- भोपाल के ईटखेड़ी में 14 से 17 नवंबर तक तबलीगी इज्तिमा, लाखों मुसलमान जुटेंगे।
- 40 देशों से आने वाले विदेशी नागरिकों की जांच और रिकॉर्डिंग की मांग तेज।
- प्रशासन ने ड्रोन सर्विलांस, CCTV और चेक पोस्ट से सुरक्षा कड़ी की।
Bhopal Tabligi Ijtema 2025: मध्य प्रदेश के भोपाल के ईटखेड़ी इलाके में इस साल तबलीगी जमात का 78वां आलमी इज्तिमा 14 से 17 नवंबर 2025 तक आयोजित होने जा रहा है। यह दुनिया के सबसे बड़े इस्लामी धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस बार करीब 10 लाख मुसलमानों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, सऊदी अरब और अफ्रीकी देशों से भी प्रतिनिधि शामिल होंगे।
आयोजन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। लगभग 120 एकड़ के विशाल पंडाल और 300 एकड़ की पार्किंग व्यवस्था की गई है। वहीं 30,000 से अधिक स्वयंसेवक और सरकारी कर्मचारी सुरक्षा, ट्रैफिक, पानी, सफाई और अन्य इंतजाम संभालने में जुटे हैं।
हिंदू संगठनों और संत समाज की चिंता – “विदेशियों की जांच जरूरी”
इज्तिमा को लेकर हिंदू संगठनों और संत समाज ने कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर विदेशी नागरिकों का आना सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील है, इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की एंट्री न हो।
अखिल भारतीय साधु-संत परिषद सहित कई संगठनों ने मांग की है कि
- विदेशों से आने वाले सभी लोगों की वीजा जांच और दस्तावेजों की पड़ताल की जाए।
- कार्यक्रम स्थल पर पूरी रिकॉर्डिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
- स्थानीय लोगों की सुविधा और दीपावली के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
संगठनों का यह भी कहना है कि पिछले कुछ सालों में तबलीगी जमात के आयोजनों में वीजा नियमों का उल्लंघन और देश विरोधी गतिविधियों की आशंका जैसी बातें सामने आई थीं। इसलिए इस बार सरकार को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।
प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी, पुलिस की विशेष टीम तैनात
भोपाल प्रशासन और पुलिस विभाग ने इस आयोजन को लेकर अलर्ट मोड अपना लिया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी देश से आने वाले प्रतिभागी को बिना जांच के प्रवेश नहीं मिलेगा।
भोपाल के पुलिस आयुक्त ने बताया कि —
“हर विदेशी प्रतिभागी की एंट्री से पहले पासपोर्ट और वीजा की जांच की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर CCTV कैमरे, ड्रोन सर्विलांस और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा में पुलिस के अलावा CRPF और खुफिया एजेंसियों की टीमें भी मौजूद रहेंगी।”
प्रशासन का यह भी कहना है कि आयोजन स्थल के चारों ओर बैरियर और चेक पोस्ट लगाए जा रहे हैं, ताकि बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति अंदर न जा सके।
दीपावली के बीच इज्तिमा पर आपत्ति
कुछ स्थानीय संगठनों का कहना है कि दीपावली के ठीक बाद इतना बड़ा आयोजन होने से ट्रैफिक और व्यवस्थाओं पर दबाव पड़ेगा।
भोपाल शहर में पहले से ही त्योहारी भीड़ रहती है और ऐसे में लाखों लोगों का जुटना लॉजिस्टिक चुनौती बन सकता है।
इन संगठनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आयोजन स्थल तक जाने वाले रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन और विशेष सफाई अभियान चलाया जाए ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
सियासी घमासान – BJP और Congress आमने-सामने
Bhopal Tabligi Ijtema 2025 को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि आयोजन धार्मिक है, लेकिन सुरक्षा और जांच को लेकर सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी सूरत में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
बीजेपी प्रवक्ता ने बयान दिया —
“विदेशी नागरिकों की जांच कोई राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षा का सवाल है। जब भी इतने देशों से लोग आते हैं तो रिकॉर्डिंग और मॉनिटरिंग जरूरी होती है।”
वहीं कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा है कि इज्तिमा को राजनीति का रंग देना गलत है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रशासन को निष्पक्ष और संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए ताकि धार्मिक सौहार्द बना रहे।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा —
“इज्तिमा जैसे आयोजन मध्य प्रदेश की पहचान हैं। सरकार को इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए। सभी धर्मों के कार्यक्रमों को समान सम्मान मिलना चाहिए।”
तबलीगी जमात का पुराना रिकॉर्ड भी चर्चा में
तबलीगी जमात के पिछले आयोजनों में कई बार वीजा नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए थे।
2019 और 2020 में पुलिस ने 60 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को गलत वीजा श्रेणी में भारत आने और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
कोविड-19 महामारी के दौरान भी तबलीगी जमात चर्चा में रही थी, जब दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में हुए आयोजन से संक्रमण फैलने का मामला उठा था।
इन्हीं पुराने मामलों को देखते हुए इस बार प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता।
तैयारियों का जायजा – पंडाल से लेकर मेडिकल कैंप तक
प्रशासन और आयोजक मिलकर पूरे आयोजन स्थल को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में जुटे हैं।
- 120 एकड़ का मुख्य पंडाल बनाया गया है जहां नमाज, तकरीर और धार्मिक बैठकें होंगी।
- 300 एकड़ का पार्किंग एरिया तैयार किया गया है ताकि वाहनों की भीड़ नियंत्रित रहे।
- आयोजन स्थल के पास अस्थायी मेडिकल कैंप, पानी के टैंकर और शौचालय की व्यवस्था की जा रही है।
- महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग प्रवेश द्वार और विश्राम क्षेत्र तय किए गए हैं।
प्रशासन की अपील – अफवाहों से दूर रहें
भोपाल जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक खबर पर ध्यान न दें।
सभी तैयारियां सुरक्षा मानकों के अनुसार की जा रही हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जांच की जाएगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि —
“सरकार चाहती है कि यह आयोजन शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो। सभी समुदायों को मिलकर मध्य प्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत बनाना चाहिए।”
आस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती
Bhopal Tabligi Ijtema 2025 सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और प्रशासनिक सतर्कता की परीक्षा भी बन गया है।
जहां एक ओर लाखों लोग इसे आस्था का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और विदेशियों की जांच का मुद्दा भी लगातार चर्चा में है।
सरकार और प्रशासन दोनों पक्षों की चिंताओं को संतुलित रखने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यह आयोजन शांति, सुरक्षा और भाईचारे के साथ संपन्न हो सके।
















