महाराष्ट्र: धुळे जिले के पिंपलनेर शहर में एक स्कूली छात्रा के साथ छेड़खानी के गंभीर मामले में आखिरकार Pimpalgaon police action देखने को मिली है। पैरेंट्स के जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी अभी भी फरार है।
शिकायत के बावजूद नहीं हो रही थी कार्रवाई
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित छात्रा के परिवार वालों ने पिछले दो दिनों से लगातार पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया। जब बार-बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई, तो गुस्साए पैरेंट्स ने कल पिंपलनेर पुलिस स्टेशन के सामने जमकर हंगामा किया।
पुलिस स्टेशन के सामने ‘ठिय्या आंदोलन’
परेशान और नाराज अभिभावकों ने पुलिस स्टेशन के बाहर ‘ठिय्या आंदोलन’ शुरू कर दिया। उनका साफ कहना था कि जब तक इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे वहां से हिलने वाले नहीं हैं। इस धरने में काफी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए और पुलिस पर दबाव बनाया गया।
पैरेंट्स का गुस्सा जायज भी था। आखिर किसी भी माता-पिता के लिए अपनी बेटी की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। जब स्कूल जाने वाली मासूम बच्ची के साथ ऐसी घटना हो और पुलिस सुस्ती दिखाए, तो गुस्सा आना स्वाभाविक है।
दबाव में आकर पुलिस हुई एक्टिव
पैरेंट्स के इस आक्रामक विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन की नींद टूटी और Pimpalgaon police action तेज हो गई। आज सुबह से ही पुलिस टीम ने जांच-पड़ताल तेज कर दी और दोपहर तक दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाया गया था। लेकिन वापसी में एक दिलचस्प घटना घटी – पुलिस की सरकारी गाड़ी अचानक बीच रास्ते में खराब हो गई। हालांकि, पुलिस ने समय बर्बाद नहीं किया और तुरंत किसी प्राइवेट वाहन की मदद से आरोपियों को थाने ले आई।
तीसरा आरोपी अभी फरार
इस मामले में कुल तीन लोग शामिल बताए जा रहे हैं। जहां दो को पुलिस ने काबू में कर लिया है, वहीं तीसरा आरोपी अभी भी फरार चल रहा है। पुलिस टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई हैं और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार करने का दावा कर रही हैं।
इलाके में संतोष का माहौल
कल के धरने के बाद आज हुई इस तेज कार्रवाई से पूरे इलाके में संतोष का माहौल है। स्थानीय लोग Pimpalgaon police action की सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि अगर शुरू में ही पुलिस ने एक्शन लिया होता, तो धरना-प्रदर्शन की नौबत ही नहीं आती।
इस कार्रवाई का इलाके के बदमाशों पर भी असर हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छेड़खानी करने वालों के हौसले अब पस्त हो गए हैं। पैरेंट्स की एकजुटता और पुलिस की सख्ती ने यह संदेश दे दिया है कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह केस क्यों है अहम
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि जब आम नागरिक एकजुट होकर अपनी आवाज उठाते हैं, तो सिस्टम को भी सुनना पड़ता है। पैरेंट्स ने अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए जो हिम्मत दिखाई, वह सराहनीय है।
साथ ही, यह घटना पुलिस प्रशासन के लिए भी एक सबक है कि शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए और समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए। देरी से की गई कार्रवाई न सिर्फ न्याय में देरी है, बल्कि लोगों का सिस्टम पर से विश्वास भी कम करती है।
अब देखना यह है कि फरार चल रहे तीसरे आरोपी को कब तक गिरफ्तार किया जाता है और इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
















