अमरावती: महाराष्ट्र की राजनीति में Maharashtra Mahayuti Seat Sharing को लेकर चल रही बातचीत के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। अमरावती में मीडिया से बात करते हुए सीएम फडणवीस ने साफ कर दिया कि महायुति गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी और अलायंस पक्का है।
क्या बोले मुख्यमंत्री फडणवीस?
सीएम फडणवीस ने कहा, “सीट शेयरिंग को लेकर बहुत ही पॉजिटिव चर्चा चल रही है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह मामला जल्द से जल्द सुलझ जाएगा। अलायंस जरूर होगा, इसमें कोई दिक्कत नहीं है।” उनके इस बयान से Maharashtra Mahayuti Seat Sharing फॉर्मूले को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण इस पूरी चर्चा को लीड कर रहे हैं। उनके साथ चंद्रशेखर बावनकुले, आशीष शेलार और हर म्युनिसिपल सेक्टर के खास नेता भी इस बातचीत में शामिल हैं। सभी मिलकर एक सर्वमान्य फॉर्मूला तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
रात तक मिली जानकारी बेहद पॉजिटिव
फडणवीस ने बताया कि कल रात तक जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक बातचीत बेहद पॉजिटिव ट्रैक पर चल रही है। इससे साफ है कि महायुति के तीनों बड़े घटक – भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के बीच आम सहमति बनती नजर आ रही है।
म्युनिसिपल इलेक्शन के लिए अहम है यह फॉर्मूला
महाराष्ट्र में जल्द होने वाले म्युनिसिपल इलेक्शन के लिहाज से Maharashtra Mahayuti Seat Sharing का फॉर्मूला काफी अहम है। राज्य की सभी नगर पालिकाओं और महानगर पालिकाओं में गठबंधन को मजबूती से उतरना है। ऐसे में सीटों का सही बंटवारा जरूरी हो जाता है ताकि कहीं भी दोहरी लड़ाई न हो।
किन नेताओं की है अहम भूमिका?
प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के नेतृत्व में यह पूरी एक्सरसाइज चल रही है। चंद्रशेखर बावनकुले जो भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, आशीष शेलार जो मुंबई भाजपा अध्यक्ष हैं, और दूसरे स्थानीय नेता भी इसमें शामिल हैं। हर जिले और म्युनिसिपल एरिया के हिसाब से अलग-अलग चर्चा हो रही है ताकि स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखा जा सके।
विपक्ष को मिलेगा झटका
अगर महायुति का Maharashtra Mahayuti Seat Sharing फॉर्मूला सफल रहता है तो इससे विपक्ष को बड़ा झटका लगेगा। महा विकास आघाडी जो कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद पवार गुट) का गठबंधन है, उसके सामने चुनौती खड़ी हो जाएगी। खासतौर से म्युनिसिपल इलेक्शन में स्थानीय मुद्दे ज्यादा मायने रखते हैं और एक मजबूत गठबंधन फायदे में रहता है।
पिछले अनुभव से सीख
विधानसभा चुनाव में महायुति ने शानदार जीत दर्ज की थी। उस समय भी सीट शेयरिंग को लेकर थोड़ी देरी हुई थी लेकिन अंत में सबकुछ सुलझ गया था। इस बार भी वही फॉर्मूला अपनाया जा रहा है – आपसी बातचीत, स्थानीय नेताओं की राय और जमीनी समीकरणों को देखते हुए फैसला।
अब क्या होगा आगे?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ताजा बयान से साफ हो गया है कि Maharashtra Mahayuti Seat Sharing जल्द फाइनल हो जाएगी। गठबंधन मजबूत है और तीनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ेंगी। अब देखना यह होगा कि अंतिम फॉर्मूला क्या आता है और किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं। फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है और जल्द ही बड़ा ऐलान हो सकता है।
इनपुट – अनुरुध्द उगले
















