Diarrhea Outbreak: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में डायरिया ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से शहर के कई वार्डों में इस बीमारी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। अब तक 128 मरीज अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। वहीं, एक बुजुर्ग महिला और एक बच्ची की मौत की खबर सामने आई है।
परिजनों का कहना है कि दोनों की मौत डायरिया की वजह से हुई है, लेकिन प्रशासन ने इस दावे को नकार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पहले से बीमार थे और मौत का कारण कुछ और हो सकता है।
दर्जनभर वार्डों में फैला संक्रमण
जानकारी के मुताबिक, शहर के करीब एक दर्जन वार्ड दूषित पानी की चपेट में आ गए हैं। नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे डायरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
स्थिति बिगड़ते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य अमले को सक्रिय किया है और प्रभावित वार्डों में घर-घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
खंडवा मेडिकल टीम पहुंची बुरहानपुर
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडवा मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की टीम बुरहानपुर पहुंच चुकी है। यह टीम पानी के सैंपल और मरीजों की जांच कर रही है ताकि बीमारी के फैलने के कारणों का पता लगाया जा सके।
जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर, एसडीएम, सीएमएचओ समेत वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं।
जिला पंचायत सीईओ ने कहा, “हमारी टीम लोगों के घर-घर जाकर उन्हें सही सलाह और उपचार दे रही है। सभी वार्डों में मेडिकल टीमें तैनात हैं और हर घर की निगरानी की जा रही है।”
सीएमएचओ बोले – जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कारण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आर.के. वर्मा ने बताया कि अब तक 128 केस सामने आ चुके हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा,
“खंडवा मेडिकल टीम वार्डों में सर्वे कर रही है। डायरिया किस कारण से फैल रहा है – दूषित पानी, खाना या अन्य वजह – यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। पहले दिन केस ज्यादा थे, लेकिन अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं।”
बुजुर्ग महिला और बच्ची की मौत को लेकर डॉ. वर्मा ने कहा कि
“बुजुर्ग महिला को पहले से शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या थी, जबकि बच्ची पहले से बीमार थी। दोनों की मौत डायरिया से सीधे तौर पर जुड़ी हुई नहीं लगती, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी।”
ADM ने बताया – अलग-अलग कारणों से फैल रहा संक्रमण
एडीएम वीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन लगातार अस्पताल और प्रभावित वार्डों में निगरानी कर रहा है।
“मरीजों से पूछताछ में पता चला कि किसी ने खिचड़ी खाई थी, तो कोई चिप्स खाकर बीमार हुआ। यानी संक्रमण के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। जांच जारी है और प्रभावित इलाकों से पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और नागरिकों को साफ पानी पीने, उबला हुआ पानी इस्तेमाल करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।
लोगों में डर, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
डायरिया के मामलों में तेजी आने के बाद अब लोगों में डर और सतर्कता दोनों बढ़ी है। कई परिवार अब बाजार का खाना खाने से बच रहे हैं और पानी को उबालकर पी रहे हैं।
प्रशासन ने नगर निगम को सख्त निर्देश दिए हैं कि पानी की सप्लाई लाइन और टैंकों की सफाई तुरंत की जाए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त बेड और दवाओं की व्यवस्था की है।
हालात पर नजर, रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल बुरहानपुर में डायरिया का संक्रमण नियंत्रित करने की कोशिशें तेज हैं। डॉक्टरों की टीम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह तय हो सके कि बीमारी का असली कारण क्या है – पानी, खाना या कोई अन्य वजह।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे साफ-सुथरा भोजन करें, उबला पानी पिएं और किसी भी तरह की उल्टी-दस्त की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
















