महाराष्ट्र के धुले नगर निगम चुनाव के बीच Imtiaz Jaleel Dhule Campaign चर्चा का केंद्र बन गया है। AIMIM के वरिष्ठ नेता और सांसद इम्तियाज जलील ने धुले में आयोजित एक चुनावी कैंपेन मीटिंग में BJP और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिना विरोध उम्मीदवार चुने जाने, मुस्लिम बहुल इलाकों में ड्रग मार्केट फैलाने और चुनाव में पैसे के खुले इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया।
बिना विरोध उम्मीदवार चुनना लोकतंत्र के लिए खतरा: जलील
Imtiaz Jaleel Dhule Campaign के दौरान जलील ने कहा कि महाराष्ट्र में कई जगहों पर BJP उम्मीदवार बिना किसी विरोध के चुन लिए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र की बुनियाद पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है।
जलील ने दावा किया कि करोड़ों रुपये खर्च कर उम्मीदवारों को खरीदा जा रहा है, उन्हें धमकाया जा रहा है और नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खत्म करने की साजिश है।
मुस्लिम इलाकों में ड्रग मार्केट को लेकर गंभीर आरोप
Imtiaz Jaleel Dhule Campaign में जलील ने धुले, मालेगांव, मुंब्रा और भिवंडी जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां जानबूझकर ड्रग मार्केट को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका आरोप था कि मुस्लिम युवाओं को ड्रग डीलरों द्वारा टारगेट किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ी को कमजोर किया जा सके।
उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है, लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। जलील ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया और कहा कि सरकार की चुप्पी बेहद चिंताजनक है।
एकनाथ शिंदे पर पैसों के इस्तेमाल का आरोप
Imtiaz Jaleel Dhule Campaign के दौरान जलील ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि औरंगाबाद लोकसभा चुनाव में उन्हें हराने के लिए हेलीकॉप्टर से पैसों के बैग उतारे गए थे।
उन्होंने कहा कि BJP, शिवसेना और अन्य पार्टियों ने एकजुट होकर सिर्फ एक ही लक्ष्य रखा था कि इम्तियाज जलील चुनाव न जीत सकें। जलील ने कहा कि चाहे नतीजे कुछ भी हों, वह सच्चाई बोलते रहेंगे।
मकर संक्रांति और पतंग चुनाव चिन्ह पर विवाद
मकर संक्रांति और मतदान एक ही दिन होने को लेकर भी Imtiaz Jaleel Dhule Campaign में बयान सामने आया। जलील ने सभी हिंदू भाइयों को संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और कहा कि 14 तारीख को सभी लोग अपने-अपने झंडे के साथ पतंग उड़ाएं।
इस दौरान उन्होंने शिंदे सेना के एक मंत्री पर निशाना साधा, जिसने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर AIMIM के पतंग चुनाव चिन्ह पर आपत्ति जताई थी। जलील ने तंज कसते हुए कहा कि अगर पतंग संक्रांति का प्रतीक है, तो फिर हाथ, घड़ी, कमल और सूरज जैसे चुनाव चिन्हों पर भी सवाल उठना चाहिए।
उन्होंने व्यंग्य में कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उस मंत्री से गुजारिश करेंगे कि उनकी मौत के बाद उनका दिमाग सुरक्षित रखा जाए।
धुले चुनाव में सियासी तापमान तेज
Imtiaz Jaleel Dhule Campaign के बाद धुले नगर निगम चुनाव का माहौल और गरमा गया है। जलील के बयानों ने सत्ताधारी दलों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन आरोपों को किस तरह लेती है और इसका असर वोटिंग पर कितना पड़ता है।
















