विज्ञापन
---Advertisement---

Shahada Gutkha Mafia: बैन के बावजूद शहादा में क्यों बिक रहा गुटखा? पुलिस पर उठे सवाल।

नंदुरबार जिले में पाबंदी के बाद भी Shahada Gutkha Mafia सुर्खियों में है। आखिर पुलिस की नाक के नीचे यह अवैध धंधा कैसे फल-फूल रहा है? जानें पूरी रिपोर्ट।

Updated at: Thu, 08 Jan 2026, 9:27 AM (IST)
Follow Us:
शहादा में खुलेआम बिक रहा अवैध गुटखा - Shahada Gutkha Mafia News
---Advertisement---

महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में कहने को तो गुटखा पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के शहादा शहर में इन दिनों गुटखा माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि प्रशासन का डर कहीं नजर नहीं आता। आज की सबसे बड़ी Shahada Gutkha Mafia News यही है कि जहां एक तरफ जिला प्रशासन बैन के दावे करता है, वहीं शहादा की सड़कों, पान की टपरियों और किराने की दुकानों पर यह “धीमा जहर” खुलेआम बिक रहा है।

विज्ञापन

क्या शहादा में कानून का अस्तित्व खत्म हो गया है?

आज शहादा की हर गली और नुक्कड़ पर अवैध गुटखा बिना किसी रोक-टोक के बेचा जा रहा है। यह महज एक व्यापार नहीं, बल्कि कानून की धज्जियां उड़ाने वाला कृत्य है। स्थानीय नागरिकों का सवाल सीधा है—क्या शहादा में कानून का राज खत्म हो चुका है? जब आम आदमी बिना हेलमेट या मास्क के निकलता है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन करोड़ों का अवैध कारोबार करने वाले इन गिरोहों पर पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ती?

पुलिस और DB टीम की भूमिका पर गंभीर सवाल

शहादा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर और उनकी DB (Detection Branch) टीम की कार्यप्रणाली अब संदेह के घेरे में है। सोशल मीडिया और स्थानीय हलकों में चर्चा का विषय बनी Shahada Gutkha Mafia News को लेकर यह मानना नामुमकिन है कि जिस शहर में पुलिस हर दिन गश्त करती है, वहां के ठेलों पर बिकने वाला गुटखा उन्हें दिखाई नहीं देता। पुलिस की यह चुप्पी “नासमझी” नहीं, बल्कि “खुली लापरवाही” की ओर इशारा करती है।

विज्ञापन

जब सड़कों पर अपराध और अवैध धंधा नाच रहा हो, तब DB टीम का “सीक्रेट इंफॉर्मेशन” निकालने का दावा हास्यास्पद लगता है। आखिर यह टीम किसके लिए और क्या जानकारी जुटा रही है, जबकि अवैध कारोबार जनता की आंखों के सामने फल-फूल रहा है?

कार्रवाई का दिखावा और दोगलापन

हैरानी की बात यह है कि जिले के अन्य हिस्सों में कभी-कभार कार्रवाई की खबरें आती हैं, लेकिन शहादा में माफिया को खुली छूट मिली हुई है। यह दोगलापन जनता की समझ से परे है। लोग पूछ रहे हैं कि शहादा के इन गुटखा किंगपिन को किसका “आशीर्वाद” प्राप्त है? क्या यह सब किसी बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के बिना मुमकिन है?

बर्बाद होता युवा और टूटते परिवार

यह मामला सिर्फ कानून के उल्लंघन का नहीं, बल्कि सामाजिक बर्बादी का भी है। Shahada Gutkha Mafia News के पीछे की कड़वी सच्चाई यह है कि यहां का युवा वर्ग इस जहरीले नशे की गिरफ्त में आ रहा है। कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है और हंसते-खेलते परिवार गुटखे की लत के कारण आर्थिक और शारीरिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं। पुलिस की इस मामले में सुस्ती युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

क्या कानून सिर्फ गरीबों के लिए है?

एक तरफ प्रशासन का डंडा गरीब रेहड़ी-पटरी वालों पर चलता है, उनके रिकॉर्ड चेक किए जाते हैं, उन पर जुर्माना लगाया जाता है। दूसरी तरफ, गुटखा माफिया कानून की आड़ में सीना तानकर धंधा कर रहे हैं। क्या हमारा सिस्टम इतना लाचार हो गया है कि वह इन ताकतवर माफियाओं पर हाथ डालने से डरता है? शहादा में गुटखा की यह बिक्री एडमिस्ट्रेशन के मुंह पर एक करारा तमाचा है।

विज्ञापन

जनता का तीखा सवाल: जवाब कौन देगा?

आज शहादा की जनता पुलिस प्रशासन से सीधे और कड़े सवाल पूछ रही है:

विज्ञापन
  • क्या पुलिस प्रशासन सच में एक्टिव है या वे माफिया के हाथों “मैनेज” हो चुके हैं?
  • DB स्क्वाड आखिर क्या कर रहा है और उनकी उपलब्धियां क्या हैं?
  • क्या सीनियर अधिकारी इस Shahada Gutkha Mafia News पर संज्ञान लेंगे या हमेशा की तरह चुप्पी साधे रखेंगे?

शहादा की स्थिति अब “करो या मरो” वाली हो गई है। अगर अब कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाली नस्लें इस लापरवाही के लिए सिस्टम को कभी माफ नहीं करेंगी। अब देखना यह है कि सीनियर पुलिस अफसर इस मामले में कोई ठोस कदम उठाते हैं या शहादा की सड़कें इसी तरह गुटखा माफिया के कब्जे में रहेंगी।

विज्ञापन

Anil Borade

महाराष्ट्र के धूलिया जिले से हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे ज़मीनी हकीकत को उजागर करने वाली पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं और सामाजिक मुद्दों, राजनीति व जनहित से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ रखते हैं। वर्तमान में वे प्रतिष्ठित नेशनल न्यूज़ चैनल भारत 24 में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे Fact Finding के धूलिया जिला ब्यूरो के प्रमुख भी हैं, जहाँ से वे विश्वसनीय, तथ्यपरक और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Arattai

Join Now

विज्ञापन