मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसी घटना सामने आई है जो दिल दहला देने वाली है। शक्तिनगर चौपाटी पर चाऊमीन का ठेला लगाने वाले 45 साल के मोनू चक्रवर्ती की रविवार रात बेरहमी से हत्या कर दी गई। Jabalpur chowmein murder के इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह हत्या महज चाऊमीन में सॉस को लेकर हुए एक मामूली विवाद का नतीजा थी।
क्या था पूरा मामला?
रविवार की रात मोनू चक्रवर्ती अपने ठेले पर हमेशा की तरह ग्राहकों को चाऊमीन परोस रहे थे। तभी क्षेत्र का कुख्यात बदमाश अमन चक्रवर्ती अपने दो साथियों ताशु यादव और रोहित झारिया के साथ वहां आ धमका। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, तीन दिन पहले अमन और मोनू के बीच चाऊमीन में ज्यादा सॉस डालने को लेकर बहस हो गई थी। यही छोटी सी नोकझोंक इतनी बड़ी रंजिश में बदल गई कि तीनों आरोपियों ने मिलकर मोनू की जान ले ली।
घटना के चश्मदीद बताते हैं कि आरोपी पहले मोनू से गाली-गलौज करने लगे। जब मोनू ने उन्हें समझाने की कोशिश की और विवाद रोकने को कहा, तो तीनों ने उन पर हमला बोल दिया। सबसे भयावह बात यह रही कि आरोपियों ने मोनू को जमीन पर गिराकर चाकू से इतने वार किए कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौके पर मची अफरा-तफरी
Jabalpur chowmein murder की इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। चौपाटी पर मौजूद लोग भागने लगे। खून से लथपथ मोनू को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मोनू की मौत की खबर सुनते ही उनके परिजन और इलाके के लोग सड़क पर उतर आए। गुस्साए परिवार वालों ने चौपाटी के सामने ही शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं और रास्ता जाम कर दिया। परिजनों की मांग साफ थी – सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
घटना की सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हत्या का केस दर्ज किया। CSP आशीष जैन ने बताया कि आरोपियों में से एक रोहित झारिया को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, मुख्य आरोपी अमन चक्रवर्ती और ताशु यादव अभी भी फरार हैं। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए तीन अलग-अलग टीमें लगा दी हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।
दिलचस्प बात यह है कि परिजनों ने एक चौथे व्यक्ति नंदू तिवारी का भी नाम लिया है। पुलिस इस मामले में उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
संदिग्ध पहलू
Jabalpur chowmein murder केस में एक और दिलचस्प मोड़ आया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी रोहित झारिया को कथित तौर पर चाकू लगने की बात कही जा रही है, लेकिन वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान में इसका कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस इस पहलू की अलग से जांच कर रही है कि रोहित को चाकू वाकई लगा था या यह कोई बहाना है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि सभी आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की छानबीन की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनका पहले भी किसी आपराधिक मामले में नाम रहा है।
समाज के लिए चिंता का विषय
यह घटना समाज में बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता की ओर इशारा करती है। एक छोटी सी बहस कैसे इतनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है, यह सोचकर ही रूह कांप जाती है। मोनू चक्रवर्ती एक मेहनती इंसान थे जो अपने ठेले पर ईमानदारी से काम करके अपने परिवार का पेट पाल रहे थे।
Jabalpur chowmein murder का यह मामला यह भी दिखाता है कि कैसे छोटे-छोटे विवादों को सुलझाने की बजाय लोग हिंसा का रास्ता अपना रहे हैं। समाज को इस तरह की घटनाओं से सबक लेने की जरूरत है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों को पकड़ने में जुटी है। परिजनों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है और ऐसे बदमाशों पर लगाम कसने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
इस दर्दनाक घटना में एक परिवार ने अपना कमाने वाला खो दिया। उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
















