Animal Attack: महाराष्ट्र के नागपुर शहर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां हुडकेश्वर थाना क्षेत्र के नरसाला रोड पर रहने वाली एक 8 महीने की मासूम बच्ची पर किसी अज्ञात जानवर ने हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची की मौत हो गई। यह घटना देर रात हुई जब पूरा परिवार सो रहा था।
कैसे हुई यह दर्दनाक घटना
मृतक बच्ची का नाम अनुष्का रवि मेंढार बताया जा रहा है। अनुष्का के पिता विजय राज एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी करते हैं और वे काम की तलाश में अपने परिवार के साथ करीब एक महीने पहले ही नागपुर आए थे। परिवार अंडरग्राउंड लाइन और गार्ड लाइन के काम के सिलसिले में यहां आया था और वर्कसाइट के पास ही एक अस्थायी झोपड़ी में रह रहा था।
घटना की रात करीब 12 बजे अनुष्का की मां ने उसे दूध पिलाया और फिर पूरा परिवार सो गया। रात करीब 2 बजे जब पिता की अचानक नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बच्ची झोपड़ी में नहीं है। परिवार घबरा गया और तुरंत आसपास तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर झाड़ियों में बच्ची का शव मिला, जिस पर किसी जानवर ने भयानक हमला किया था।
पुलिस ने शुरू की जांच
इस animal attack nagpur की घटना की जानकारी मिलते ही हुडकेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि हमला किस जानवर ने किया। कुछ लोगों का मानना है कि यह किसी जंगली कुत्ते या तेंदुए का हमला हो सकता है, लेकिन पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर पाई है।
स्थानीय वन विभाग की टीम को भी इस मामले की जानकारी दी गई है ताकि वे इलाके में जानवरों की मौजूदगी की जांच कर सकें। पुलिस परिवार के बयान दर्ज कर रही है और आसपास के इलाके में CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल
इस animal attack nagpur की घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागपुर में हजारों प्रवासी मजदूर काम करते हैं और ज्यादातर लोग कंस्ट्रक्शन साइट के पास ही अस्थायी झोपड़ियों में रहते हैं। इन झोपड़ियों में न तो पर्याप्त रोशनी होती है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस मामले पर चिंता जताई है और मांग की है कि कंस्ट्रक्शन कंपनियों को अपने मजदूरों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था करनी चाहिए। लोगों का कहना है कि अगर वर्कसाइट पर सुरक्षित रहने की जगह होती और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।
इलाके में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद पूरे नरसाला रोड इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। आसपास रहने वाले प्रवासी मजदूर परिवार अब रात में सोने से डर रहे हैं। कई परिवारों ने झोपड़ियों के आसपास लाइट लगाने और समूह में रहने का फैसला किया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में नाइट पैट्रोलिंग शुरू की जाए और जानवरों के खतरे से बचाव के उपाय किए जाएं।
आगे की कार्रवाई
हुडकेश्वर पुलिस ने बताया कि वे इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। वन विभाग के साथ मिलकर इलाके में जानवरों की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। साथ ही, कंस्ट्रक्शन कंपनियों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे अपने मजदूरों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम करें।
यह animal attack nagpur की घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि शहरीकरण के दौर में भी जानवरों और इंसानों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों।
















