मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर में डायरिया ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। पिछले 24 घंटे में 40 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा छोटे बच्चे शामिल हैं। अस्पताल के मेडिकल और शिशु वार्ड के सभी बेड भर चुके हैं, जिससे डॉक्टरों और स्टाफ को काफी परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि “पिछले 24 घंटे में डायरिया से पीड़ित करीब 40 मरीज आए हैं। इनमें से कई मरीजों को भर्ती किया गया है, जबकि गंभीर हालत वाले मरीजों को मेडिकल वार्ड और पीआईसीयू में रखा गया है।”
उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज लोहार मंडी और आसपास के वार्डों से आ रहे हैं, जहां डायरिया के सबसे ज्यादा केस मिल रहे हैं।
नगर निगम की टीम अलर्ट, पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
डायरिया फैलने की जानकारी मिलते ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है।
निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि “अस्पताल से सूचना मिलते ही टीम को प्रभावित इलाकों में भेजा गया है। लोहार मंडी में सर्वे का काम शुरू हो गया है और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि अगर किसी इलाके में पानी दूषित पाया गया, तो वहां तुरंत क्लोरीन मिलाने और पाइपलाइन की सफाई का काम किया जाएगा।
जल आवर्धन योजना बनी मुसीबत का कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में चल रही जल आवर्धन योजना (Water Supply Project) इस समस्या की बड़ी वजह बन गई है।
कई वार्डों में पाइपलाइन डालने का काम अभी भी अधूरा है, जगह-जगह खुदाई के चलते पानी की सप्लाई दूषित हो रही है।
लोगों ने बताया कि यह योजना तो शहर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू हुई थी, लेकिन अब यही योजना बीमारी फैलाने का कारण बन रही है।
कई इलाकों में पाइपलाइन से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसे लोग मजबूरी में इस्तेमाल कर रहे हैं।
बच्चों की स्थिति सबसे चिंताजनक
डॉक्टरों के अनुसार, डायरिया से पीड़ित बच्चों की स्थिति ज्यादा गंभीर है।
शिशु वार्ड और पीआईसीयू (बाल गहन चिकित्सा इकाई) में ज्यादातर मरीज 5 साल से कम उम्र के हैं।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी मरीजों का निःशुल्क इलाज और दवाइयां दी जा रही हैं, ताकि किसी को आर्थिक दिक्कत न हो।
प्रशासन की अपील – उबला हुआ पानी पिएं, सावधानी बरतें
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल सिर्फ उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
खुले में रखे खाने-पीने की चीज़ों से बचें और बच्चों को बाहर का खाना न दें।
नगर निगम ने शहरभर में स्वच्छता अभियान और क्लोरीन पानी वितरण शुरू करने की घोषणा की है।
स्थानीय लोगों की नाराज़गी – ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
लोगों में इस बात को लेकर भी नाराज़गी है कि जल आवर्धन योजना के ठेकेदार ने समय पर काम पूरा नहीं किया।
खुदाई का काम अधूरा छोड़ने से सड़कें टूटी हैं और नालियों का पानी पाइपलाइन में मिल रहा है।
नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम और जिला प्रशासन जिम्मेदार ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करें।
चेतावनी और अपील
बुरहानपुर शहर में डायरिया का फैलना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों के लिए चेतावनी का संकेत है।
अगर समय रहते पानी की आपूर्ति और सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
फिलहाल लोगों से अपील है कि सतर्क रहें, स्वच्छता बरतें और किसी भी तरह के लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचें।
















