Burhanpur Shiv Mandir: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में धार्मिक संरचना को नुकसान पहुंचाने के एक संवेदनशील मामले में स्थानीय पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना ग्राम बिरोदा में स्थित महादेव मंदिर में हुई, जहां अज्ञात लोगों ने मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
क्या हुआ था बिरोदा गांव में?
29 नवंबर 2025 को बुरहानपुर के लालबाग थाना क्षेत्र के बिरोदा गांव में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। गांव में पानी की टंकी के पास पाडला रोड पर स्थित इनाई माता मंदिर के नजदीक बने महादेव मंदिर के साथ बेहद शर्मनाक हरकत की गई। कुछ लोगों ने मंदिर की गुंबद, कलश, जलाधारी और महादेव जी की पिंडी को किसी नुकीली चीज से तोड़ डाला।
इस घटना से न सिर्फ मंदिर को नुकसान पहुंचा, बल्कि स्थानीय हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी चोट पहुंची। स्थानीय निवासी भारत चौधरी ने इस घटना की शिकायत लालबाग थाने में दर्ज कराई।
पुलिस ने कैसे सुलझाया मामला?
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर हर्ष सिंह और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस टीम को तुरंत आरोपियों को पकड़ने के सख्त निर्देश दिए।
नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल की देखरेख में थाना प्रभारी लालबाग अमित सिंह जादौन ने एक विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने आधुनिक तरीकों से जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई और तकनीकी सबूतों के आधार पर काम किया गया।
महज 24 घंटे के अंदर पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, वे हैं:
- फकीरा पिता फत्तु (34 साल) – निवासी बिरोदा, लालबाग, बुरहानपुर
- सिराज तड़वी पिता इब्राहिम तड़वी (35 साल) – निवासी बिरोदा, लालबाग, बुरहानपुर
दोनों आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
क्या है कानूनी कार्रवाई?
लालबाग थाने में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं:
- अपराध क्रमांक 328/25 – धारा 298 और 324(1) बीएनएस के तहत मंदिर को नुकसान पहुंचाने के लिए
- अपराध क्रमांक 330/25, 331/25, 332/25 – धारा 326(A) बीएनएस के तहत खेतों में सिंचाई उपकरण और फसलों को नुकसान पहुंचाने के लिए
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ राज्य सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। यह कानून बेहद सख्त है और इसमें लंबी सजा का प्रावधान है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस केस को सुलझाने में कई पुलिसकर्मियों ने दिन-रात मेहनत की। नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल, निरीक्षक अमित सिंह जादौन, उपनिरीक्षक जयपाल राठौर, सहायक उपनिरीक्षक अमित हनोतिया सहित कई अन्य पुलिसकर्मियों ने अपनी तत्परता से इस मामले को जल्दी सुलझाया।
प्रहरी अजय बारुले, भरत देशमुख, रोहित गोडाले, सुशील इंगले, मनोज पाल, शादाब अली, नितेश सपकाले, महेश प्रजापति और दिपांशु की भी इस सफलता में अहम भूमिका रही।
क्यों अहम है यह कार्रवाई?
बुरहानपुर प्रशासन ने इस केस में जो तेजी दिखाई है, वह सराहनीय है। धार्मिक संवेदनशीलता वाले मामलों में देरी से अक्सर स्थिति बिगड़ने का खतरा होता है। लेकिन यहां 24 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि कानून व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का खुद मौके पर जाना और निर्देश देना भी दिखाता है कि प्रशासन इस तरह की घटनाओं को कितनी गंभीरता से ले रहा है।
आगे क्या होगा?
अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। रासुका के तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है, जो कि एक सख्त कदम है। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहेगा।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना की है और शांति बनाए रखने की अपील की है।















