महाराष्ट्र के धुळे जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक खतरनाक अंतरराज्यीय घरफोड़ी गिरोह (interstate burglary gang) को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पिछले दो महीने से लगातार ग्रामीण इलाकों में सक्रिय था और घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। धुळे तालुका पुलिस की इस सफल कार्रवाई में कुल छह मामलों का खुलासा हुआ है और करीब 15 लाख 60 हजार रुपये का चोरी का माल भी बरामद किया गया है।
कई गांवों में अंजाम दी थी वारदात
धुळे तालुका के कुसुंबा, नेर, मोराणे, कुंडाणे और अकलाड जैसे गांवों में लगातार घरफोड़ी की घटनाएं हो रही थीं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल था और लोग अपने घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे। इन सभी वारदातों की शिकायतें धुळे तालुका पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थीं। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन मोड में आकर इस मामले को हाथ में लिया।
पुलिस ने बनाई स्पेशल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक धनंजय पाटील के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे, अपर पुलिस अधीक्षक अजय देवरे और उपविभागीय पुलिस अधिकारी संजय बांबळे के मार्गदर्शन में यह टीम काम करने लगी। पुलिस ने पुरानी जांच पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी विश्लेषण का भी सहारा लिया।
375 CCTV कैमरों की हुई जांच
जांच टीम ने इस interstate burglary gang को पकड़ने के लिए जबरदस्त मेहनत की। टीम ने आसपास के इलाकों के साथ-साथ तीन राज्यों में लगे करीब 375 ANPR CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इससे आरोपियों की गतिविधियों का सुराग मिलने लगा। कई दिनों तक लगातार जांच करते हुए पुलिस टीम ने जो सुराग पाए, उनके आधार पर सीधे गुजरात और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित दाहोद और गोधरा जिलों में पहुंची।
गुजरात-MP में की छापेमारी
धुळे पुलिस ने गुजरात और मध्य प्रदेश की स्थानीय पुलिस की मदद से वहां छापेमारी की और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। जब पूछताछ की गई तो आरोपियों ने सभी छह घरफोड़ी के मामलों में अपनी संलिप्तता की बात कबूल कर ली। इतना ही नहीं, उन्होंने धुळे में रहने वाले एक स्थानीय साथी का नाम भी उगल दिया।
धुळे लाकर की गई गिरफ्तारी
पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को धुळे लाया और उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने करीब 15 लाख 60 हजार रुपये की चोरी की गई संपत्ति भी बरामद की है। यह एक अंतरराज्यीय गिरोह था जो महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में सक्रिय था।
आधुनिक तकनीक का किया इस्तेमाल
इस interstate burglary gang arrest में आधुनिक तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों की मदद से पुलिस वाहनों की आवाजाही ट्रैक कर पाई। CCTV फुटेज की बारीकी से जांच करके आरोपियों के चेहरे और उनके काम करने के तरीके की पहचान की गई। यह पुलिस की आधुनिक जांच तकनीकों की एक मिसाल है।
ग्रामीणों में राहत की लहर
धुळे तालुका के ग्रामीण इलाकों में इस गिरोह की गिरफ्तारी से लोगों में राहत की लहर है। पिछले दो महीने से चल रही घरफोड़ी की घटनाओं से आम लोग परेशान थे। अब जबकि पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ लिया है, तो लोगों को उम्मीद है कि उनके घर अब सुरक्षित रहेंगे।
धुळे पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि चाहे वे कितने भी राज्यों में सक्रिय हों, कानून का हाथ उन तक जरूर पहुंचेगा। पुलिस विभाग की मेहनत और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल ने इस interstate burglary gang को पकड़ना संभव बनाया है।
















