बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध हकीमी अस्पताल में हुई सनसनीखेज वारदात ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। Burhanpur Hakimi Hospital Case में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। लालबाग रोड स्थित इस अस्पताल में बुधवार को जो कुछ भी हुआ, उसने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।
घटना का घटनाक्रम: आखिर क्या हुआ था?
शहर के व्यस्ततम लालबाग रोड पर स्थित हकीमी अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक का शव वहां संदिग्ध हालत में मिला। शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई थी कि अस्पताल के संचालक और रिटायर्ड सिविल सर्जन पर हमला हुआ है और क्रॉस फायरिंग या गोली चलने से युवक की जान गई है। लेकिन घटना के दूसरे दिन यानी गुरुवार को जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो पुलिस का माथा ठनक गया।
पीएम रिपोर्ट ने बदला जांच का रुख
Burhanpur Hakimi Hospital Case की सबसे बड़ी अपडेट इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। सीएसपी गौरव पाटिल के नेतृत्व में चल रही जांच में यह साफ हो गया है कि युवक की मौत गोली लगने से नहीं हुई थी। डॉक्टरों की टीम ने मृतक के शरीर पर चाकू के कई गंभीर और गहरे घाव पाए हैं। यह खुलासा होते ही पुलिस ने अब अपना पूरा फोकस “ब्लाइंड मर्डर” और “जानलेवा हमले” के एंगल पर शिफ्ट कर दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कौन सा हथियार था जिससे इतने गहरे घाव किए गए और घटना के समय वहां असल में कितने लोग मौजूद थे।
पुलिस की हाई-लेवल जांच और सीसीटीवी की भूमिका
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया है। सीएसपी गौरव पाटिल और थाना प्रभारी खुद घटनास्थल पर बारीकी से साक्ष्य जुटा रहे हैं। पुलिस की जांच मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर टिकी है:
- सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण: पुलिस अस्पताल के भीतर और बाहर लगे कैमरों की घंटों की रिकॉर्डिंग देख रही है। सूत्रों की मानें तो कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनसे बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।
- डिजिटल फुटप्रिंट्स: मृतक के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। उसकी कॉल डिटेल (CDR), व्हाट्सएप चैट और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले वह किसके साथ संपर्क में था या उसे किसी ने अस्पताल बुलाया था।
- अस्पताल के कर्मचारियों के बयान: घटना के वक्त जो भी स्टाफ ड्यूटी पर था, उन सबके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह मिलान कर रही है कि कर्मचारियों के बयानों और सीसीटीवी फुटेज में कोई अंतर तो नहीं है।
छावनी में तब्दील हुआ अस्पताल परिसर
वारदात के बाद से ही हकीमी अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से लालबाग रोड के इस हिस्से में बैरिकेड्स लगा दिए हैं। फिलहाल अस्पताल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी है। केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही अंदर जाने दिया जा रहा है। इसके अलावा, मृतक के गांव जैनाबाद में भी तनाव को देखते हुए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है।
घायलों की स्थिति और कानूनी कार्रवाई
इस हमले में अस्पताल संचालक और रिटायर्ड सिविल सर्जन भी घायल हुए थे। राहत की बात यह है कि उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि जैसे ही वे पूरी तरह बयान देने की स्थिति में होंगे, हमलावर का चेहरा और घटना का मकसद और साफ हो जाएगा।
देर शाम पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस अभी किसी भी नाम का खुलासा करने से बच रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान लगभग सुनिश्चित हो चुकी है, लेकिन पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
बुरहानपुर में चर्चाओं का बाजार गर्म
Burhanpur Hakimi Hospital Case को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कोई इसे पुरानी रंजिश बता रहा है तो कोई इसे अस्पताल के भीतर का ही कोई विवाद मान रहा है। लेकिन पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। सीएसपी गौरव पाटिल ने स्पष्ट किया है कि पुलिस हर बिंदु पर प्रोफेशनल तरीके से जांच कर रही है और जल्द ही पूरी घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
















