- गर्ल्स हॉस्टल में BTech फर्स्ट ईयर की सव्याश्री ने दुपट्टे से फांसी लगाई।
- स्टाफ से कहासुनी के बाद कमरे से नहीं निकली, मोबाइल-लैपटॉप जब्त जांच शुरू।
- सुसाइड नोट नहीं मिला, परिजनों के बयान और पीएम रिपोर्ट का इंतजार।
RGPV Bhopal Student Suicide: मध्य प्रदेश के भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के गर्ल्स हॉस्टल से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां BTech first year की छात्रा सव्याश्री मुनागला ने अपने हॉस्टल रूम में फांसी लगाकर जान दे दी, जिससे कैंपस का माहौल गमगीन हो गया है। शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि सुसाइड से पहले छात्रा की हॉस्टल स्टाफ से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद वह कमरे से बाहर ही नहीं निकली।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस और हॉस्टल सूत्रों के मुताबिक, RGPV Bhopal student suicide केस की छात्रा सव्याश्री मुनागला की उम्र करीब 19 साल बताई जा रही है और वह मध्यप्रदेश के धार जिले की रहने वाली थी। सव्याश्री राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में BTech Computer Science and Business System (CSBS) कोर्स की first year स्टूडेंट थी और कैंपस के अंदर बने गर्ल्स हॉस्टल में ही रहती थी।
बताया जा रहा है कि घटना से पहले उसका हॉस्टल की एक महिला स्टाफ से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई और फिर बाहर नहीं निकली, जिस वजह से साथ रहने वाली अन्य छात्राएं भी परेशान हो गईं।
दोपहर तक बाहर नहीं आई, तब खुला राज
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात डिनर के बाद सव्याश्री अपने कमरे में चली गई थी और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। गुरुवार दोपहर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकली और न ही किसी को जवाब दिया, तो रूम पार्टनर और आस-पास की लड़कियों ने हॉस्टल स्टाफ को इसकी जानकारी दी।
हॉस्टल वार्डन और स्टाफ ने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। स्थिति संदिग्ध लगने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और RGPV Bhopal student suicide की आशंका को देखते हुए मौके पर टीम भेजी गई।
फंदे पर लटकी मिली छात्रा, दुपट्टे से बनाया फांसी का फंदा
पुलिस के आने के बाद कमरे का दरवाजा खुलवाया गया तो अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। सव्याश्री अपने ही दुपट्टे से बने फंदे पर लटकी हुई मिली और तुरंत उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौके पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने कमरे की बारीकी से जांच की और सीन को डॉक्यूमेंट किया।
पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर छात्रा के शव को हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है। फिलहाल मामले को RGPV Bhopal student suicide के रूप में दर्ज कर सभी एंगल से जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट नहीं मिला, मोबाइल और लैपटॉप जब्त
अब तक की जांच में पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। जांच टीम ने छात्रा का मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिया है, ताकि चैट, मेल, सोशल मीडिया और पर्सनल फाइल्स के आधार पर यह समझा जा सके कि वह किन मानसिक दबावों से गुजर रही थी।
पुलिस का कहना है कि RGPV Bhopal student suicide केस में डिजिटल एविडेंस काफी अहम रहेंगे, क्योंकि इससे यह पता चल सकता है कि छात्रा पर पढ़ाई, पारिवारिक, निजी रिश्तों या हॉस्टल मैनेजमेंट से जुड़े किसी तरह का दबाव था या नहीं।
परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम
घटना की जानकारी सव्याश्री मुनागला के परिवारवालों को दे दी गई है। बताया जा रहा है कि वह धार जिले से भोपाल के लिए रवाना हो चुके हैं। परिजन के आने के बाद ही हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मौत का टाइम और कारण साफ हो सकेगा।
पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और कहा है कि RGPV Bhopal student suicide केस में आगे की कार्रवाई परिजनों के बयान, रूममेट्स और हॉस्टल स्टाफ की पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद तय की जाएगी।
हॉस्टल स्टाफ से कहासुनी भी जांच के घेरे में
शुरुआती स्तर पर यह बात सामने आई है कि छात्रा की हॉस्टल की एक महिला स्टाफ से किसी बात पर बहस हुई थी। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि विवाद किस वजह से हुआ था, लेकिन पुलिस इस एंगल की भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस टकराव का सीधा कनेक्शन RGPV Bhopal student suicide से है या नहीं।
हॉस्टल स्टाफ, वार्डन और साथ रहने वाली लड़कियों से पूछताछ करके यह समझने की कोशिश की जा रही है कि सव्याश्री पिछले कुछ दिन से किस तरह के व्यवहार में बदलाव दिखा रही थी और क्या वह किसी स्ट्रेस या डिप्रेशन में थी।
स्टूडेंट्स में दहशत, काउंसलिंग की जरूरत पर जोर
इस घटना के बाद RGPV कैंपस की लड़कियों में डर और गहरा तनाव देखने को मिल रहा है। कई छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई का प्रेशर, घर से दूर रहना, हॉस्टल रूल्स और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस करना कई बार मुश्किल हो जाता है, लेकिन ऐसे में समय रहते काउंसलिंग और इमोशनल सपोर्ट मिलना बहुत जरूरी है।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि RGPV Bhopal student suicide जैसी घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस में रेगुलर मेंटल हेल्थ सेशन, हेल्पलाइन और प्रोफेशनल काउंसलर की उपलब्धता जरूरी है, ताकि छात्र अपनी परेशानी खुलकर शेयर कर सकें।















