मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक बार फिर Burhanpur Hakimi Hospital Death Case ने सुर्खियां बटोरी हैं। लालबाग रोड स्थित हाकिमी हॉस्पिटल में 30 वर्षीय युवक नागेश चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद मामला गरमा गया है और परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने अस्पताल को घेर लिया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी अस्पताल में कुछ समय पहले नागेश की पत्नी वैष्णवी चौहान की भी ऑपरेशन के दौरान मौत हो चुकी है। पहले पत्नी और अब पति की मौत ने इस पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है।
पहले पत्नी फिर पति की मौत – क्या है पूरा मामला?
नागेश चौहान, जो गेंदालाल चौहान के पुत्र थे, की पत्नी वैष्णवी चौहान को कुछ महीने पहले ऑपरेशन के लिए इसी हाकिमी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान कथित लापरवाही के चलते वैष्णवी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद काफी हंगामा हुआ था और पीड़ित परिवार ने अनशन पर बैठकर न्याय की मांग की थी।
परिवार के विरोध और सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के हस्तक्षेप के बाद बुरहानपुर जिले में पहली बार किसी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई। जांच अधिकारियों ने भी अस्पताल की लापरवाही को माना था, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
हाईकोर्ट में भी लड़ाई, लाइसेंस निरस्तीकरण बरकरार
अस्पताल प्रबंधन ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन पीड़ित परिवार अपने वकील के साथ कोर्ट में डटकर खड़ा रहा और मजबूत दलीलें पेश कीं। अंततः हाईकोर्ट ने भी लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई को यथावत रखा।
इस मामले के बाद कई अन्य पीड़ित परिवार भी सामने आए, जिन्होंने इस अस्पताल के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं। पीड़ित परिवार मीसाबंदी गांव से संबंध रखता है।
RTI एक्टिविस्ट्स पर भी लगे आरोप
जब यह मामला चर्चा में आया तो कुछ RTI एक्टिविस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी इस केस को उठाने के लिए पहुंचे। लेकिन पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि RTI एक्टिविस्ट आनंद दीक्षित और यूट्यूबर संजय दुबे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे थे। परिवार ने इन्हें जमकर लताड़ा और इनके खिलाफ दर्ज मामलों को भी उजागर किया।
पीड़ित परिवार के अनुसार, इन दोनों के खिलाफ शाहपुर और निंबोला थाने में मामले दर्ज हैं और वे फिलहाल फरार चल रहे हैं। 2020 में कोरोना काल के दौरान जिला अस्पताल में लाखों रुपये के गबन का भी इन पर आरोप है।
अब नागेश की संदिग्ध मौत से नया विवाद
अब Burhanpur Hakimi Hospital Death Case में एक और चौंकाने वाला मोड़ आया है। मृतका वैष्णवी चौहान के पति नागेश चौहान की भी इसी अस्पताल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नागेश के साथ एक और व्यक्ति भी घायल हुआ है, जो इसी अस्पताल से संबंधित बताया जा रहा है।
यह घटना उस अस्पताल में हुई है जिसका लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सील अस्पताल में यह घटना कैसे हुई?
पुलिस ने क्या कहा?
उप पुलिस अधीक्षक प्रीतम सिंह ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हाकिमी अस्पताल में एक अप्राकृतिक मौत (Unnatural Death) की घटना हुई है। मृतक की पहचान नागेश चौहान, पुत्र गेंदालाल चौहान के रूप में हुई है। थाना लालबाग में मर्ग दर्ज कर लिया गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम जांच कर रहे हैं कि वह वहां कैसे पहुंचा, किन हालातों में पहुंचा और आखिर वहां क्या हुआ। हालांकि अस्पताल सील है, लेकिन संचालक का आवास परिसर से सटा हुआ है। इसलिए हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।”
FSL टीम ने की मौके का मुआयना
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है। टीम ने मौके का बारीकी से मुआयना किया। खून के धब्बे, गोली या कारतूस के निशान, CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स – हर एंगल से केस की जांच की जा रही है।
पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
ग्रामीणों का आरोप – गोली चलने की घटना
मृतक के गांव के लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है, “गोली चलने की घटना हुई है और उसमें हमारे गांव का नागेश मारा गया। या तो उसे मारा गया है या फिर षड्यंत्र के तहत अस्पताल में बुलाया गया था। इस एंगल से भी मामले की जांच होनी चाहिए।”
ग्रामीणों और परिजनों ने अस्पताल को घेर लिया है और न्याय की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि इस बार सच्चाई सामने आए और दोषियों को सजा मिले।
क्या है पूरे मामले का टाइमलाइन?
कुछ महीने पहले: वैष्णवी चौहान की ऑपरेशन के दौरान मौत, लापरवाही के आरोप
इसके बाद: परिवार का अनशन, सांसद का हस्तक्षेप
फिर: हाकिमी हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त
अस्पताल की अपील: हाईकोर्ट में गई, लेकिन निरस्तीकरण बरकरार रहा
अब: नागेश चौहान की संदिग्ध मौत, FSL जांच जारी
कई सवाल अभी भी अनुत्तरित
Burhanpur Hakimi Hospital Death Case में कई सवाल अभी भी बेजवाब हैं:
- सील अस्पताल में नागेश कैसे पहुंचा?
- क्या यह एक्सीडेंट था या मर्डर?
- अस्पताल संचालक की क्या भूमिका है?
- क्या पत्नी की मौत और पति की मौत में कोई कनेक्शन है?
- गोली चली या यह कोई और घटना थी?
पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है। CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स से जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। एसपी ऑफिस से लेकर जिला प्रशासन तक सभी अलर्ट मोड में हैं। यह मामला केवल एक मौत का नहीं है, बल्कि एक परिवार के टूटने और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला मामला बन गया है।
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार की नजरें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। वे चाहते हैं कि सच्चाई जल्द से जल्द सामने आए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
एक परिवार का दर्द और न्याय की गुहार
Burhanpur Hakimi Hospital Death Case एक दर्दनाक कहानी है – एक ऐसे परिवार की जिसने पहले पत्नी को खोया और अब पति को भी गंवा दिया। दोनों ही मौतें उसी अस्पताल से जुड़ी हैं जिसका लाइसेंस पहले ही निरस्त हो चुका है।
यह मामला चिकित्सा लापरवाही, जवाबदेही और न्याय प्रणाली के बारे में कई सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में FSL रिपोर्ट और पुलिस जांच से इस पहेली के कई राज खुलने की उम्मीद है।
फिलहाल, एक परिवार अपने प्रियजनों को खोकर न्याय की गुहार लगा रहा है, और पूरा बुरहानपुर शहर इस घटना से स्तब्ध है।
















