मध्य प्रदेश के खंडवा में खंडवा बटालियन स्थापना को लेकर अब हलचल तेज़ हो गई है। बुधवार को प्रदेश पुलिस के बड़े अधिकारियों ने सुरगांव निपानी इलाके में जाकर उस जगह को देखा जहां नई बटालियन बनाई जा सकती है। इस दौरान आईजी अनुराग, डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा और खंडवा के एसपी मनोज राय ने ज़मीन का बारीकी से जायज़ा लिया।
अधिकारियों ने प्रस्तावित भूमि का पूरा सर्वे किया और यह समझने की कोशिश की कि यहां बटालियन बनाने के लिए क्या-क्या ज़रूरी होगा। स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन में इस निरीक्षण के बाद उम्मीद जगी है कि अब खंडवा को जल्द ही अपनी बटालियन मिल सकती है।
क्यों ज़रूरी है खंडवा में बटालियन?
खंडवा ज़िले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। यहां की सांप्रदायिक पृष्ठभूमि को देखते हुए और धार्मिक जुलूसों, त्योहारों के समय अतिरिक्त पुलिस बल की ज़रूरत पड़ती है। इसी वजह से खंडवा बटालियन स्थापना की मांग कई सालों से की जा रही थी।
खंडवा सिर्फ एक सामान्य ज़िला नहीं है। यहां प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग है जहां साल भर लाखों श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा सिंगाजी की समाधि स्थल, हनुमंतिया का खूबसूरत पर्यटन स्थल और कई अन्य विकास परियोजनाएं यहां चल रही हैं। इन सभी जगहों पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थायी पुलिस बल होना बेहद ज़रूरी है।
2018 से लटका हुआ था प्रस्ताव
दरअसल, खंडवा बटालियन स्थापना का प्रस्ताव कोई नया नहीं है। साल 2018 में भी इसके लिए सौ एकड़ सरकारी ज़मीन आवंटित की गई थी और प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया था। लेकिन तब से यह फ़ाइल ठंडे बस्ते में पड़ी रही। अब एक बार फिर इस मामले में तेज़ी आई है और वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण इस बात का संकेत है कि अब काम आगे बढ़ सकता है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खंडवा की भौगोलिक स्थिति, धार्मिक महत्व और पर्यटन के बढ़ते महत्व को देखते हुए यहां बटालियन होना बेहद ज़रूरी है। फिलहाल किसी भी बड़े आयोजन या आपातकालीन स्थिति में दूसरे ज़िलों से पुलिस बल मंगवाना पड़ता है, जिसमें समय भी लगता है और खर्च भी बढ़ता है।
विधानसभा में भी उठा था मुद्दा
खंडवा के विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को ज़ोरदार तरीके से उठाया था। उस समय मंत्रियों ने भी इस मांग का समर्थन किया था और आश्वासन दिया था कि इस पर जल्द कार्रवाई होगी। अब जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद आकर ज़मीन का निरीक्षण किया है, तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को लगने लगा है कि अब बटालियन बनना तय है।
क्या है आगे की राह?
हालांकि निरीक्षण के बाद खंडवा बटालियन स्थापना की संभावनाएं काफ़ी मज़बूत हो गई हैं, लेकिन अभी अंतिम फ़ैसला बाकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब इसके लिए सांसद, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को मिलकर सरकार पर दबाव बनाना होगा। अगर सबने मिलकर प्रयास किया तो जल्द ही खंडवा को अपनी बटालियन मिल सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बटालियन बनने से न सिर्फ़ सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत होगी, बल्कि रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी ज़्यादा सुरक्षित महसूस होगा।
खंडवा वासियों के लिए यह एक बड़ी ख़ुशख़बरी हो सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण और सकारात्मक रवैया उम्मीद जगाता है कि अब खंडवा बटालियन स्थापना का सपना जल्द ही हकीकत में बदल सकता है।















