मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए कलेक्टर हर्ष सिंह एक्शन मोड में हैं। रविवार को उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर इलाजरत मरीजों से बातचीत की और डॉक्टरों से इलाज की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने मरीजों की देखभाल में कोई लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए और कहा कि साफ-सफाई और पीने के पानी की शुद्धता पर खास ध्यान रखा जाए।
कलेक्टर ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने नगर निगम क्षेत्र के आलमगंज और लोहारमंडी इलाके का भी दौरा किया। उन्होंने डायरिया नियंत्रण की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने लोगों से पूछा कि पानी की सप्लाई और सफाई व्यवस्था ठीक से हो रही है या नहीं।
कलेक्टर ने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर हर घर में सर्वे करने के निर्देश दिए, ताकि बीमार लोगों की पहचान कर समय पर इलाज पहुंचाया जा सके। उन्होंने साफ कहा कि पानी की गुणवत्ता की जांच जरूरी है, इसलिए वॉटर टेस्टिंग तत्काल की जाए और नियमित मॉनिटरिंग भी जारी रखी जाए।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री चौहान, एसडीएम श्री गौड़ और नगर निगम आयुक्त श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
लोहारमंडी में लगाया गया स्वास्थ्य शिविर
डायरिया नियंत्रण के लिए वार्ड नंबर 25 लोहारमंडी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। यहां दोपहर 12 बजे तक कुल 22 लोगों की जांच हुई, जिनमें से 5 मरीजों में उल्टी-दस्त के लक्षण मिले। इनमें से 2 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
शिविर में स्वास्थ्य टीम ने लोगों को ओआरएस और क्लोरीन की गोलियां वितरित कीं। साथ ही नागरिकों को समझाया गया कि वे केवल उबला हुआ या क्लोरीन से शुद्ध किया हुआ पानी ही पिएं।
स्वास्थ्य टीम घर-घर पहुंच रही है
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से घर-घर सर्वे कर रही है। टीम के सदस्य लोगों से स्वास्थ्य की जानकारी लेकर जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज का प्रबंध कर रहे हैं।
आशा, एएनएम और एमपीडब्ल्यू कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को समझा रहे हैं कि दस्त शुरू होते ही ओआरएस का घोल पिएं, और बच्चों का खास ध्यान रखें।
टीम ने बताया कि शिविर में सभी मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां और डॉक्टरों की सलाह दी जा रही है।
पानी के सैंपल लिए गए, जांच जारी
डायरिया के कारणों को समझने के लिए नगर निगम द्वारा अलग-अलग जगहों से पानी के सैंपल लिए गए हैं। सैंपल मरीजों के घरों से भी लिए गए हैं ताकि पता चल सके कि पानी दूषित तो नहीं है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि संक्रमण कहां से फैला।
जनता से कलेक्टर की अपील
कलेक्टर हर्ष सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। नागरिक अपने घर के आसपास सफाई रखें, पानी उबालकर पिएं और किसी भी तरह की बीमारी की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
जागरूकता ही बचाव है
बुरहानपुर में प्रशासन की सख्ती के साथ-साथ नागरिकों की सतर्कता भी जरूरी है। साफ पानी, स्वच्छ माहौल और समय पर इलाज से डायरिया को नियंत्रित किया जा सकता है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर पूरी निगरानी रखी है, लेकिन असली सफलता तब मिलेगी जब लोग खुद भी एहतियात बरतेंगे।
















