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Mohan Yadav Son Wedding: CM के बेटे की शादी में क्या हुआ ऐसा? बाबा रामदेव-धीरेंद्र शास्त्री का बयान सुन उड़ जाएंगे होश

Mohan Yadav Son Wedding में क्या हुआ खास? बाबा रामदेव-धीरेंद्र शास्त्री ने दिया बड़ा बयान। 22 जोड़ों को मिले शानदार तोहफे। पूरी खबर तस्वीरों के साथ पढ़ें अभी।

Updated at: Fri, 05 Dec 2025, 11:52 PM (IST)
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मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुई एक शादी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने बेटे डॉ अभिमन्यु यादव की शादी को लेकर जो फैसला लिया, वो सबके लिए मिसाल बन गया। Mohan Yadav Son Wedding में सिर्फ उनका बेटा ही नहीं, बल्कि 21 और जोड़े भी एक साथ सात फेरे लेकर परिणय सूत्र में बंधे। इस खास मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री भी पहुंचे और उनका बयान सुनकर सबकी आंखें नम हो गईं।

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उज्जैन में सजा सामूहिक विवाह का मंडप

Mohan Yadav Son Wedding को लेकर उज्जैन में जबरदस्त तैयारियां की गई थीं। लेकिन यह कोई आम शादी नहीं थी। मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की शादी को सामूहिक विवाह के रूप में मनाने का फैसला लिया। कुल 22 जोड़े एक साथ विवाह बंधन में बंधे। इस अनोखे आयोजन में देश के कई बड़े नाम शामिल हुए। योग गुरु बाबा रामदेव, बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज समेत कई संत-महात्मा इस शुभ घड़ी में मौजूद रहे।

बाबा रामदेव का इमोशनल बयान

Mohan Yadav Son Wedding के दौरान बाबा रामदेव का बयान सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा, “आज मुख्यमंत्री जी ने जो किया है, वो हर राजनेता, हर उद्योगपति और हर बड़ी हस्ती को सीखना चाहिए। अपने बेटे की शादी को सामूहिक विवाह के रूप में मनाना… यह सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि समाज को दिशा दिखाने का काम है।”

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बाबा रामदेव ने आगे कहा, “इससे सामाजिक समरसता बढ़ती है। आज की तारीख में जब शादियों में करोड़ों रुपए फूंके जाते हैं, ऐसे में यह पहल दिल को छू गई। हर शहर में ऐसे आयोजन होने चाहिए।” उनके इस बयान को सुनकर मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।

धीरेंद्र शास्त्री ने भी की जमकर तारीफ

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी Mohan Yadav Son Wedding की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “यह आयोजन सिर्फ अनोखा नहीं, बल्कि अद्भुत है। जब एक मुख्यमंत्री अपनी सादगी नहीं छोड़ता और समाज के साथ खड़ा होकर अपने बेटे की शादी करता है, तो यह प्रेरणा देता है।”

धीरेंद्र शास्त्री ने जोर देकर कहा, “ऐसे कार्यक्रम देश के हर कोने में होने चाहिए। इससे फिजूलखर्ची रुकती है और समाज में समानता का भाव आता है। मुख्यमंत्री जी ने साबित कर दिया कि पद कितना भी बड़ा हो, संस्कार और मूल्य सबसे ऊपर होते हैं।”

राजनीतिक गलियारे से पहुंचे दिग्गज

Mohan Yadav Son Wedding में राजनीतिक गलियारे के कई बड़े चेहरे नजर आए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यपाल मंगू भाई पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, विश्वास सारंग, करण सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी इस समारोह में हिस्सा लिया। मध्य प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता उज्जैन पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद सभी अतिथियों की अगवानी की और हर किसी को सम्मान दिया।

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22 जोड़ों को मिले शानदार तोहफे

Mohan Yadav Son Wedding में शामिल सभी 22 जोड़ों को शानदार उपहार दिए गए। मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने हर जोड़े को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए खास तोहफे दिए। इनमें मोटरसाइकिल, अलमारी, सोफा सेट, मंगलसूत्र, चांदी के आभूषण, बर्तन और तमाम घरेलू सामान शामिल था।

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लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि अखाड़ा परिषद की ओर से हर जोड़े को एक-एक लाख रुपए नकद भी दिए गए। यह रकम नवदंपतियों के लिए अपनी नई गृहस्थी बसाने में काफी मददगार साबित होगी। ऐसे उपहारों से साफ जाहिर होता है कि यह सिर्फ एक रस्म अदायगी नहीं थी, बल्कि दिल से किया गया आयोजन था।

समाज को मिला बड़ा संदेश

Mohan Yadav Son Wedding सिर्फ एक शादी का समारोह नहीं था, बल्कि यह समाज के लिए एक मजबूत संदेश लेकर आया। आज के दौर में जब शादियों में दिखावा और फिजूलखर्ची चरम पर है, तब एक मुख्यमंत्री का अपने बेटे की शादी को इतनी सादगी से मनाना बड़ी बात है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समाज के प्रभावशाली लोग ऐसी परंपराएं अपनाएं तो आम जनता भी इससे प्रेरणा लेगी। सामूहिक विवाह की यह व्यवस्था न केवल खर्च कम करती है बल्कि समाज में समानता और भाईचारे का भाव भी जगाती है।

क्यों खास था यह आयोजन?

पहली बात तो यह कि एक मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की शादी को सामूहिक विवाह के रूप में मनाया। दूसरी बात, इसमें बाबा रामदेव और धीरेंद्र शास्त्री जैसी बड़ी हस्तियों ने शिरकत की और समाज को संदेश दिया। तीसरी बात, 22 जोड़ों को शानदार उपहार देकर उनकी नई शुरुआत को यादगार बनाया गया।

Mohan Yadav Son Wedding का यह आयोजन साबित करता है कि अगर नीयत साफ हो तो पद पर बैठे लोग भी सामाजिक बदलाव की मिसाल पेश कर सकते हैं। यह परंपरा अब दूसरे राज्यों में भी फैलनी चाहिए ताकि शादी-ब्याह में होने वाले बेतहाशा खर्च पर लगाम लग सके।

उज्जैन में छाई खुशियां

उज्जैन शहर में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। लोगों ने मुख्यमंत्री के इस फैसले की खूब तारीफ की। सोशल मीडिया पर भी Mohan Yadav Son Wedding को लेकर तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोग बाबा रामदेव और धीरेंद्र शास्त्री के बयान को शेयर कर रहे हैं और इसे एक नई शुरुआत बता रहे हैं।

यह आयोजन निश्चित तौर पर लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपनी सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी से एक मिसाल कायम की है, जिसे हर किसी को फॉलो करना चाहिए।

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