मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लूट की वारदात को अंजाम देने वाली खतरनाक गैंग का भंडाफोड़ किया है। निंबोला थाना पुलिस ने robbery gang के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने महाराष्ट्र से गन्ना कटाई के मजदूर लेने आए किसानों के साथ 2.68 लाख रुपये की बड़ी लूट की थी।
कैसे हुई लूट की वारदात?
25 अक्टूबर 2025 को महाराष्ट्र के बीड जिले के खडकी घाट से तीन किसान बुरहानपुर आए थे। इनमें 40 वर्षीय शशिकांत रविन्द्र पाटील, शिवशंकर विठ्ठल जंगले और सत्यम पोपट वाघमारे शामिल थे। ये तीनों अपने खेतों में गन्ना कटाई के लिए मजदूर ढूंढने आए थे।
जब तीनों किसान खातला फाटा इलाके में एक होटल पर चाय पीने रुके, तो पास की टेबल पर बैठा एक अनजान शख्स उनके पास आया। उसने अपना नाम देवेंद्र सिंह भास्कर बताया और कहा कि वह उतांबी गांव का रहने वाला है। जब उसे पता चला कि ये लोग मजदूर ढूंढ रहे हैं, तो उसने दावा किया कि उसके पास 15 जोड़ी यानी 30 मजदूर उपलब्ध हैं।
30,000 रुपये कमीशन की बात पर बना जाल
देवेंद्र ने किसानों से कहा कि वह उन्हें मजदूर दिखा देगा, लेकिन इसके लिए 30,000 रुपये कमीशन लेगा। किसानों ने पहले मजदूरों को देखने की बात कही। इसके बाद देवेंद्र और उसके साथी इन तीनों किसानों को मजदूर दिखाने के बहाने होटल से करीब 10-15 किलोमीटर दूर खातला फाटे के पास जंगल में ले गए।
जंगल में पहुंचकर बदमाशों ने अपनी असलियत दिखाई। उन्होंने गाड़ियां रोकीं और किसानों से कहा कि अब तुम हमारे चंगुल में हो। इसके बाद उन्होंने तीनों किसानों के साथ मारपीट की और उनका सामान लूट लिया।
क्या-क्या लूटा बदमाशों ने?
robbery gang burhanpur के सदस्यों ने किसानों से कुल 2.68 लाख रुपये के सामान की लूट की:
शशिकांत रविन्द्र पाटिल से:
- 40 ग्राम का चांदी का कंगन (12,000 रुपये)
- नकद 6,000 रुपये
- वीवो कंपनी का मोबाइल (10,000 रुपये)
- फोनपे से 95,000 रुपये
- कुल: 1,23,000 रुपये
शिवशंकर विठ्ठल जंगले से:
- दो ग्राम सोने की बालियां (16,000 रुपये)
- दो तोले चांदी की चेन (4,000 रुपये)
- नकद 4,000 रुपये
- वीवो मोबाइल (15,000 रुपये)
- फोनपे से 91,000 रुपये
- कुल: 1,30,000 रुपये
सत्यम पोपट वाघमारे से:
- वीवो मोबाइल (15,000 रुपये)
पुलिस की तेज कार्रवाई
12 नवंबर 2025 को जब पीड़ितों ने निंबोला थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के सख्त निर्देश दिए।
अनुविभागीय अधिकारी निर्भय सिंह अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राहुल कामले ने एक विशेष टीम बनाई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और साइबर सेल की मदद से तकनीकी जानकारी जुटाई।
मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने खातला फाटे से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सभी ने अपराध कबूल कर लिया।
कौन हैं गिरफ्तार बदमाश?
- राजेश उर्फ राजू (32 साल) – उतांबी निवासी
- देवेंद्र उर्फ देवसिंग (30 साल) – उतांबी निवासी
- सोनू (26 साल) – गुलरपानी बोरगांव, खंडवा
- दीपक (30 साल) – गुलरपानी बोरगांव, खंडवा
आरोपियों के कब्जे से 61,500 रुपये नकद और 25,000 रुपये के दो मोबाइल बरामद किए गए। कुल 86,500 रुपये का सामान जब्त किया गया है। बाकी आरोपियों और शेष सामान की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी राहुल कामले के नेतृत्व में उप निरीक्षक गुलाब कछावा, प्रधान आरक्षक अर्जुन, प्रमोद, गगन, दिप्रेन्द्र और चालक पवन की अहम भूमिका रही।
robbery gang मामले में अपराध क्रमांक 380/25 धारा 309(6), 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अभी भी गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
यह मामला बताता है कि बाहर से आने वाले लोगों को अनजान लोगों पर आसानी से भरोसा नहीं करना चाहिए और किसी भी सौदे के लिए सुनसान जगहों पर जाने से बचना चाहिए।















