महाराष्ट्र: Dhule Election 2025 के लिए नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन मंगलवार 30 दिसंबर को भारी उमड़ देखने को मिली। इसी बीच प्रभाग नंबर 16 से महामंडलेश्वर पार्वती नंदगिरी जोगी ने तृतीयपंथी यानी निर्दलीय उमेदवार के तौर पर नगरसेवक पद के लिए अपना नामांकन पत्र जमा कराया। उनकी एंट्री से अब इस प्रभाग का चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।
साथियों के साथ भरा नामांकन
धुळे महानगरपालिका के चुनाव अधिकारी कार्यालय में उपजिल्हाधिकारी एवं निर्वाचन निर्णय अधिकारी महादेव खेडकर के सामने पार्वती नंदगिरी जोगी ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ नामांकन पत्र जमा किया। इस मौके पर सहायक चुनाव अधिकारी तथा शहर तहसीलदार वैशाली हिंगे भी मौजूद रहीं। जोगी के समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया।
महिला सशक्तिकरण और विकास है मुख्य एजेंडा
Dhule Election 2025 में अपनी उम्मीदवारी के मकसद को लेकर महामंडलेश्वर पार्वती नंदगिरी जोगी ने कहा कि धुळे शहर के प्रभाग नंबर 16 का चौतरफा विकास करना उनका पहला लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
जोगी ने कहा, “हमारा मानना है कि जब महिलाएं सशक्त होंगी तो पूरा समाज मजबूत होगा। साथ ही सामाजिक समावेश, बुनियादी नागरिक सुविधाएं जैसे पानी, सड़क, सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारे एजेंडे में शामिल है।”
उन्होंने प्रभाग के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल करें और उन्हें भारी बहुमत से जिताएं। जोगी ने विश्वास जताया कि जनता का साथ मिला तो वे अपने हर वादे को पूरा करेंगी।
आखिरी दिन दिखी जबरदस्त भीड़
नामांकन भरने के अंतिम दिन धुळे शहर के पांचों चुनाव केंद्रों पर जबरदस्त भीड़भाड़ देखी गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के साथ-साथ बड़ी तादाद में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। Dhule Election 2025 में इस बार पहले से कहीं ज्यादा उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है।
चुनाव कार्यालय के बाहर समर्थकों की टोलियां नारे लगाते हुए नजर आईं। कई जगह तो ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन गई। प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया था।
भाजपा में बगावत का सुर, पार्टी को झटका
Dhule Election 2025 में इस बार पार्टियों के अंदर बगावत का सुर साफ तौर पर सुनाई दे रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि खासतौर पर भाजपा को इसका सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। कई नाराज नेताओं ने पार्टी टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
इससे पार्टी के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बगावत से कई सीटों पर वोट बंटने की स्थिति बन सकती है, जिससे चुनाव के नतीजे अप्रत्याशित हो सकते हैं।
तृतीयपंथी उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या
इस बार के चुनाव में तृतीयपंथी यानी निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। महामंडलेश्वर पार्वती नंदगिरी जोगी जैसे कई सामाजिक और धार्मिक हस्तियों ने भी इस बार चुनावी मैदान में कदम रखा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Dhule Election 2025 में निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती भागीदारी से पारंपरिक राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। प्रभाग 16 में भी अब त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला होने की संभावना बन गई है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि महिला उम्मीदवार होने और सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण पार्वती नंदगिरी जोगी को अच्छा समर्थन मिल सकता है। हालांकि, मैदान में उतरे अन्य दिग्गज उम्मीदवारों को देखते हुए चुनाव आसान नहीं होगा।
धुळे महानगरपालिका के इस चुनाव में प्रभाग 16 अब सबकी नजरों में है। देखना होगा कि पार्वती नंदगिरी जोगी की यह पहल किस हद तक कामयाब होती है और क्या वे अपने विकास के एजेंडे से मतदाताओं को प्रभावित कर पाती हैं।
Dhule Election 2025 में मतदाताओं से अपील है कि वे जरूर वोट डालें और योग्य उम्मीदवार को चुनकर लोकतंत्र को मजबूत करें।
















