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धार: सहकारी समिति प्रबंधक के घर लोकायुक्त का छापा, 4.69 करोड़ की संपत्ति बरामद

धार जिले के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक गोवर्धन मारू पटेल के घर लोकायुक्त इंदौर की टीम ने छापेमारी की। 291% अनुपातहीन संपत्ति मिलने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज।

Edited By: Sameer Mahajan
Updated at: Sat, 06 Dec 2025, 12:06 AM (IST)
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मध्य प्रदेश के धार जिले में लोकायुक्त इंदौर ने बुधवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, लाबरिया के प्रबंधक गोवर्धन मारू पटेल के घर, फार्म हाउस और निजी गोदाम पर एक साथ छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि एक छोटे से सेल्समैन की नौकरी से शुरुआत करने वाले इस अधिकारी ने अपनी कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा कर ली है।

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सुबह 6 बजे शुरू हुई छापेमारी

लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में 26 नवंबर 2025 को तड़के 6 बजे यह अभियान शुरू किया गया। लोकायुक्त की विशेष टीम ने एक साथ चार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। टीम में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान, निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर, सचिन पटेरिया और रेणु अग्रवाल समेत करीब 20 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

आवास से मिला सोना-चांदी और नगदी

सबसे पहले लाबरिया में सरदारपुर-बदनावर रोड पर स्थित गोवर्धन मारू के आवास की तलाशी ली गई। यहां से 2 लाख 4 हजार रुपये नगद, 145 ग्राम सोने के जेवर जिनकी कीमत 15.52 लाख रुपये है, और 1 किलो 230 ग्राम चांदी जिसकी कीमत 96 हजार रुपये आंकी गई, बरामद की गई।

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इसके अलावा घर में मौजूद फर्नीचर, एसी, मोबाइल और अन्य सामान की कीमत करीब 17 लाख रुपये आंकी गई। यह दोमंजिला मकान 14×120 फीट के प्लॉट पर बना है जिसकी सरकारी गाइडलाइन के अनुसार अनुमानित कीमत 82.86 लाख रुपये है। तलाशी के दौरान 8 बैंक खातों की जानकारी और कई बीमा पॉलिसी के कागजात भी मिले।

फार्म हाउस में मिली करोड़ों की संपत्ति

दूसरी जगह लाबरिया में गायत्री स्कूल के पास करीब 2 बीघा जमीन पर बने फार्म हाउस की तलाशी ली गई। यहां 50×30 फीट का दोमंजिला फार्म हाउस और 30×150 फीट का पक्का आरसीसी गोदाम बना हुआ है। इस निर्माण की अनुमानित कीमत 1.05 करोड़ रुपये आंकी गई।

गोदाम में करीब 500 क्विंटल सोयाबीन, 126 बोरी खाद, 12 भैंसें और गायों समेत कुल 20 पालतू जानवर मिले। इसके अलावा 2 ट्रैक्टर, ट्रॉली, सीड ड्रिल मशीन, रोटावेटर, कल्टीवेटर और एसी जैसे उपकरण भी बरामद हुए। यहां कुल 49.34 लाख रुपये की संपत्ति पाई गई। पास की नहर के किनारे खेत पर बोरिंग, कुआं और कमरों की कीमत 9.50 लाख रुपये आंकी गई।

प्राइवेट गोदाम भी सोसायटी को किराए पर दिया

तीसरी जगह बदनावर रोड पर राजू मैकेनिक के पास 12×80 फीट का एक और गोदाम और तलघर मिला। दिलचस्प बात यह है कि इसे खुद की सोसायटी को ही 5000 रुपये महीने के किराए पर दिया गया है। इस गोदाम की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये और अंदर रखे सामान की कीमत 81 हजार रुपये आंकी गई।

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महंगी गाड़ियां और जमीन-जायदाद

आरोपी के पास एक XUV 500 कार, एक हार्वेस्टर मशीन (साझेदारी में) और एक मोटरसाइकिल मिली, जिनकी कुल कीमत 32.40 लाख रुपये है। इसके अलावा अपने बेटे अरविंद, पत्नी और बहू के नाम कुल 5 हेक्टेयर जमीन खरीदने के कागजात मिले, जिसकी कीमत 74.43 लाख रुपये है।

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देवनारायण मंदिर के सामने 30×70 फीट का एक और मकान मिला जिसकी अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये है। यह मकान किराए पर दिया हुआ है।

300 रुपये वेतन से शुरू किया था करियर

जांच में सामने आया कि गोवर्धन मारू पटेल को 1984 में सिर्फ 300 रुपये महीने के वेतन पर सेल्समैन के तौर पर नियुक्त किया गया था। आज वह 65,000 रुपये महीना वेतन पाते हैं। अनुमान के मुताबिक अब तक उन्हें वेतन-भत्ते के रूप में कुल 80 लाख रुपये मिले होंगे। उनके पास पैतृक कृषि भूमि भी है जिससे अनुमानित 40 लाख रुपये की आय हुई होगी।

इस तरह कुल 1.20 करोड़ रुपये की आय के मुकाबले 4.69 करोड़ रुपये की संपत्ति पाई गई, जो 291 प्रतिशत अनुपातहीन है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त इंदौर कार्यालय में अपराध क्रमांक 0/52/2025 धारा 13(1)(बी) और 13(2) भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है।

यह छापेमारी सहकारी समितियों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की मुहिम का हिस्सा है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि कोई भी अधिकारी अपनी आय से अधिक संपत्ति जमा करके कानून से बच नहीं सकता।

छापेमारी में करीब 20 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम शामिल थी जिन्होंने पूरे दिन अलग-अलग जगहों पर तलाशी और दस्तावेजों की जांच का काम किया।

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Ravi Sen

रवि सेन महाकाल की नगरी उज्जैन के निवासी हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता में कदम रखा और दैनिक लोकस्वामी के उज्जैन एडिशन के स्थानीय संपादक के रूप में 12 साल तक अपनी सेवाएं दी। इसके बाद, रवि सेन नेशनल न्यूज़ चैनल TV9 भारतवर्ष के उज्जैन ब्यूरो के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, वे अपना खुद का साप्ताहिक अखबार हेडलाइन टुडे भी उज्जैन से प्रकाशित करते हैं और Fact Finding न्यू एज डिजिटल मीडिया से भी जुड़े हैं। रवि सेन को क्राइम, राजनीति और ग्राउंड रिपोर्टिंग में गहरी पकड़ के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने करियर में कई विशेष रिपोर्ट्स की हैं, जिन्होंने समाज को नई दिशा देने में मदद की है।

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