- जहर खुरानी आरोपी गिरफ्तार
- 10 राज्यों में वारदातें कबूली
- CCTV और साइबर टीम से खुलासा
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने जहर खुरानी कर चोरी और लूट की दर्जनों वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी की पहचान रविन्द्र सिंह चौहान उर्फ दिलीप सिंह चौहान (36), निवासी ग्राम मुसमरिया, थाना चुरखी, जिला जालौन (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। यह आरोपी अपने अपराधों को अंजाम देने के लिए अलग-अलग नाम और पहचान का इस्तेमाल करता था और खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों का विश्वास जीत लेता था।
घटना का खुलासा ऐसे हुआ
दरअसल मामला 15-16 मई 2025 की रात का है। बुरहानपुर के इंदिरा कॉलोनी में राकेश श्रीवास्तव के घर सुंदरकांड का आयोजन हो रहा था। रात में कार्यक्रम खत्म होने के बाद राकेश, उनकी पत्नी और श्याम ठाकुर का एक परिचित रविन्द्र सिंह चौहान घर में रुके। अगली सुबह राकेश श्रीवास्तव की मौत हो गई और उनकी पत्नी बेहोशी की हालत में मिलीं। घर से सोने-चांदी के जेवर, मोबाइल फोन और DVR समेत कई कीमती सामान गायब थे।
राकेश की बेटियों और पत्नी के बयान के बाद पुलिस को शक हुआ कि उन्हें कोई जहरीला या नशीला पदार्थ खिलाया गया है। इस पर थाना लालबाग पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
साइबर सेल और CCTV फुटेज से मिला सुराग
घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगालने पर आरोपी को सिंधी बस्ती चौराहे और रेलवे स्टेशन के पास बैग और थैली लिए जाते हुए देखा गया। जांच में पता चला कि वह भुसावल के एक होटल में ‘दिलीप सिंह’ नाम से रुका था और फर्जी आधार व मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था।
पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले तो सामने आया कि यह शख्स कई राज्यों में जहर खुरानी की वारदातें कर चुका है। दिगर राज्यों की पुलिस से जानकारी लेने पर उसकी असली पहचान रविन्द्र सिंह चौहान उर्फ दिलीप सिंह चौहान के रूप में हुई।
उत्तर प्रदेश से हुई गिरफ्तारी
बुरहानपुर पुलिस की टीम ने आरोपी की तलाश में उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में दबिश दी और उसे गांव उरई से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बुरहानपुर समेत देश के कई शहरों में वारदातें करने की बात कबूल की।
देशभर में फैला अपराध का नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी ने कानपुर, उत्तराखंड, लखनऊ, मेरठ, अहमदनगर, बनारस, अटा, भोपाल, गुना और बुरहानपुर समेत कई जगह जहर खुरानी कर चोरी की वारदातें की हैं।
इन वारदातों में आरोपी का तरीका एक जैसा था – वह किसी जान-पहचान वाले के जरिए घर में घुसता, भरोसा जीतता और फिर खाने-पीने में नशीला पदार्थ मिलाकर लोगों को बेहोश कर देता। इसके बाद वह जेवर, नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो जाता।
आरोपी के कबूलनामे में शामिल वारदातें
कानपुर (2025) – बैंक मैनेजर के घर से ₹65,000 नकद और सोने के जेवर चोरी।
उत्तराखंड (2023) – श्यामु नामक व्यक्ति के घर से चैन और अंगूठी की चोरी, गिरफ्तारी भी हुई।
लखनऊ (2024) – होटल में 35 हजार की चोरी, पीड़ित को एक साथ 6 नशीली गोलियां खिलाईं।
मेरठ (2023) – आर्मी कैंट इलाके में चैन, अंगूठी और नकदी की चोरी।
भोपाल (2025 मार्च) – रिटायर्ड शिक्षक के घर से फोन और ₹65,000 की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन।
अहमदनगर (2025) – इंजीनियर के घर से 3 लाख के जेवर की चोरी।
बनारस (2021) – चैन, अंगूठी और मंगलसूत्र की चोरी, ₹85,000 में बेच दिया।
बुरहानपुर (2025) – राकेश श्रीवास्तव के घर से जेवर, मोबाइल, DVR और नकदी की चोरी।
पुलिस टीम की सराहना
इस मामले के खुलासे में CSP गौरव पाटील, निरीक्षक अमित सिंह जादौन, उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह उईके और साइबर सेल टीम के साथ कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने घर में न रुकने दें और खाने-पीने में सावधानी बरतें। खासकर ऐसे लोगों से सतर्क रहें जो खुद को पुलिसकर्मी या सरकारी अधिकारी बताकर विश्वास जीतने की कोशिश करें।













