करनी चाहिए।
अब कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल पूरे शिरपुर तालुका में इस घटना को लेकर चर्चा है। लोगों की नजर अब प्रशासन पर टिकी है। सवाल यही है कि Milavati Milk पर लगाम कब लगेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम कब उठाए जाएंगे।
जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक लोगों से अपील है कि दूध खरीदते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।












