महाराष्ट्र के धुले शहर के वार्ड नंबर 4 में एक ऐसी घटना हुई है जिसने पूरे शहर में सियासी भूचाल ला दिया है। यहां हजारों की तादाद में dhule voting cards लावारिस हालत में मिले हैं। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है और अब MIM पार्टी ने NCP पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं।
आखिर क्या है पूरा माजरा?
धुले म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव करीब आ रहे हैं और ऐसे नाजुक वक्त में यह घटना सामने आई है। MIM पार्टी के कार्यकर्ताओं को वार्ड 4 में dhule voting cards का एक बड़ा जखीरा मिला। जब उन्होंने इसे देखा तो तुरंत प्रशासन को इसकी जानकारी दी। अब सवाल यह उठ रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में वोटिंग कार्ड एक साथ एक जगह कैसे पहुंचे? क्या यह किसी बड़ी चुनावी साजिश का हिस्सा है?
MIM ने NCP पर क्यों उठाई उंगली?
इस पूरे मामले में MIM ने काफी आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी ने सीधे-सीधे नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ये dhule voting cards उनकी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं। MIM नेताओं का दावा है कि इन कार्ड्स को चुनाव में धांधली करने या वोटरों को गुमराह करने के लिए जमा किया गया होगा।
उनका कहना है कि इन कार्ड्स का इस्तेमाल फर्जी वोटिंग करने के लिए किया जा सकता था। इसलिए उन्होंने प्रशासन से इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इरशाद जहागीरदार का बयान
MIM नेता इरशाद जहागीरदार खुद धुले नगर निगम के कमिश्नर से मिले और उन्हें dhule voting cards मिलने की पूरी जानकारी दी। उन्होंने कमिश्नर से मांग की कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए और असली साजिशकर्ताओं का पता लगाया जाए।
इरशाद जहागीरदार ने कड़े शब्दों में कहा, “यह हमारे लोकतंत्र के साथ खुला खिलवाड़ है। इतनी बड़ी तादाद में dhule voting cards का मिलना कोई साधारण बात नहीं है। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ तुरंत क्रिमिनल केस दर्ज होना चाहिए। अगर प्रशासन ने इस मामले में ढिलाई दिखाई, तो हम जोरदार विरोध करेंगे।”
चुनाव से पहले क्यों बढ़ गई टेंशन?
धुले म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव बिल्कुल नजदीक हैं और ऐसे में यह विवाद और भी संगीन हो गया है। वार्ड 4 में dhule voting cards की बरामदगी ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। विपक्षी दल इसे चुनावी धांधली की बड़ी साजिश बता रहे हैं, जबकि प्रशासन ने अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है।
स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर चिंतित हैं। उन्हें लग रहा है कि कहीं उनके वोट के साथ खिलवाड़ न हो जाए। चुनाव आयोग को भी इस मामले की जानकारी दी गई है।
प्रशासन क्या एक्शन ले रहा है?
फिलहाल प्रशासन ने कहा है कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं। धुले नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि dhule voting cards के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
लेकिन MIM और दूसरे विपक्षी दलों को लग रहा है कि यह सिर्फ दिखावा है। उनकी साफ मांग है कि इस मामले में FIR दर्ज की जाए और जो भी दोषी हों, उन्हें सख्त सजा मिले।
आगे क्या होगा?
यह मामला अभी खत्म होने वाला नहीं लगता। MIM ने साफ कर दिया है कि अगर dhule voting cards के मामले में सही जांच नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन छेड़ देंगे। दूसरी ओर, NCP ने अभी तक इन आरोपों पर चुप्पी साध रखी है।
धुले के नागरिक भी इस मामले को लेकर परेशान हैं। उनकी उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाएगा। अब देखना यह होगा कि dhule voting cards के इस पूरे विवाद का अंत कैसे होता है और क्या सच में कोई बड़ी साजिश थी या यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का मामला है।















