मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने Competition की तैयारी कर रहे OBC और Minority वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए बड़ा फैसला लिया है। MP Free Coaching Scheme 2026 के तहत अब हजारों बच्चों को PSC, NEET, JEE और दूसरी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी बिल्कुल फ्री में कराई जाएगी। इस योजना का सीधा फायदा उन बच्चों को मिलेगा जो टैलेंटेड तो हैं, लेकिन कोचिंग फीस और रहने के खर्च की वजह से तैयारी नहीं कर पा रहे थे।
क्या है MP Free Coaching Scheme 2026?
राज्य सरकार OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए संभाग स्तर पर फ्री कोचिंग सेंटर शुरू करने जा रही है। यहां PSC, NEET, JEE, CLAT और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की फुल तैयारी कराई जाएगी, जिसमें क्लासरूम टीचिंग से लेकर स्टडी मटेरियल तक सब कुछ फ्री रहेगा। इस MP Free Coaching Scheme 2026 पर सरकार लगभग 17 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है और टारगेट है कि 4000 से ज्यादा स्टूडेंट्स को सीधा फायदा दिया जाए।
अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग ने इस योजना का पूरा प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया है, मंजूरी मिलते ही कोचिंग संस्थानों के चयन के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू हो जाएगी। खास बात यह है कि यह योजना पहले भी चलती थी, लेकिन करीब तीन साल से बंद थी, अब इसे फिर से अपग्रेड फॉर्म में शुरू किया जा रहा है।
स्टूडेंट्स को क्या–क्या मिलेगा?
इस योजना में सिर्फ फ्री कोचिंग ही नहीं, बल्कि स्टूडेंट्स को अलग–अलग तरह के भत्ते भी दिए जाएंगे, ताकि वे बिना आर्थिक टेंशन के पढ़ाई कर सकें। चयनित छात्रों को हर महीने 500 रुपये स्टाइपेंड, 1,000 रुपये आवास भत्ता और 1,000 रुपये आउट–स्टेशन भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही उनकी तैयारी के लिए जरूरी स्टडी मटेरियल भी सरकार की तरफ से उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का मकसद है कि OBC और Minority Background के बच्चों को बराबरी का मौका मिले और वे भी बड़े स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपना कौशल दिखा सकें। इस तरह MP Free Coaching Scheme 2026 शिक्षा में समान अवसर और बेहतर करियर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
MPPSC Pre के लिए स्पेशल कोचिंग
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) प्री परीक्षा के लिए भी खास कोचिंग प्लान तैयार किया गया है। भोपाल और इंदौर में एक साल का कोर्स चलाया जाएगा, जिसमें 700 स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन और स्क्रीनिंग के आधार पर मेरिट से चुना जाएगा। हर छात्र पर 30 हजार रुपये तक की कोचिंग फीस सरकार देगी, लेकिन उसके लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है।
यहीं नहीं, प्री क्वालिफाई करने वाले छात्रों के लिए मेंस तैयारी के लिए 10 हजार रुपये और इंटरव्यू व Personality Development कोर्स के लिए 5 हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे। इससे न सिर्फ लिखित परीक्षा बल्कि इंटरव्यू में भी स्टूडेंट्स का Confidence और Communication Skill मजबूत होगा।
बैंक, SSC, Railway जैसी Exams की भी तैयारी
PSC, NEET और JEE के अलावा सरकार ने अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बड़ा प्लान बनाया है। प्रदेश के 10 संभागों में Bank, Railway, SSC और अन्य डिपार्टमेंट की Exams के लिए नौ माह के कोर्स चलाए जाएंगे। हर संभाग में 500 से 600 सीटें होंगी और प्रति छात्र सरकार कोचिंग संस्थान को 20 हजार रुपये तक की राशि देगी।
इस मॉडल से District और Division Level पर ऐसे युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा, जो ग्रेजुएशन के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं लेकिन महंगी कोचिंग नहीं कर पा रहे। MP Free Coaching Scheme 2026 के जरिए सरकार Job Oriented competitive preparation पर फोकस कर रही है, ताकि युवाओं की Selection Ratio बढ़े।
CLAT, NEET और JEE के लिए Metro Level कोचिंग
कानून की पढ़ाई का सपना देख रहे स्टूडेंट्स के लिए भी अच्छी खबर है। सरकार चार बड़े शहरों में CLAT की फ्री कोचिंग शुरू करेगी, साथ ही NEET और JEE की तैयारी भी इसी प्लान में शामिल होगी। कोचिंग संस्थान ना सिर्फ पढ़ाई कराएंगे, बल्कि छात्रों के रहने और अन्य बेसिक सुविधाओं की व्यवस्था भी खुद करेंगे।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में 11वीं से दो साल का कोर्स चलाया जाएगा, यानी स्टूडेंट्स को बोर्ड और Entrance दोनों की तैयारी साथ–साथ कराई जाएगी। हर साल प्रति छात्र 30 हजार रुपये, यानी कुल मिलाकर 60 हजार रुपये तक का खर्च सरकार की तरफ से वहन किया जाएगा।
मंत्री का बयान: उज्जवल भविष्य की तैयारी
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा है कि मोहन सरकार लगातार जनता के हित में फैसले ले रही है। उन्होंने साफ कहा कि MP Free Coaching Scheme 2026 का मकसद OBC और Minority वर्ग के बच्चों को फ्री और क्वालिटी कोचिंग देकर उनका भविष्य सुरक्षित करना है। मंत्री के अनुसार, सरकार भत्तों के जरिए यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि छात्रों को तैयारी के दौरान पैसों की परेशानी न झेलनी पड़े।
इस पहल से Competition की तैयारी कर रहे युवाओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि अब Talent के सामने पैसे की कमी बड़ी रुकावट नहीं बनेगी। यदि योजना सही टाइम पर और सही तरीके से Implement होती है, तो आने वाले सालों में PSC, NEET, JEE और अन्य Exams में MP के रिजल्ट पर इसका साफ असर देखा जा सकता है।
















