- खरगोन के दिनेश पंचोले साइकिल से देश यात्रा पर, धर्म प्रचार और गो माता सम्मान का संकल्प
- चार महीने से लगातार साइकिल यात्रा, 12 ज्योतिर्लिंग और 4 धाम पहुंचने का लक्ष्य
- सादगी में बड़ी सोच की मिसाल, सोशल मीडिया पर यात्रा के अपडेट साझा कर रहे हैं
Khargone Youth Cycling Yatra: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रहने वाले दिनेश पंचोले इन दिनों अपनी साइकिल यात्रा को लेकर देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। दिनेश सनातन हिंदू धर्म के प्रचार और गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के उद्देश्य के साथ साइकिल से भारत भ्रमण पर निकले हैं। बीते चार महीनों से जारी यह यात्रा अब महाराष्ट्र के नासिक जिले तक पहुंच चुकी है।
धुले जिले से होते हुए उनकी यह यात्रा फिलहाल त्र्यंबकेश्वर की ओर आगे बढ़ रही है। रास्ते में जहां भी वह पहुंचते हैं, लोग उनकी सादगी, अनुशासन और मजबूत संकल्प की सराहना कर रहे हैं।
12 ज्योतिर्लिंग और 4 धाम तक साइकिल से पहुंचने का संकल्प
दिनेश पंचोले ने केवल यात्रा नहीं, बल्कि एक कठिन धार्मिक संकल्प लिया है। उन्होंने साइकिल से देश के 12 ज्योतिर्लिंग और 4 धामों की यात्रा पूरी करने का लक्ष्य रखा है। उनकी साइकिल पर सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम साफ तौर पर लिखे हुए हैं, जो उनकी आस्था और उद्देश्य को दर्शाते हैं।
इन ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वर और घृष्णेश्वर शामिल हैं। दिनेश इन सभी पवित्र स्थलों तक खुद साइकिल चलाकर पहुंचने का संकल्प निभा रहे हैं।
सादगी में छिपी बड़ी प्रेरणा
Khargone Youth Cycling Yatra को खास बनाने वाली बात दिनेश पंचोले की जीवनशैली है। वह बेहद साधारण कपड़े पहनते हैं और अपनी साइकिल पर ही जरूरी सामान लेकर सफर कर रहे हैं। न कोई सुरक्षा काफिला, न कोई लग्जरी सुविधा, सिर्फ आत्मविश्वास और आस्था।
दिनेश का मानना है कि धर्म का प्रचार शब्दों से नहीं, बल्कि आचरण से होना चाहिए। यही सोच उन्हें इस कठिन यात्रा में आगे बढ़ने की ताकत दे रही है।
सोशल मीडिया पर मिल रहा भरपूर समर्थन
दिनेश पंचोले अपनी यात्रा के अनुभव और अपडेट सोशल मीडिया पर ‘Panchole Vlogger’ नाम से साझा कर रहे हैं। उनके वीडियो और पोस्ट लगातार लोगों तक पहुंच रहे हैं। कई जगहों पर स्थानीय लोग उन्हें भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था भी उपलब्ध करा रहे हैं।
लोग उनकी इस यात्रा को आस्था, अनुशासन और संकल्प की मिसाल बता रहे हैं। खासकर युवा वर्ग उनके विचारों और हौसले से खुद को जोड़ रहा है।
समाज को दिया मजबूत संदेश
Khargone Youth Cycling Yatra केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है। दिनेश पंचोले गो माता के सम्मान और सनातन परंपराओं के संरक्षण की बात कर रहे हैं।
उनका कहना है कि अगर लक्ष्य साफ हो और नीयत मजबूत हो, तो साधारण संसाधनों से भी असाधारण काम किया जा सकता है। उनकी यह यात्रा आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।
















