Lokayukta Indore: जिंदगीभर सरकारी नौकरी करने के बाद जब कोई रिटायर होता है, तो उसे बस यही उम्मीद होती है कि उसकी पेंशन, ग्रेच्युटी और बाकी हक समय पर मिल जाएं। लेकिन झाबुआ जिले के एक रिटायर्ड कर्मचारी के साथ ऐसा नहीं हुआ। उनके अपने ही विभाग की एक कर्मचारी ने उनसे रिश्वत मांग ली — और वो भी उनके खुद के हक के कागज बनाने के बदले में। मगर इस बार भ्रष्टाचार की यह कोशिश लोकायुक्त इंदौर की नजर से नहीं बची।
कौन हैं पीड़ित?
63 साल के श्री कमल सिंह ठाकुर पेटलावद, जिला झाबुआ के रहने वाले हैं। वे शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद में कम्पाउंडर के पद पर काम करते थे और 28 फरवरी 2026 को सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के बाद उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान का लाभ मिलना था — जो कि उनका कानूनी हक है।
कैसे हुई रिश्वत की मांग?
रिटायरमेंट के बाद जब कमल सिंह अपने कागज बनवाने के लिए जिला आयुष कार्यालय झाबुआ के चक्कर लगाने लगे, तब वहां तैनात श्रीमती रत्नाप्रेम पंवार — जो सहायक ग्रेड-2 हैं — ने उनसे बिल तैयार करने और कोषालय से राशि निकलवाने के एवज में ₹12,000 रिश्वत की मांग कर दी।
एक रिटायर्ड कर्मचारी, जिसने जिंदगीभर ईमानदारी से काम किया, उसे अब अपना हक पाने के लिए भी रिश्वत देनी पड़े — यह सोचकर ही मन खराब हो जाता है। लेकिन कमल सिंह ठाकुर ने हार नहीं मानी।
लोकायुक्त तक पहुंची शिकायत
कमल सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सहाय को की। जांच में शिकायत सही पाई गई और 20 मार्च 2026 को ट्रेप की कार्रवाई की तैयारी कर ली गई।
पति को भेजा रिश्वत लेने — राजगढ़ चौराहे पर पकड़ाए
आरोपी रत्नाप्रेम पंवार ने खुद रिश्वत लेने की बजाय अपने पति श्री नरेन्द्र पंवार (उम्र 63 वर्ष) को भेजा। नरेन्द्र पंवार राजगढ़ चौराहा, झाबुआ पर कमल सिंह ठाकुर से ₹10,000 रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
क्या धाराएं लगाई गईं?
दोनों आरोपियों — श्रीमती रत्नाप्रेम पंवार और श्री नरेन्द्र पंवार — के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और BNS की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ट्रेप टीम में ये रहे शामिल
इस पूरी कार्रवाई को कार्यवाहक निरीक्षक श्री सचिन पटेरिया की अगुआई में अंजाम दिया गया। टीम में आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, मनीष माथुर, कमलेश तिवारी के साथ-साथ जिला पुलिस लाइन इंदौर की महिला आरक्षक 807 पूजा तोमर और 3329 जान्हवी सेंगर भी शामिल रहीं।
लोकायुक्त की अपील — रिश्वत मांगे तो चुप मत रहिए
लोकायुक्त संगठन भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। आमजन से अपील है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगे, तो तुरंत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर से संपर्क करें।
📍 पता: मोती बंगला, एम.जी. रोड, इंदौर – 452007
📞 दूरभाष: 0731-2533160 | 0731-2430100
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जब आम आदमी हिम्मत करके आवाज उठाता है, तो सिस्टम भी काम करता है।












