नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। इस बार निशाना है देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना MGNREGA। शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया है, जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में क्या कहा?
शिवराज सिंह चौहान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे खूब शेयर कर रहे हैं और अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस वीडियो में कृषि मंत्री ने MGNREGA controversy को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है।
कांग्रेस बहा रही घड़ियाली आंसू: शिवराज
अपने वायरल वीडियो संदेश में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस आजकाल मनरेगा के नाम पर छाती पीट-पीटकर रो रही है और घड़ियाली आंसू बहा रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब यह योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी।
कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा में इतना भ्रष्टाचार हुआ कि मजदूरों की जगह मशीनों से काम करवाया जाता था। असली मजदूरों को काम नहीं मिलता था, बल्कि ठेकेदारों के जरिए काम करवाया जाता था।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
शिवराज सिंह चौहान का यह वीडियो X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट होते ही तेजी से वायरल होना शुरू हो गया। कुछ ही घंटों में इस वीडियो को हजारों व्यूज मिल गए और लोगों ने इसे रीट्वीट और शेयर करना शुरू कर दिया। भाजपा समर्थक इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थक इसका विरोध कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
अपने वायरल वीडियो में शिवराज सिंह चौहान ने MGNREGA controversy को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
ओवर एस्टिमेट का खेल: उन्होंने बताया कि एक ही काम को कई बार दिखाकर पेमेंट निकाल ली जाती थी। काम के अनुमान को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता था।
एक ही जगह बार-बार काम: शिवराज ने कहा कि एक ही जगह पर बार-बार मिट्टी डालने का काम दिखाया जाता था। कागजों पर तो काम हो रहा था, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हो रहा था।
फर्जी जॉब कार्ड की भरमार: सबसे बड़ी समस्या थी फर्जी जॉब कार्डों की। जो मजदूर असल में काम नहीं करते थे, उनके नाम पर भी पैसा निकाला जा रहा था।
काम का मूल्यांकन नहीं: कई बार तो ऐसे काम दिखाए जाते थे जिनका सर्वे या मूल्यांकन ही नहीं हुआ था। सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जाती थी।
जयराम रमेश के बयान का हवाला
शिवराज सिंह चौहान ने अपने वायरल वीडियो में कांग्रेस नेता जयराम रमेश के ही एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि खुद जयराम रमेश ने कहा था – “क्या मनरेगा सिर्फ गड्ढा खोदने और शौचालय बनाने के लिए है?”
कृषि मंत्री का कहना है कि जब कांग्रेस के अपने ही नेता को यह सवाल उठाना पड़ा, तो साफ है कि योजना में कितनी खामियां थीं। यह हिस्सा वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा में है।
मोदी सरकार ने किए सुधार
शिवराज सिंह चौहान ने अपने वीडियो में दावा किया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद MGNREGA में कई जरूरी सुधार किए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने अपने कार्यकाल में इस योजना के लिए क्या किया? कुछ भी नहीं!
उन्होंने तंज कसते हुए कहा – “अंधा बांटे रेवड़ी, छीन-छीन के ले। हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और।” मतलब साफ था कि कांग्रेस ने सिर्फ दिखावे के लिए काम किया, असली विकास नहीं हुआ। वीडियो में यह अंदाज काफी तल्ख था, जो लोगों का ध्यान खींच रहा है।
बजट के आंकड़ों का खुलासा
शिवराज ने अपने वायरल वीडियो में आंकड़ों के जरिए अपनी बात को और मजबूत किया। उन्होंने बताया:
- मोदी सरकार का रिकॉर्ड: प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना के तहत 1,11,000 करोड़ रुपये तक खर्च किए।
- कांग्रेस का रिकॉर्ड: कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में बजट को 40,000 करोड़ से घटाकर 30,000 करोड़ रुपये कर दिया था।
- एनडीए का योगदान: एनडीए सरकार ने मनरेगा के तहत गांवों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए।
- यूपीए का योगदान: यूपीए सरकार के समय में केवल 2 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे।
ये आंकड़े सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में हैं और लोग इन्हें लेकर बहस कर रहे हैं।
विकास कहां हुआ?
कृषि मंत्री ने वीडियो में सवाल उठाया कि इतनी बड़ी धनराशि खर्च करने के बावजूद कांग्रेस के कार्यकाल में गांवों का कोई ठोस विकास हुआ क्या? उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब जरूरत है मनरेगा को बदलकर ऐसी योजना लाने की जो मजदूरों के ज्यादा हित में हो। जो वास्तव में गरीब मजदूरों को फायदा पहुंचाए, न कि बिचौलियों और ठेकेदारों को।
MGNREGA क्यों है विवादों में
मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना है। यह योजना 2005 में यूपीए सरकार के दौरान शुरू की गई थी। इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में गरीब परिवारों को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार देना है।
लेकिन पिछले कुछ सालों से यह योजना लगातार विवादों में रही है। कभी पेमेंट में देरी की शिकायतें आती हैं, तो कभी भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं।
नेटिजन्स की प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर शिवराज सिंह चौहान के इस वायरल वीडियो पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ यूजर्स कृषि मंत्री के बयान का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक हमला बता रहे हैं। ट्रेंडिंग सेक्शन में यह वीडियो टॉप पर चल रहा है।
राजनीतिक घमासान
शिवराज सिंह चौहान के इस वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से जवाबी हमला आना तय है।
यह पहली बार नहीं है जब भाजपा और कांग्रेस के बीच MGNREGA को लेकर जुबानी जंग हुई है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर इस योजना के नाम पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप लगाती रहती हैं।
शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके इस वायरल वीडियो को भाजपा की तरफ से कांग्रेस पर हमले की एक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बहस होगी, यह तय है। फिलहाल तो सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है और लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
















