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IAS Santosh Verma: “ब्राह्मण बेटी दान में दे” बयान पर भड़का ब्राह्मण समाज

IAS Santosh Verma Reservation Statement विवाद: "ब्राह्मण अपनी बेटी दान में दे" बयान पर भोपाल में बवाल, ब्राह्मण समाज ने की कार्रवाई की मांग।

Updated at: Sat, 06 Dec 2025, 12:04 AM (IST)
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में IAS Santosh Verma Reservation Statement को लेकर जबरदस्त बवाल मच गया है। आरक्षण पर दिए गए एक विवादित बयान के बाद वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा विरोध की आग में घिर गए हैं और अब उनकी नौकरी खतरे में दिख रही है।

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AJJAKS कार्यक्रम में क्या बोले संतोष वर्मा?

23 नवंबर को भोपाल के सेकेंड स्टॉप में स्थित अंबेडकर मैदान में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित था। AJJAKS यानी अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांतीय अधिवेशन में IAS अधिकारी संतोष वर्मा प्रांताध्यक्ष का पदभार संभाल रहे थे।

इस मौके पर उन्होंने मंच से जो बयान दिया, वह अब पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। IAS Santosh Verma Reservation Statement में उन्होंने कहा, “एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण तब तक मिलता रहना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान में न दे, या उससे संबंध न बन जाए।”

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यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला आग की तरह फैल गया और अब IAS अधिकारी मुश्किल में फंस गए हैं।

ब्राह्मण समाज ने ठाना विरोध

विवादित बयान के बाद अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने इसे सीधे-सीधे ब्राह्मणों का अपमान बताते हुए जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने IAS Santosh Verma Reservation Statement को अभद्र और असंसदीय बताया है।

पुष्पेंद्र मिश्र ने कहा, “यह एक पढ़े-लिखे व्यक्ति का अभद्र बयान है। ब्राह्मण संगठन ऐसे व्यक्ति की घोर निंदा करता है। यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान से समाज में कैसा संदेश जाएगा और इससे सामाजिक सद्भाव पर बुरा असर पड़ेगा।

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CM से की गई कार्रवाई की मांग

ब्राह्मण समाज के नेताओं ने मुख्यमंत्री से सीधी गुहार लगाई है। पुष्पेंद्र मिश्र ने कहा, “ब्राह्मण समाज इस समय क्रोध में है। हम मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन करते हैं कि ऐसे व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाए। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे मध्य प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन-प्रशासन की होगी।”

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उन्होंने यह भी कहा कि IAS Santosh Verma Reservation Statement अखिल भारतीय सेवा आचरण के बिल्कुल खिलाफ है और यह ब्राह्मण सम्मान के साथ खुला खिलवाड़ है।

बीजेपी सरकार पर भी साधा निशाना

ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ने बीजेपी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “यह वही सरकार है जो लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना चलाती है। प्रधानमंत्री जी ‘बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ’ अभियान चलाते हैं। ऐसी सरकार में एक IAS अधिकारी बेटियों के बारे में इस तरह की अनर्गल टिप्पणी करे, यह बिल्कुल ठीक नहीं है।”

उन्होंने कहा कि यह बयान न सिर्फ अमर्यादित है बल्कि पूरी तरह आपत्तिजनक भी है।

संतोष वर्मा ने दी सफाई, मांगी माफी

जब विवाद बढ़ता देखा तो IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनका मकसद कोई राजनीतिक हंगामा खड़ा करना नहीं था।

वर्मा ने बताया, “बैठक में एक एजेंडा आइटम था कि आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए, धार्मिक आधार पर नहीं। इसी संदर्भ में मैंने कहा था कि अगर मैं आर्थिक रूप से सक्षम हूं और अब सामाजिक रूप से पिछड़ा नहीं हूं, तो मेरे बच्चों को समाज से ‘रोटी-बेटी’ का व्यवहार मिलना चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा, “मेरे मन में किसी भी समुदाय के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है। अगर मेरे IAS Santosh Verma Reservation Statement से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।”

साथ ही संतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी बात का सिर्फ एक हिस्सा काटकर प्रचारित किया है, पूरा संदर्भ नहीं बताया गया है।

आरक्षण की बहस फिर छिड़ी

यह विवाद एक बार फिर आरक्षण के मुद्दे को सामने ले आया है। देश में आरक्षण को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। कुछ लोग इसे आर्थिक आधार पर देने की बात करते हैं तो कुछ इसे सामाजिक पिछड़ेपन से जोड़कर देखते हैं।

लेकिन एक सरकारी अधिकारी का सार्वजनिक मंच से ऐसा बयान देना विवाद को और बढ़ा देता है।

अब क्या होगा?

फिलहाल IAS Santosh Verma Reservation Statement पर प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ब्राह्मण समाज ने साफ कर दिया है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

अब देखना यह होगा कि मध्य प्रदेश सरकार इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाती है और क्या वरिष्ठ IAS अधिकारी के खिलाफ कोई एक्शन लिया जाता है या नहीं।

यह मामला दिखाता है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को अपने शब्दों का कितना ध्यान रखना चाहिए क्योंकि एक छोटी सी बात भी बड़ा विवाद बन सकती है।

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Sameer Mahajan

समीर महाजन, Fact Finding न्यू एज डिजिटल मीडिया के फाउंडर और संपादक हैं। उन्होंने प्रमुख समाचार चैनलों में संवाददाता के रूप में कार्य किया और वर्तमान में बड़े न्यूज़ नेटवर्क से जुड़े हैं। उनकी विशेषता राजनीति, अपराध, खेल, और सामाजिक मुद्दों में है। Fact Finding की स्थापना का उद्देश्य उन खबरों को उजागर करना है जो मुख्यधारा मीडिया में दब जाती हैं, ताकि सच्चाई और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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