मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। Lokayukt Indore Trap में जनपद पंचायत भगवानपुरा के लेखाधिकारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई गुरुवार 26 फरवरी 2026 को की गई। लोकायुक्त की टीम ने पूरे प्लान के तहत ट्रैप बिछाया और आरोपी को रकम लेते ही दबोच लिया।
मामला ग्राम बिष्टान के ठेकेदार राजेश पंवार से जुड़ा है। राजेश छोटे स्तर पर लेबर रेट पर काम लेते रहे हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने खुद ठेकेदारी शुरू की। ग्राम पंचायत हीरापुर में सीसी रोड और चेक डैम का करीब 10 लाख रुपये का काम स्वीकृत कराने के लिए उन्होंने जनपद पंचायत में फाइल लगाई थी।
‘मैडम के 5% और मेरे 2%’ की मांग
आरोप है कि फाइल 20 जनवरी 2026 को लेखाधिकारी को सौंपी गई। उसी दौरान उन्होंने 10 हजार रुपये ले लिए और आगे का खेल भी समझा दिया। ठेकेदार के मुताबिक आरोपी ने साफ कहा कि “सीईओ मैडम के 5 प्रतिशत और मेरे 2 प्रतिशत लगेंगे।”
कुल 10 लाख के काम में 50 हजार रुपये सीईओ के नाम पर और बाकी हिस्सा खुद के लिए बताया गया। इस मांग से परेशान होकर राजेश पंवार ने सीधे में शिकायत दर्ज कराई।
सत्यापन के बाद बिछा जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पहले गोपनीय सत्यापन किया। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसी दौरान आरोपी ने दो नई फाइलों को मंजूरी देने के बदले फिर 10 हजार रुपये की मांग कर दी।
आवेदक ने अंबाह पंचायत के सरपंच से दो नए कामों के ठहराव प्रस्ताव मंजूर कराए और तय हुआ कि 26 फरवरी को फाइलें और रिश्वत की रकम साथ में सौंपी जाएगी।
यहीं से Lokayukt Indore Trap की तैयारी शुरू हुई। ट्रैप दल का गठन किया गया और पूरी प्रक्रिया कानून के मुताबिक की गई।
10 हजार लेते ही पकड़ा गया
गुरुवार को जैसे ही आरोपी लेखाधिकारी ने राजेश पंवार से 10 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई खरगोन में की गई। पूरी कार्रवाई के दौरान नोटों पर पहले से रासायनिक पाउडर लगाया गया था, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई।
इस ऑपरेशन में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। टीम में प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, शैलेन्द्र सिंह बघेल, कमलेश तिवारी और प्रभात मोरे शामिल रहे।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस Lokayukt Indore Trap ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि काम की फाइलें आगे बढ़ाने के नाम पर प्रतिशत का खेल अभी भी जमीनी स्तर पर चल रहा है। हालांकि, शिकायतकर्ता की हिम्मत और लोकायुक्त की सक्रियता से इस मामले में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकी।
ठेकेदारों में चर्चा
खरगोन और भगवानपुरा क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद चर्चा तेज है। कई छोटे ठेकेदारों का कहना है कि प्रतिशत के दबाव में काम करना मुश्किल होता है, लेकिन खुलकर शिकायत करने की हिम्मत कम लोग जुटा पाते हैं।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या पहले भी इसी तरह की मांग की गई थी।








